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"बहुत हद तक सच्चाई है यही"मुस्लिम घरो में एक अजीब सा प्रचलन सुरु हो गया है 👈मुस्लिम लड़का 10th पास करते ही जॉब की तलाश म...
16/09/2022

"बहुत हद तक सच्चाई है यही"

मुस्लिम घरो में एक अजीब सा प्रचलन सुरु हो गया है 👈
मुस्लिम लड़का 10th पास करते ही जॉब की तलाश में लग जा रहा और अपनी बहनों को 12th, collage computer classes दुनिया के तमाम एजुकेशन लेने घर से बाहर भेज रहा
मुस्लिम लड़के 14 , 14 की उमर में ही पढ़ाई बंद कर दे रहे और अपनी बहनों को 25 , 25 की उम्र तक खूब चाव से कॉलेज की ओर भेज रहे
मुस्लिम लड़के चिलचिलाती गर्मी में खून को पसीना बना कर पूरे कपड़े गीला कर ले रहे वो भी बस इसलिए ताकि उनकी बहनो को कॉलेज का फीस जमा करने में कोई परेशानी ना हो
मै तो छोटे छोटे भाइयों को पैसे कमाकर अपनी बड़ी बहन को कॉलेज भेजते देख रही हूं
एसा लग रहा जैसे मानो मुस्लिम कौम लड़को से नहीं बल्कि लड़कियों के पढ़ने से आगे बढ़ेगी
ये क्या फितना है अल्लाह
10 क्लास बाद मुस्लिम लड़कियों को अपने क्लासेज में ढूंढने से भी मुसलमान लड़का नहीं मिल रहा नोट्स के लिए ट्यूशन कॉलेज से लेकर कंप्यूटर क्लासेज तक हर जगह दीक्कत का सामना करना पड़ रहा
मजबुर होकर दीनदार लड़कियां भी नारंगियों से मदद के लिए हाथ बढ़ाती है
और बस यही से नारंगी खटमलों को मुस्लिम लड़की पटाने के बहाने मिल जाते है
नोट्स लेने देने से बाते सुरु होती है फिर रास्तों में भी बाते होने लगती है इंफॉर्मेशन शेयर करने के बहाने वॉट्सएप नंबर एक्सचेंज होते है
इस तरह हिजाबी लड़कियों का नरांगियों के साथ रात रात भर चैटिंग सुरु हो जाती है
मुस्लिम भाई थका हारा घर आकर सो जाता है भाई के सोते है उसी भाई के दी हुई फोन पे कॉलेज का नारंगी बॉयफ्रेंड लव स्टिकर सेंड करता है
भाई खर्राटे ले रहा होता है उधर बहन इस्लाम के दुश्मनों के साथ लव चैटिंग खेल रही होती है ।
10 th बाद मुस्लिम लड़कियां नहीं पड़ेगी तब भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता अगर पढ़ रही है तो उनके हर कदम पर आप की नजर होनी चाहिए किस्से दोस्ती हैं किसके साथ उठना बैठना हैं ज्यादा मसले तो उनकी कुफ्फार सहेलियों से होता उनके साथ घूमना फिरना होटल बाजी करना ऐसा करेंगी तो मुर्तद होंगी ही
लेकिन उन लड़कियों के भाई 10th बाद पढ़े तो खुद भी अच्छे जॉब पा सकेंगे और दहेज जुटा कर अपनी बहन का भी सही रिश्ता कर पाएंगे
काफिरों ने घर में रहने वाली पाकीजा मुस्लिम लड़कियों को घर से बाहर निकलवाने के लिए तंज कसा था कि मुसलमान औरतों को पढ़ने नहीं देते
इस बात को गलत साबित करने के लिए मुसलमानों ने अपनी बहनों को बेपर्दा कर घर से बाहर निकाल दिया
गैर इस्लामी रियासत में मुस्लिम भाईयों के साए में मुस्लिम लड़की को इल्म हासिल करनी चाहिए अकेले या भगवाधारियों के बीच नहीं
अकेले भेजकर अपनी बहनों का इमान खतरे में मत डालिए,, पढ़ाईये लेकिन अपनी देखरेख में ,,,,अख्तरी कादरी

