16/09/2022
"बहुत हद तक सच्चाई है यही"
मुस्लिम घरो में एक अजीब सा प्रचलन सुरु हो गया है 👈
मुस्लिम लड़का 10th पास करते ही जॉब की तलाश में लग जा रहा और अपनी बहनों को 12th, collage computer classes दुनिया के तमाम एजुकेशन लेने घर से बाहर भेज रहा
मुस्लिम लड़के 14 , 14 की उमर में ही पढ़ाई बंद कर दे रहे और अपनी बहनों को 25 , 25 की उम्र तक खूब चाव से कॉलेज की ओर भेज रहे
मुस्लिम लड़के चिलचिलाती गर्मी में खून को पसीना बना कर पूरे कपड़े गीला कर ले रहे वो भी बस इसलिए ताकि उनकी बहनो को कॉलेज का फीस जमा करने में कोई परेशानी ना हो
मै तो छोटे छोटे भाइयों को पैसे कमाकर अपनी बड़ी बहन को कॉलेज भेजते देख रही हूं
एसा लग रहा जैसे मानो मुस्लिम कौम लड़को से नहीं बल्कि लड़कियों के पढ़ने से आगे बढ़ेगी
ये क्या फितना है अल्लाह
10 क्लास बाद मुस्लिम लड़कियों को अपने क्लासेज में ढूंढने से भी मुसलमान लड़का नहीं मिल रहा नोट्स के लिए ट्यूशन कॉलेज से लेकर कंप्यूटर क्लासेज तक हर जगह दीक्कत का सामना करना पड़ रहा
मजबुर होकर दीनदार लड़कियां भी नारंगियों से मदद के लिए हाथ बढ़ाती है
और बस यही से नारंगी खटमलों को मुस्लिम लड़की पटाने के बहाने मिल जाते है
नोट्स लेने देने से बाते सुरु होती है फिर रास्तों में भी बाते होने लगती है इंफॉर्मेशन शेयर करने के बहाने वॉट्सएप नंबर एक्सचेंज होते है
इस तरह हिजाबी लड़कियों का नरांगियों के साथ रात रात भर चैटिंग सुरु हो जाती है
मुस्लिम भाई थका हारा घर आकर सो जाता है भाई के सोते है उसी भाई के दी हुई फोन पे कॉलेज का नारंगी बॉयफ्रेंड लव स्टिकर सेंड करता है
भाई खर्राटे ले रहा होता है उधर बहन इस्लाम के दुश्मनों के साथ लव चैटिंग खेल रही होती है ।
10 th बाद मुस्लिम लड़कियां नहीं पड़ेगी तब भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता अगर पढ़ रही है तो उनके हर कदम पर आप की नजर होनी चाहिए किस्से दोस्ती हैं किसके साथ उठना बैठना हैं ज्यादा मसले तो उनकी कुफ्फार सहेलियों से होता उनके साथ घूमना फिरना होटल बाजी करना ऐसा करेंगी तो मुर्तद होंगी ही
लेकिन उन लड़कियों के भाई 10th बाद पढ़े तो खुद भी अच्छे जॉब पा सकेंगे और दहेज जुटा कर अपनी बहन का भी सही रिश्ता कर पाएंगे
काफिरों ने घर में रहने वाली पाकीजा मुस्लिम लड़कियों को घर से बाहर निकलवाने के लिए तंज कसा था कि मुसलमान औरतों को पढ़ने नहीं देते
इस बात को गलत साबित करने के लिए मुसलमानों ने अपनी बहनों को बेपर्दा कर घर से बाहर निकाल दिया
गैर इस्लामी रियासत में मुस्लिम भाईयों के साए में मुस्लिम लड़की को इल्म हासिल करनी चाहिए अकेले या भगवाधारियों के बीच नहीं
अकेले भेजकर अपनी बहनों का इमान खतरे में मत डालिए,, पढ़ाईये लेकिन अपनी देखरेख में ,,,,अख्तरी कादरी