16/05/2025
My New Song
उसके तरकश में तीर बहुत हैं
मुझ जैसे योद्धा वीर बहुत हैं
मगर वो तो किसी एक को ढूंढता है
जो उसकी आज्ञा पर चले उसी को पूछता है
वो नहीं लेता किसी का सहारा
वो न किसी का पक्ष करता है
जो सही है उसकी नजर में
वो तो उसको ही चुनता है
वो जिसे अपना कहता उसे न कभी तजता है
उसके तरकश में तीर बहुत हैं
मुझ जैसे योद्धा वीर बहुत हैं
वो तो कमजोर को भी बलवंत करता है
अपने दास को अपनी आत्मा से भरता है
वो करता है शेरों के मुँह को बंद
जो ज्वालाओं को ठंडा करता है
वो जो हमें जयवंत से भी बढ़कर करता है
उसके तरकश में तीर बहुत हैं
मुझे जैसे योद्धा वीर बहुत हैं
प्रेरित, प्रचारक, शिक्षक, चरवाहे और नबी
हर कहीं फैले हैं उसके सेवक सभी
जान गवां देते हैं उसकी शहादत में
उसकी सेवा से पीछे कोई हटा नहीं
राजदूत यीशु प्रभु के हम कहलाएं तभी
उसके तरकश में तीर बहुत हैं
मुझ जैसे योद्धा वीर बहुत हैं
मगर वो तो किसी एक को ढूंढता है
जो उसकी आज्ञा पर चले उसी को पूछता है
- Ashok John #उसके #तरकश में तीर बहुत हैंमुझ जैसे योद्धा वीर बहुत हैंमगर वो तो किसी एक को ढूंढता हैजो उसकी आज्ञा पर चले उसी क.....