 #मुस्लिम_लड़कियाँ_हिन्दू_लड़के #अखिल भारतीय मुस्लिम लड़कियों को हिंदू लड़कों की बहुएं बनाने का एलान किया था याद है या भूल...
13/09/2022

#मुस्लिम_लड़कियाँ_हिन्दू_लड़के

#अखिल भारतीय मुस्लिम लड़कियों को हिंदू लड़कों की बहुएं बनाने का एलान किया था याद है या भूल गए आप लोग पोस्ट को जरा ध्यान से पढ़िए
#पोस्ट बहौत ही कड़वी है ये पोस्ट खास मुस्लिम नोजवानो के लिए है

#महासभा के उपाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच ने वैलेंटाइन डे के मौके पर हवन यज्ञ कर बहू लाओ बेटी बचाव अभियान की शुरूआत की थी और कहा कि मुस्लिम लड़कियों को बहू बनाने पर प्रत्येक हिंदू लड़के को एक-एक लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी याद है या भूल गए पोस्ट को ध्यान से पढ़ते जाइए

#आज दो रस्मों ने मुस्लिम लड़कियों का जीना हराम कर रखा है_एक दहेज , दूसरी जात बिरादरी...आज कितनी ही पढ़ी लिखी दीनदार खूबसूरत लड़कियां इन दो रस्मो की वजह से घर में कुंवारी बैठी है,उनकी उम्र ढल ढल रही है या ढल चुकी है ना जाने कितनी हमारी बहन बेटियां गुमराह होकर गैरो के साथ भाग रही है और उन्होंने अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लिया है...

#उनकी इस बर्बादी के जिम्मेदार उनके मां-बाप और हम लोग भी हैं.. दहेज जैसी लानत को पूरा करने के लिए आज हमारी बहन बेटियां को घरों फैक्ट्रियों मैं गैर मर्दों के साथ काम करना पड़ रहा है और वह गैर मर्द उनकी उनकी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश करते हैं और उठाते भी हैं..!😢

#इस दहेज की वजह से आज लड़की के मां-बाप अपना घर मकान जेवर गिरवी रखकर महंगे सूद ब्याज पर पैसा उठा रहे हैं भीख मांग रहे हैं ..दूसरों के सामने अपनी पगड़िया टोपियां रख रहे हैं सिर्फ दहेज की वजह से जिस लड़के की औकात गाड़ी में पेट्रोल डलवाने की ना हो उसे भी आज दहेज में फोर व्हीलर और टू व्हीलर चाहिए

#दूसरी बीमारी है बिरादरी की,,अपने आप को दूसरे से ऊंचा समझना मैं खान हूं पठान हूं चौधरी हूं सैयद हूं सैफी हूं अंसारी हूं फलाना ढिमकाना हूं जात बिरादरी के मामले में तो हमने कफिरो से भी आगे निकल गए हैं.. बिरादरी में शराबी और लुच्चे से अपनी बहन बेटी का निकाह करने को तैयार है मगर गैर बिरादरी में दीनदार पढ़े-लिखे खूबसूरत लड़कों से शादी करने को तैयार नहीं भले ही लड़की किसी दूसरे कास्ट के साथ भाग जाए या लड़का किसी हिन्दू लड़की को भगा लाएं मगर हम गैर बिरादरी में शादी नहीं करेंगे क्योंकि गैर बिरादरी में शादी करने से हमारी नाक कट जाएगी लोग क्या कहेंगे हमें इसकी परवाह है मगर हमारा रब हमारा अल्लाह हमारे नबी क्या कहेंगे हमें इसकी कोई परवाह नहीं वाह रे ऊंची नाक वालों..!

#यह सब और कुछ नहीं हमारे जाहिल पन की निशानियां है क्योंकि हमारा दूर-दूर तक कुरान हदीस और दीन इस्लाम से कोई वास्ता नहीं हम अपने आलिमों की सुनते नहीं उनकी मानते नहीं जो मन में आया वह करते हैं कुरान क्या कह रहा है हदीस क्या कह रही है हमें इस से कोई मतलब नहीं अल्लाह का क्या हुक्म है हमारे नबी का क्या फरमान है हमें से कुछ लेना-देना नहीं हम तो बस अपने मन की करेंगे जो हमारे बाप दादा करते आ रहे हैं वो करेंगे हम तो अपने बाप दादा का दीन मानेंगे अपने नबी का लाया हुआ दीन नहीं मानेंगे क्योंकि हम मुसलमान नहीं मुनाफिक कपटी और बेईमान है ..माज़रत के साथ

