Swami Sukhi Anand

Swami Sukhi Anand Swami Sukhi Anand Maharaj Ji is a Science=spirituality

12/12/2023

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एक अलग सत्ता को महसूस करना जीवन की सारी समस्याओं को जन्म देता है.जब सारे बोध खत्म हो जाते हैं. तब आत्मबोध रह जाता है , ज...
12/12/2023

एक अलग सत्ता को महसूस करना जीवन की सारी समस्याओं को जन्म देता है.जब सारे बोध खत्म हो जाते हैं. तब आत्मबोध रह जाता है , जो की संपूर्ण है वास्तविक है तब कोई समस्या नहीं रह जाती।

24/10/2023
Yamkeshwar Mahadev Mandir Uttarakhandभगवान शंकर और यमराज के मध्य भयानक युद्ध हुआ| तत पश्चात यमराज परास्त हो गए और भगवान ...
15/09/2023

Yamkeshwar Mahadev Mandir Uttarakhand

भगवान शंकर और यमराज के मध्य भयानक युद्ध हुआ| तत पश्चात यमराज परास्त हो गए और भगवान शंकर के चरणों में गिरकर क्षमा याचना करने लगे |

अंत में यमराज की स्तुति से प्रसन्न होकर भगवान शंकर यमराज से बोले कि जहां मृत्युंजय जप होता हो उस स्थान पर तुम्हें नहीं जाना चाहिए जिस स्थान पर तुम खड़े हो उस स्थान पर मेरी स्वयंभू लिंग रूपी मूर्ति उत्पन्न हुई है उसका तुम पूजन अर्चन करो|

यह मूर्ति तुम्हारे नाम से ही प्रसिद्ध होगी इस शिवलिंग का जो भी पूजन करेगा उसके पास बड़ी से बड़ी मृत्यु एवं अकाल मृत्यु भी उसके करीब नहीं आएगी इसी कारण {यम} यमराज और{ ईश्वर}भगवान शंकर के नाम से यमकेश्वर नाम पड़ा|

सतयुग में ब्रह्मा जी के पुत्र कुत्स ऋषि तथा कर्दम ऋषि के मृगशृड् नामक पुत्र हुए|

मृगशृड् के तेजस्वी पुत्र मार्कंडेय के 16 वर्ष प्रारंभ होने पर मुनि मृगशृड् का हृदय शोक से व्याकुल हो उठा संपूर्ण इंद्रियों में व्याकुलता छा गई वह दिनता पूर्वक विलाप करने लगे पिता को अत्यंत दुखी और करुणा विलाप करते देख मार्कंडेय ने उनके शोक का कारण पूछा|

मृगशृड् ने शोक का कारण बताया और कहा कि पुत्र भगवान शिव ने तुम्हें केवल 16 वर्ष की आयु दी है|उसकी समाप्ति का समय आ पहुंचा है अतःमुझे शोक हो रहा है|

उस दिन मार्कंडेय जी पूजा में तल्लीन होकर जैसे ही स्तुति करने को उद्यत हुए उसी समय मृत्यु को साथ लिए महिष (भैंस ) पर आरूढ़ होकर यमराज काल बनकर उन्हें लेने आ पहुंचा|

राहु द्वारा चंद्रमा ग्रसने(प्राण लेने के लिए) की भांति गर्जना करते हुए काल ने मार्कंडेय को हर्ट पूर्वक ग्रसना(प्राण खींचना) आरंभ किया|

मार्कंडेय शिवलिंग से लिपट गए उसी समय परमेश्वर शिव उस शिवलिंग से सहसा प्रकट हो गए और हुंकार भर कर प्रचंड गर्जना करते हुए तुरंत ही यमराज के वक्षस्थल(छाती) पर लात मारी मृत्यु देव उनके चरण प्रहार से भयभीत होकर दूर जा पड़े यम से झगड़ा होने के कारण ही इस स्थान का नाम यमरार पड़ा {यमरार का वर्तमान में नाम जिमराड़ी है}

वर्तमान में जो यमकेश्वर नाम का स्थान है वहां पर आकर भगवान शंकर प्रसन्न हो गए और यमराज से बोले कि जहां मेरा मृत्युंजय जप होता हो उस स्थान पर तुम्हें नहीं जाना चाहिए

अंत में यमराज की स्तुति से प्रसन्न होकर शिव ने कहा कि जिस स्थान पर तुम खड़े हो उस स्थान पर मेरी स्वयंभू लिंग रूपी मूर्ति उत्पन्न हुई है उसका तुम पूजन अर्चन करो यह मूर्ति तुम्हारे नाम से ही प्रसिद्ध होगी

इस शिवलिंग का जो पूजन करेगा वह अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं करेगा पुराणों में वर्णित मारकंडे की तपस्थली एवं यमराज द्वारा पूजन अर्चन किया हुआ शिव का मंदिर वर्तमान में Yamkeshwar में स्थित है|

Wealth is a state of consciousness it is a mind condition to divine supply forever flowing since he abides in the consci...
15/09/2023

Wealth is a state of consciousness it is a mind condition to divine supply forever flowing since he abides in the consciousness of Gods eternal supply such a man is always supplied and wathed over by an over shadowing presence

31/07/2023

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1000 से अधिक पुराना यह सिद्ध मंदिर है। यहां बाबा गोरखनाथ के शिष्य बाबा गोगामेडी ने यहां काफी वर्षो तक तप किया था। इस इस ...
25/07/2023

1000 से अधिक पुराना यह सिद्ध मंदिर है। यहां बाबा गोरखनाथ के शिष्य बाबा गोगामेडी ने यहां काफी वर्षो तक तप किया था। इस इस स्थान पर आने वाले हर भगत की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।

इस स्थान की पीढ़ियों से सेवा करने वाले भगत
श्री च्योला भगत जी महाराज
गांव खेरी ढोकिया , सालासर , राजस्थान भारत।
श्री च्योला भगत जी महाराज +919672188399

1000 से अधिक पुराना यह सिद्ध मंदिर है। यहां बाबा गोरखनाथ के शिष्य बाबा गोगामेडी ने यहां काफी वर्षो तक तप किया था। इस इस ...
25/07/2023

1000 से अधिक पुराना यह सिद्ध मंदिर है। यहां बाबा गोरखनाथ के शिष्य बाबा गोगामेडी ने यहां काफी वर्षो तक तप किया था। इस इस स्थान पर आने वाले हर भगत की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।

इस स्थान की पीढ़ियों से सेवा करने वाले भगत
श्री च्योला भगत जी महाराज
गांव खेरी ढोकिया , सालासर , राजस्थान भारत।
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