Devta Gudaru Diswani

Devta Gudaru Diswani Official Page of the Devta Gudaru Diswani at Darkhool (Darkhul), Diswani. Welcoming devotees for the Shaant Maha-Yagya
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10/01/2026

जय श्री पवासी महासु महाराज, बंगाण जय श्री दारखूल गुड़ारू महाराज, दिसवानीजय श्री गुड़ारू महाराज, गिलटाडीJai ho 🙏
11/12/2025

जय श्री पवासी महासु महाराज, बंगाण
जय श्री दारखूल गुड़ारू महाराज, दिसवानी
जय श्री गुड़ारू महाराज, गिलटाडी
Jai ho 🙏

जागरा उत्सव की शुभकामनाएं और समृद्धि की बधाई
25/08/2025

जागरा उत्सव की शुभकामनाएं और समृद्धि की बधाई

26/01/2025

सम्पूर्ण देव भूमि के अंदर के दो आदि देवथान निरमंड (कुल्लू - जनपद) तथा डीसवानी (शिमला -जनपद) _____________________अलग अलग...
18/01/2025

सम्पूर्ण देव भूमि के अंदर के दो आदि देवथान
निरमंड (कुल्लू - जनपद) तथा डीसवानी (शिमला -जनपद) _____________________

अलग अलग दो जनपदों के इन आदि देवथानो क्षेत्रों की रीति मति खुली।इन रिती मतियो को खोलने व करा नीरा जोड़ने के लिए निरमंड क्षेत्र के आदि ब्रहमदेवता (ऋषि कुमार) परशुराम ने "भूंडा" अनुष्ठान किया,अर्थात भूंडे की शुरुआत निरमंड से शुरू हुई जो वर्तमान में कई बड़े देवता बड़े क्षेत्र में मनाते है,
_______________ इसी तरह दिसवानी गांव में काशमीरा (गुडारू) महाराज ने शक्ति स्थान को जापने के लिए "शांत" महानुष्टान किया, यानि शांत अनुष्ठान की शुरुआत द्वारखूल दिसवानी से हुई,जो वर्तमान में पूरी देवभूमि हिमाचल उत्तराखंड में सभी बड़े द्वारा किया तथा मनाया जाता है__________________________
निरमंड क्षेत्र की काया स्थान से बरूत ने प्रकट होकर भूंडे में बेड़े की शुरुआत सवारी बनकर प्रारंभ की, बरूत और बेड़ा ही "भूंडा" अनुष्ठान की मुख्य और सार्थक रस्में है --------
बठोलीगढ क्षेत्र के दिसवानी गांव में काशमीरा गुडारू महाराज ने उपान लेकर अपने किले द्वारखूल तीर्थ थान से शांत किली,शांत अनुष्ठान को पूर्ण रूप से सफल अखंड बनाने के लिए गुडारू महाराज परशुराम का एक अपरूप "पलछराम" को कलश रूप में ब्राह्मणों की टोलियों (भटोलियों) संग थान पहूंचाकर दिव्य जलधारा (उत्का जल) प्रकट कर अनुष्ठान शांत थान द्वारखूल में कीली।अनुष्ठान में गुडारू महाराज ने प्रथम बलि (फोशाकर) पलछरम को दी तब बड़े पैमाने में काट -बाड हुई थी थान द्वारखूल में,जो सम्पूर्ण हिमाचल की एक पहचान है_____________________
शांत और भूंडे में सभी रस्में अलग अलग है,शांत अनुष्ठान में लिखे गए सभी मंडल भूंडे अनुष्ठान में नहीं लिखें जाते,दोनो अनुष्ठानों के रासो का राज अलग अलग। भूंडे का आकर्षण "बेड़ा" है तथा शांत अनुष्ठान में शिखा फेर आकर्षण के केंद्र है।दोनो अनुष्ठानों में "खुंदो" के हिसाब से सैंकड़ों बलिया चढ़ती है______________ॐ

08/01/2025

Address

Darkhool (Darkhul), Village: Diswani, Post: Kaloti, Tehsil: Chirgaon, District: Shimla (HP)
Rohru
171208

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