#हम कुरान की और हदीस की नहीं मानेंगे मेरे भाइयों अपनी कॉम की बहन बेटियों पर रहम खाओ तरस खाओ उन्हें गैरो के हाथों का खिलौना बनने से बचाओ.. उनकी इज्जत आबरु की हिफाजत करो.. कलमे वाले और दीनदार भाइयों को अहमियत दे चाहे वह किसी भी जात बिरादरी या अमीर गरीब का बेटा बटी क्यों ना हो गैर बिरादरी में अपने बच्चों का निकाह करना कोई गुनाह नहीं है ना ही कुरान हदीस आपको उसके लिए मना कर रही है लेकिन आज हालात ऐसे है कि हजारो वीडियो और केस सामने आते है मुस्लिम लड़की ने हिन्दू लड़के से शादी और चंद ही दिन में लड़के ने उसे मार कर घर से निकाल दिया हजारो नही लाखो केस है इस तरह के अभी हाल ही के बहौत से इस वजह से मना किया जाता है मुस्लिम लड़कियों को गैरो से शादी के लिए

#अगर आपको अपनी बिरादरी और खानदान में कोई अच्छा रिश्ता नहीं मिल रहा तो बिरादरी के पीछे अड़े ना रहे सही समय पर सही रिश्ता देखकर फौरन उसका निकाह कर दे अपनी बहन - बेटियों को दीन सिखाएं ताकि वह गुमराह होकर गैरो के साथ ना जाए बिना दहेज जात बिरादरी के निकाह करें और अपने प्यारे नबी हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नतों को जिंदा करें और अपनी कौम की तरक्की के हकदार बने ना कि मालो दौलत जात बिरादरी के चक्कर में पड़कर अपनी दुनिया आखिरत को बर्बाद करके गुनाह और अजाब के हकदार बने..!

जिस वली की मज़ार पर अलग-अलग मज़हबों के लोग एक सी लहर लेकर कतारबंद खड़े रहते है...जिस वली ने लोगो की मदद और इंसानियत की भल...
17/08/2022

जिस वली की मज़ार पर अलग-अलग मज़हबों के लोग एक सी लहर लेकर कतारबंद खड़े रहते है...जिस वली ने लोगो की मदद और इंसानियत की भलाई के लिए बादशाहो के तख़्त ठुकरा दिये...जिस वली की ज़िंदगी सादगी और ईमानदारी की लाजवाब मिसाल रही है...जिस वली ने हिंदुस्तान को इस्लाम से रूबरू कराया उन ख़्वाजा मोइनूद्दीन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह के मज़ार पर जो हो रहा है उसे खुली लूट,इंसानियत पर डाका,और ख्वाजा की शान मे गुस्ताखी के सिवा कुछ नही कहा जा सकता लोग जब वलियों के वली के मज़ार पर पहुंचते है तो वहा पहले उन्हे लुटेरो से जूझना पढ़ता है...ये लुटेरे चंबल के डाकुओ से भी ज़्यादा खतरनाक है...क्यूंकी ये हरा,केसरी पंछा डाले ख़ुद को ख़्वाजा का ख़ादिम बताते है...जबकि इनका हर काम बिना पेसे के पूरा नहीं होता है...

आईये थोड़ा खादिम के बारे मे जान लीजिए इसका मतलब होता है-सेवा करने वाला और वो भी ख़ुशी से बिना सवार्थ के....लेकिन इन नाम निहाद कथित सेवा करने वालों ने सारी हदे पार कर रखी है....जैसे ही आप दरगाह के दरवाज़े पर पहुंचते है ये भिकारियों से भी ज़्यादा तेज़ी से आपकी और लपकते है...सवाल ये है की ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ और इनके चाहने वालों के बीच खादिम का क्या काम ?? ये तो सीधा-सीधा वली और मुरीद का मूआमला है लेकिन खादिमों की दलाली इसे सीधे आस्ताने पर नही पहुँचने देती...पल-पल पर पैसे छीने जाते है अगर कोई झांसे मे आ गया तो ठीक वरना डराने धमकाने से भी बाज़ नहीं आते है ये लोग...फिर फूल से लेकर चादर की दुकान तक सब जगह इनकी दलाली होती है बात यही ख़त्म नही हो रही है खादिमों की गुंडा गर्दी का आलम ये है की ये किसी की भी पिटाई कर देते है और लोगो के सामने वही चादर फिर दुकान पर पहुच जाती है..।

