10/08/2026
卐 || • ॐ नमः शिवाय • || 卐
☘️🔱 ᴏᴍ ɴᴀᴍᴀʜ ꜱʜɪᴠᴀya 🪔🧘
#शिवालय तो भारत देश में सर्वत्र विराजमान हैं लेकिन रूद्रप्रयाग "कोटेश्वर" दर्शन जैसा शिवालय #अन्यत्र नहीं है। जहां पर सावन माह में भक्तों को अपार आनंद की अनुभूति होती है, हो भी क्यों नहीं, नदी को घूमते हुए देखा जा सकता है, मानों नदी चक्कर लगा रही है, बार, बार सागर की जैसी लहरें यहां पर उठती हैं, और वापसी होती है। चोटी से जलस्रोतों का लगातार प्रस्फुटन लगता है, शिवजी के सर से जल निकासी होती है, चरणों में गंगा बहती है। ऐसा नजारा अन्यत्र कहीं भी नहीं है, रमणीयता भी चारों तरफ देखने को मिलती है, आमों के पेड़ निकट में जहां आम जनता उन आमों को देखती है, नदी के तटों पर आम ही आम हैं। प्रकृति का वरदान है, भक्तों को जब तक गुफा में दर्शन नहीं हुआ तब तक उन्हें लगता है यात्रा अधूरी ही रही , भयंकर बाढ़ में भी जाते हैं। साधना का योगियों का वही पथ था, सिद्धियां प्राप्त करने हेतु ऐसी गुफाएं थी, सावन माह में युगों से उसी गुफा के अंदर तक पहुंच जाती है नदी, ध्यान मग्न साधू-संत रात्रि विश्राम उसी गुफा में करते थे, यही सिद्धि का पथ था, पहले वहां पर ऐसा नहीं बनाया गया था, जैसा आज देखते हैं,फिसलने का भी भय था देखने योग्य शिवधाम, बारहमासी कोटेश्वर महादेव हैं, साधुओं को रहने के लिए भी वहां पर आज भी सबसे श्रेष्ठ स्थान लगता है। जल गंगा जल उदकजल कोटेश्वर महादेव में पवित्र जल है। योग-ध्यान के लिए यह स्थान सबसे पवित्र स्थान है। भौतिकवाद में इतना उलझ गया है आधुनिक मानव ! जबकि जीवन क्षणभंगुर है। सावन मास में भक्तों को अंधभक्त भी कहते हैं ,जबकि ऐसा नहीं है।बारह महीनों में यही एक सावन माह है, चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ती है। भक्तों को अवश्य एक बार जीवन में कोटेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने अवश्य जाना चाहिए !!
☘️🔱 ᴏᴍ ɴᴀᴍᴀʜ ꜱʜɪᴠᴀya 🪔🧘
👏हर हर महादेव 🌿🚩