06/11/2024
प्रभात फेरी..
आज कल प्रभात फेरी वी फैशन हो गई है परशाद दा रूप बदल गया है हर कोई दूसरे तो ज्यादा वडा पैकेट कर रेया है रोजाना 2 या 3 घर जा रही है कोई ब्रेड पकौड़े. कोई भटूरे. कोई आलू दे परांठे. कोई पुड़िया खिला रहाया है. सोचन वाली गल है . मेरी राय है की सूखा परशाद होवे . 1 जगह चाह होवे इस तरह जल्दी वी हो जावे. सारे नाल जान वापिस वी नाल ही आन अक्सर वापसी समे 5 या 6 लोग ही रह जानदे ने प्रसाद 400 डिब्बे लग जानदे हान जरा विचार करो , अपनी राय जाहिर करो जी
दास
ਸਰਨਜੀਤ ਜੀਤ ਸਿੰਘ