अस्ल मे यहां लोगो के जज़्बात के साथ खेला जाता है खादिमों को पता है की उन्हे किस अज़ीम शख्सियत के मज़ार की चौकीदारी मिल गयी है...जिसका वो जमकर फायेदा उठा रहे है जब आप दरगाह के आस-पास की तंग गलियो मे घूमते है तो पता चलता है की ऐसा कोई नशा नही है जो यहा न मिलता हो...... बेचने वाले भी कोई और नही है यही ख़ादिम और इनके खानदान वाले..अगर कोई मोबाइल चोर को आप पकड़ले और पुलिस के हवाले करना चाहे तो ये उसे आकर छुड़ा ले जाते है साफ़ ज़ाहिर है वह भी इनके ही वाले है...जिस दिन दरगाह जाने का मौका मिला उसके एक दिन पहले राहुल गांधी यहा आए थे उनको ज़ियारत कराने के नाम पर भी खादिमों मे ख़ासी लड़ाई हुई...इन लुटेरो की दौलत का अंदाज़ा भी आप नही लगा सकते...जिसने भी खादिम की टोपी पहन रखी है उसे आप आसानी से करोड़पति कह सकते है...इनके नोटो को दीमक खा गई थी जब नोटबन्दी में इन्होंने लूटी कमाई निकाली थी तो... यह सब इस्लाम के ठेकेदार बने घूमते है और काम वो करते है जिसका इस्लाम से कोई लेना देना नहीं है...ख़्वाजा के मज़ार पर ये लोग दिन भर डेरा डाले रहते है और इस समय एक काम ऐसा नही करते जो मेरे ग़रीब नवाज़ ने किया हो..

अल्लाह के ये नेक बंदे जिन्होंने अपनी पूरी उम्र मे एक नमाज़ क़ज़ा नहीं की उनकी क़ब्र के बाहिर ये लोग जो खुद को इनका ख़िदमतगार बताते है उनकी जुमे की नमाज़ का कोई शऊर नही होता...ख़्वाजा साहब की पूरी ज़िंदगी लोगो की भलाई मे गुज़र गयी और ये लुटेरे उनके मज़ार पर खुली डकेती डालते है...ऐसा नही है की इनकी हरकतों से लोग अंजान है सरकार से लेकर मज़हबी पेशवाओ तक सबको यह पता है की यहा क्या हो रहा है...लेकिन किसी की हिम्मत नही है की इसे रोक सके...क्यूंकी पेसा सब दूर पहुंचता है...पार्षद से लेकर mla और सांसद तक...मेने खुद अपने कानों से एक मुजावर को कहते सुना कि हम किसी से नही डरते न पुलिस न नेता न सरकार...तारा गढ़ में तो जैब में हाथ डालकर पैसा लिया जाता है...

इन लुटेरो ने बकायेदा अपने-अपने समय बांध रखे है और उसी के हिसाब से उनका धंधा चलता है..
एक बात और यह देखने मे आई है की दूसरे मज़हब के लोग भी इनका खूब शिकार हो रहे है और उन्हे लगता है की मज़ारों पर ऐसा ही होता होगा...याद रखे आप की चादर की उन्हे कोई ज़ुरुरत नही है इससे न आपको कोई फायेदा है और न उनको कोई फायेदा है...शरीअत का हुक्म है की जब तक एक चादर पूरी तरह से गल न जाये दूसरी न चड़ाई जाये...हमने इन्हे बिगाड़ा है हम ही सुधारेंगे...अपनी माँ-बहनों को वहा लेकर नही जाएँगे...इनके डर से नही डरेंगे...चादर टौकरी मे पैसा न बर्बाद करते हुवे ख्वाजा साहब की तरह उससे किसी यतीम,बेवा औरत की मदद करेंगे...ये लोग सारी फिल्मी हस्तियो यहा तक की हिरोईनो को भी अंदर ले जाते है जो की सख़्त हराम है इससे इस्लाम का गलत चेहरा सबके सामने जाता है..।

दरगाह 20 साल पहले जेसी थी आज भी वेसी ही है औरतों को पेशाब करने तक का कोई इंतिज़ाम नही है कहा जाता है अरबों रुपया???

