MMJPV Sansthanam

MMJPV Sansthanam MMJPV Sansthanam is established by PT MAHAVIR JI is working in astrological field since 1965 and wor

गुरुदेव पंडित श्री महावीर प्रसाद जी शास्त्री के आशीर्वाद से श्री मदनमोहन मंदिर के श्रावण मास में 33 दिवस का रुद्राभिषेक ...
20/07/2025

गुरुदेव पंडित श्री महावीर प्रसाद जी शास्त्री के आशीर्वाद से श्री मदनमोहन मंदिर के श्रावण मास में 33 दिवस का रुद्राभिषेक पूजन अनुष्ठान पिछले 45 वर्षों से अनवरत चल रहा है, इस वर्ष भी गुरुदेव की कृपा से उन्हीं के द्वारा आरम्भ की गई परंपरा का निर्वहन करते हुए समस्त भक्तजनों के द्वारा नित्य भगवान शिव का दुग्धाभिषेक रुद्रपाठ सहित किया जाता है।।
भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी भक्तजनों पर बनी रहे.🙏.

श्री गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुदेव के श्रीचरणों के कोटि कोटि प्रणाम।।सभी पर गुरुजी की अखंड कृपा बनी रहे।।🙏।।
10/07/2025

श्री गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुदेव के श्रीचरणों के कोटि कोटि प्रणाम।।

सभी पर गुरुजी की अखंड कृपा बनी रहे।।🙏।।

श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री श्याम महोत्सव, ग्राम कलिंगा, भिवानी में दिनांक 25 फरवरी 2023 से 03 मार्च 2023 तक गुरुजी पंडित ...
12/02/2023

श्रीमद्भागवत कथा एवं श्री श्याम महोत्सव, ग्राम कलिंगा, भिवानी में दिनांक 25 फरवरी 2023 से 03 मार्च 2023 तक गुरुजी पंडित महावीर प्रसाद जी शास्त्री के श्रीमुख से आरंभ होने जा रही है।

होलिका दहन का विवरण।।
24/03/2021

होलिका दहन का विवरण।।

24/03/2021
दीपावली पूजन का विस्तृत विवरण
12/11/2020

दीपावली पूजन का विस्तृत विवरण

रक्षा बंधन उत्सव मनाने का शुभ समय । श्री मदन मोहन पंचांग के अनुसार🙏
01/08/2020

रक्षा बंधन उत्सव मनाने का शुभ समय । श्री मदन मोहन पंचांग के अनुसार🙏

नमस्कार ।।🙏।।आप सभी मित्र बंधुओं को जानकर अति हर्ष होगा के आप सब के प्रिय श्री मदन मोहन ज्योतिष कार्यालय द्वारा अब ऑनलाइ...
18/07/2020

नमस्कार ।।🙏।।
आप सभी मित्र बंधुओं को जानकर अति हर्ष होगा के आप सब के प्रिय श्री मदन मोहन ज्योतिष कार्यालय द्वारा अब ऑनलाइन सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। विश्व भर में चल रहे कोरोना संकट के मद्देनजर आप सभी ज्योतिष प्रेमियों की भावना को ध्यान में रखते हुए ही इस सेवा को कार्यालय के द्वारा आरंभ किया गया है । अब आप सभी फोन व्हाट्स ऐप एवम् ई मेल के जरिए अपनी सभी प्रकार की समस्याओं का उचित एवम् शास्त्र सम्मत समाधान पा सकेंगे ।
सभी प्रकार की जन्म पत्री भी अब आप पूर्ण फलादेश के साथ ऑनलाइन पा सकेंगे । पी डी एफ फॉर्मेट में आपको जन्मपत्रिका ई मेल या वॉट्सएप के माध्यम से भेजने की सुविधा है ।
अब कभी भी कहीं भी बैठे आप ज्योतिषीय समाधान प्राप्त कर सकते है ।
हमारे फेसबुक पेज को ज्यादा से ज्यादा लाइक और फॉलो करें।

धन्यवाद
पंडित श्रीकांत महावीर शास्त्री ।

17/07/2020

प्लीज़ लाइक शेयर और चैनल को सब्स्क्राइब करें।

भारतीय ज्योतिष शास्त्र – चंद्र ज्योतिषशास्त्र, चंद्र राशिफल, चंद्र राशि कुंडलीभारतीय ज्योतिष को चन्द्र ज्योतिष भी कहते ह...
17/07/2020

भारतीय ज्योतिष शास्त्र – चंद्र ज्योतिषशास्त्र, चंद्र राशिफल, चंद्र राशि कुंडली
भारतीय ज्योतिष को चन्द्र ज्योतिष भी कहते हैं, इसकी उत्पत्ति वेदों से हुई है। भारतीय ज्योतिष में १२ राशियां हैं –
मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुंभ
मीन
राशियां बाद में विकसित हुई थीं. भारतीय ज्योतिष का आधार नक्षत्र हैं. कुल २७ नक्षत्र हैं. २८ वां नक्षत्र अभिजीत है जिसे कुंडली अध्ययन के समय शामिल नहीं किया जाता है।