जिस अल्लाह के वली ने ज़िंदगी भर किसी गेर महरम औरत का नाखून तक नही देखा उनकी मज़ार पर औरते टूट पढ़ती है...इससे तो हम उनकी नाराज़गी लेकर ही लौटेंगे...जो भी लिखा है उसे अच्छे से समझना और खुद फैसला करना की ये सब बदलना चाहिए की नहीं??? हिंदुस्तान के सबसे बड़े वली के मज़ार के आस-पास डाकुओ ने घेरा बंदी कर ली है जिससे आज़ादी बेहद जुरुरी है....

उसका सबसे बहतरीन तरीक़ा है मसलके आला हज़रत, क्योंकि यही है जिसके सिर्फ़ नाम ही से ये पागल हो जाते है सोचिये अगर अमल करेंगे तो क्या अंजाम होगा इनका ??

12/08/2022

इंसान को इंसान से दूर करने वाली पहली चीज़ ज़ुबान दूरी चीज़ पैसा

11/08/2022

मज़ारात पे व उर्स में खुराफात को दूर करे..
मामुलाते अहले सुन्नत गामजन करे
एक एक अल्फाज़ दुरूस्त कहा...

अहले सुन्नत व जमाअत के एक निहायत ही बेहतरीन आलिमे दीन अल्लामा ततहीर अहमद रज़वी ने कई साल पहले अपनी किताब में लिखा था के ...
10/08/2022

अहले सुन्नत व जमाअत के एक निहायत ही बेहतरीन आलिमे दीन अल्लामा ततहीर अहमद रज़वी ने कई साल पहले अपनी किताब में लिखा था के ताजियादारी होते होते कही बूत परस्ती न हो जाये आज उनकी बात हर्फ़ ब हर्फ़ सच हुई अल्लाह पाक इस क़ौम को हिदायत दे अब समझ में आया कि आला हज़रत का ताज़ियादारी के लिए इतना सख़्त हुक्म क्यों है..

(अल क़ुरआन) क्या तुम्हे अक़्ल नही इतनी बड़ी काइनायत ऐक नुक़्ते जितनी ज़मीन के भी छोटे से टुकड़े पे महज़ थोड़े से वक़्त के लिए ऐक ...
25/03/2022

(अल क़ुरआन) क्या तुम्हे अक़्ल नही

इतनी बड़ी काइनायत ऐक नुक़्ते जितनी ज़मीन के भी
छोटे से टुकड़े पे महज़ थोड़े से वक़्त के लिए ऐक छोटा सा इन्सान ज़रा सा इख्तियार (पावर)ज़रा सी कामयाबी ज़रा सी ताक़त ज़रा सी हुक्मरानी लेकर कैसे अपनी असल को भूल जाता है??
(आख़िर मौत है)

22/03/2022

फसाद फैलाने वाले ना बनो?

लोगों के घरों में अंधे बनकर जाओ और वहां से गूंगे बनकर निकलो

ज़ैद ने हामिद से पूछा!!
तुम कहां काम करते हो ??
हामिद : फलां दुकान में!!
माहाना कितनी तनख्वाह देता है ??
हामिद : 12000 रुपये !!
ज़ैद : 12000 रुपये बस…. तुम्हारी ज़िन्दगी कैसे कटती है इतने पैसों में ??
हामिद : (गहरी सांस खींचते हुए) बस यार क्या बताऊँ !!
मीटिंग खत्म हुई !!!

कुछ दिनों के बाद हामिद अपने काम से बेज़ार हो गया। और तनख्वाह बढ़ाने की डिमांड कर दी, जिसे मालिक ने रद्द कर दिया, नौजवान ने जॉब छोड़ दी और बे रोज़गार हो गया। पहले उसके पास काम था अब काम नहीं रहा।

एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा "बच्चा पैदा होने की खुशी में तुम्हारे शौहर ने तुम्हें क्या तोहफा दिया"
सहेली ने कहा कुछ भी नहीं!!
उसने सवाल करते हुए पूछा कि क्या यह अच्छी बात है ?? क्या उसकी नजर में तुम्हारी कोई कीमत नहीं ??

लफ्ज़ों का ये जहरीला बम गिराकर वह सहेली दूसरी सहेली को अपनी फिक्र में छोड़ कर चलती बनी।

थोड़ी देर बाद ज़ोहर के वक्त उसका शौहर घर आया और बीवी का मुंह लटका हुआ पाया, फिर दोनों का झगड़ा हुआ एक दूसरे को लानत भेजी, मारपीट हुई और शौहर ने उसे तलाक दे दिया।

जानते हैं प्रॉब्लम की शुरुआत कहां हुई ??
उस फज़ूल जुमले से जो उसकी अयादत करने आई सहेली ने कहा था।

एक साहब ने एक शख्स से कहा जो अपने बेटे से अलग रहता था।
तुम्हारा बेटा तुम से बहुत कम मिलने आता है क्या उसे तुम से मुहब्बत नही ??
बाप ने कहा : बेटा मसरूफ रहता है, उसके काम का शेड्यूल सख़्त है, उसके बीवी बच्चे हैं, उसे बहुत कम वक्त मिलता है।।
पहला आदमी बोला : वाह, ये क्या बात हुई ? तुम ने उसे पाला पोसा, उसकी हर ख़्वाहिश पूरी की, अब खुद को ख्वाह मख्वाह समझाते हो कि उसको मसरूफियत की वजह से मिलने का वक़्त नही मिलता, ये तो न मिलने का बहाना है।

इस गुफ्तगू के बाद बाप के दिल में बेटे के लिए खलिश पैदा हो गई, बेटा जब भी मिलने आता वह यही सोचता रहता कि उसके पास सबके लिए वक्त है सिवाय मेरे।

याद रखिए जु़बान से निकले अल्फाज़ दूसरे पर बड़ा गहरा असर डाल सकते हैं। बेशक कुछ लोगों की जुबानों से शैतान बोल जाता है।
हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी में कुछ सवालात हमें बहुत मासूम लगते हैं…
तुम ने ये क्यों नहीं खरीदा?
तुम्हारे पास ये क्यों नहीं है?
तुम उस शख्स के साथ पूरी जिंदगी कैसे गुजा़र सकती हो?
तुम उसे कैसे मान सकते हो?

इस तरह के बेशतर सवालात नादानी में या बिला मकसद हम पूछ बैठते हैं जबकि यह भूल जाते हैं कि हमारे यह सवाल सुनने वाले के दिल में नफरत या मोहब्बत का कौन सा बीज बो रहे हैं।

आज के दौर में हमारे इर्द-गिर्द या घरों में जो फसादात हो रहे हैं उनकी जड़ तक जाया जाए तो अक्सर उसके पीछे किसी और का हाथ होता है वह ये नहीं जानते कि नादानी में या जानबूझकर बोले जाने वाले जुमले किसी की जिंदगी को तबाह कर सकते हैं।

फसाद फैलाने वाले ना बनो।

"लोगों के घरों में अंधे बनकर जाओ और वहां से गूंगे बन कर निकलो"