वेद और शास्त्रों के अनुसार ५ तत्व माने गए हैं-
अग्नि
जल
पृथ्वी
वायु
आकाश
कुंडली अध्ययन के समय इन पांचों तत्वों के साथ ही नक्षत्र और राशियों को ध्यान में रखा जाता है। गगन या आकाश तत्व को सर्वाधिक महत्त्व दिया जाता है। किसी की भी कुंडली में लग्न सबसे प्रभावी माना जाता है, क्योंकि यह ‘स्व’ को सूचित करता है और इसपर आकाश तत्व का आधिपत्य होता है।

भारतीय ज्योतिष पद्धति नक्षत्र पर आधारित कैलेंडर का अनुसरण करता है। इसके केंद्र में चन्द्रमा होता है। चन्द्रमा मष्तिष्क और भावना पर नियंत्रण रखता है। राशियों में चन्द्रमा सबसे तेज चलनेवाला ग्रह है और इसके समर्थन के बिना कोई कार्य संभव नहीं हो सकता। जो पाश्चात्य ज्योतिष का ज्ञान रखते हैं उन्हें यह पता होगा कि वहां ‘वोईड ओफ़ कोर्स’ का सिद्धांत चलता है। इसका मतलब है कि यदि चन्द्रमा का कोई स्थान नहीं हो तो कोई भी कार्य संपन्न नहीं होता। वैसे तो सभी ग्रह समान रूप से महत्व रखते हैं लेकिन चन्द्रमा को प्रमुख इसलिए माना जाता है क्योंकि यह मष्तिष्क का नियंत्रक है।

दशा पद्धति – वैदिक ज्योतिष का एक प्रमुख भाग
जन्म की राशि, डिग्री, मिनट और सेकण्ड को भारतीय ज्योतिष में दशा माना जाता है जो व्यापक रूप से ग्रहों की अवधि के रूप में जाने जाते हैं। ये बाद में भी फ़ारसी ज्योतिष प्रणाली‘अल फिरदेरिया’ या ‘फिरदर’ के रूप में पाए गए। भारतीय ज्योतिष इसे बहुत सरल बनाता है क्योंकि हर चीज को समय के सूक्ष्म हिस्से में बांटा जा सकता है। ज्योतिष की सभी पद्धतियों में से भारतीय पद्धति में ही समय को सूक्ष्मतम इकाई में बांटने की क्षमता है, इसी कारण से यह अधिक सटीक माना गया है।

दशा पद्धतियां कई हैं पर उनमें से दो बहुत प्रचलित थीं- अष्टोत्तरी और विंशोत्तरी लेकिन समय के साथ विंशोत्तरी दशा पद्धति ने सभी दशा पद्धतियों को आत्मसात कर लिया। विंशोत्तरी पद्धति ‘ट्राईन आस्पेक्ट्स्’ पर आधारित है। ट्राईन ऊर्जा उत्पन्न करता है और यह भाग्य पर नियंत्रण रखता है। इसलिए किसी के अच्छे या बुरे समय के बारे की भविष्यवाणि के लिए विंशोत्तरी सर्वश्रेष्ठ दशा पद्धति है।

ग्रहों की गति
वैदिक पद्धति में ग्रहों की गति को महत्व दिया जाता था क्योंकि वहां दशा पद्धति थी। बहुत से ज्योतिष दशा और गति को एकसाथ नहीं मिलाते क्योंकि ऐसा करना आवश्यक नहीं है।

वार्षिक भविष्यवाणी
वर्ष फल ताजिक नीलकंठ ने प्रारंभ किया था, बाद में वे भारतीय ज्योतिष का अनिवार्य अंग बन गए। पाश्चात्य ज्योतिष जो चन्द्रमा ज्योतिष की तरह ही है, इसमें एक विशेषता होती है जिसे ‘सोलर रिटर्न’ कहते हैं। लेकिन भारतीय ज्योतिष पद्धति स्नेह और वैरा दृष्टि जैसे पक्षों पर आधारित कई मापदंड हैं। इसी तरह, पश्चिमी सोलर रिटर्न में वे भाग्य और सफलता के हिस्से के लिए बहुत महत्व देते हैं. उसी प्रकार वहां चन्द्रमा ज्योतिष प्रणाली में सहम्स वार्षिक भविष्यवाणि में एक मुख्य भूमिका निभाता है। वर्षफल पद्घति में मुन्था का भी एक बहुत अच्छा भविष्य है।

संक्षेप में, भारतीय ज्योतिष, इस महान और सटीक ज्योतिष विज्ञान के गहरे ज्ञान से बना हुआ है जो भविष्य के बारे में पहले ही बता सकता है और समस्याएं पैदा होने से पहले सावधानी बरत लेता है।

Address

Baba Baghdass Temple , Rambass Road
Sadulpur
331023

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

9950833043

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MMJPV Sansthanam posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to MMJPV Sansthanam:

Share