08/03/2022

#कुसूर .किसका .है??
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#औरतों को #मर्दों की #चुभती नजर का शिकवा है,
तो #मर्दों को ये शिकवा है कि #लिबास ही तंग है तो #नजर तो #उठनी ही #उठनी है..
#कसूरवार कौन ??
#मर्द की नजर??
या
#औरत का लिबास.??
#आईये आपका ये ऐतराज भी दूर किये देते हैं.
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की एक हदीस है शायद आपकी नजर से गुजरी हो... हां गुजरी ही होगी लेकिन अंदर उतरी नहीं वर्ना किसी को कोई शिकायत ही न होती.. आप ने फरमाया..
*"" الا ان في الجسد مضغة اذا
صلحت صلح الجسد كله واذا
فسدت فسد الجسد كله الا وهي القلب.""*
तर्जुमा -इंसान के जिस्म में एक गोस्त का लोथङा है अगर वो लोथङा सही हो जाये तो पूरा जिस्म सही हो जाता है और अगर वो ही खराब हो जाये तो पूरा वुजूद ही खराब हो जाता है.. और वो लोथङा इंसान का दिल है.
#अब अगर इस हदीस को सामने रखकर दोनो फरीक अपना मुहासबा करें तो मसला ही खत्म हो जाये और उन्हें समझ आ जाये कि
"" #अंदर अगर "बा हयाई" हो तो बाहर की ''बेहयाई'' देखकर आँखे झुक जाती हैं और जब अंदर ही बेहयाई हो तो बाहर की
"बा हयाई" आँखों में खटकने लगती है
किसी की आँखे तंग और चुस्त जीन्स में जिस्म की नुमाइश करती लड़की देखकर झुक जाती हैं तो
किसी की आँखों में घर से बापर्दा निकली लड़की चुभ जाती है
कुसूर आँखों का नही हमारे 'अंदर' का है
#इसलिए.
""औरत लिबास तंग चुस्त पहनती है नजर नहीं बचा सकते ऐसा कहने वालों ... #कुसूर तुम्हारे अंदर का है अंदर हया हो तो आंखे झुक ही जाती है.
#और "नज़र तेरी गन्दी पर्दा मैं करूँ" कहने वालियों !! कुसूर तुम्हारे पहनावे का नहीं तुम्हारे 'अंदर' का है अंदर अगर
"बा हयाई" होती तो "बेहयाई" पहनावे में न आती
अंदर ही बेहयाई है इसलिये बा-हयाई वाला पर्दा तुम्हे पसन्द नहीं
यहाँ भी कुसूर आँखों का नहीं तुम्हारे 'अंदर' का है
#हमारी बात से इस बात का जवाज कोई न निकाले कि पर्दा तो दिल का होता है नजर का नहीं..
जी नहीं ईमान की ये खसलत है कि ये जितना इंसान के अंदर उतरेगा उतना ही उसके जाहिर पर नुमायां होगा.. अगर ऐसा नहीं है तो अभी अंदर उतरा ही नहीं. आप के सामने सहाबा इकराम और उम्महातुल मुसलिमीन की बेहतरीन मिसालें मौजूद हैं.. उनके जाहिर पर उनके बातिन का नूर छलकता था.. और इस बात की गवाही देता था कि ईमान उनके रगो रेशे में पेवस्त हो चुका है.. इसलिए कोई मेरी बात को गलत रूख न दे..

आज की रात मेराज़ की रात हैआपको और आपके सभी घर वालों को शबे मेराज  की तहेदिल से मुबारकबादनमाज़, तौबा, अस्तग़फा़र दुरूद ए ...
28/02/2022

आज की रात मेराज़ की रात है
आपको और आपके सभी घर वालों को शबे मेराज की तहेदिल से मुबारकबाद

नमाज़, तौबा, अस्तग़फा़र दुरूद ए पाक का कसरत से एहतिमाम करें

अल्लाह तआला आपकी जान, माल, ईमान, इज्ज़त, आबरू,
रिज़्क, इल्म, अमल, कारोबार, दस्तरखान, औलाद, ज़िंदगी, खुशियों, इबादत, अख़लाक़, और उम्र में

बरकतें, रहमतें, वुसअतें, रफ़अतें, और उरूज व बुलंदियाँ अता फरमाऐ आमीन या रब्बुल आलमीन

कचरे में पड़ी रोटियां ज़ुबान ए हाल से यह कह रही होती हैं किपेट भरते ही इंसान अपनी औका़त भूल जाता है
27/02/2022

कचरे में पड़ी रोटियां ज़ुबान ए हाल से यह कह रही होती हैं कि

पेट भरते ही इंसान अपनी औका़त भूल जाता है

◆22 Rajabul Murajjab Yaume Urs Hazrat Sayyeduna Ameer Muawiya رضي اللّٰه تعالى عنه【सहाबी ए रसूल (सय्यदूना अमीरे मुआविया ...
23/02/2022

◆22 Rajabul Murajjab
Yaume Urs Hazrat Sayyeduna Ameer Muawiya رضي اللّٰه تعالى عنه【सहाबी ए रसूल (सय्यदूना अमीरे मुआविया रादिअल्लाहु अन्ह】
अल्लाह पाक के आखरी नबी सल लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया
इन से महब्बत करो बेशक़ में मुआविया से महब्बत करता हूँ और उस शख्स से भी महब्बत करता हूँ जो मुआविया से महब्बत रखता है

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331023

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