ग्यारस खाटू धाम की

ग्यारस खाटू धाम की Tirupati Dham Dharmshala (a unit of Shri Shyam Satsang Trust, Chennai) situated at VIP Road (Behinds Khatu Police Station) Khatu ji

21/12/2025

गौ माता और गौभक्त की महिमा

भिंडरावाला को संत बनाने वाली इंदिरा खालिस्तान के कारण नहीं मरी"

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि इंदिरा गाँधी, करपात्री जी महाराज के पास पीएम बनने का आशीर्वाद लेने गई थी, क्योंकि करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद कभी निष्फल नहीं जाता था।
तब करपात्री जी ने इस शर्त पर आशीर्वाद दिया था कि पीएम बनते ही सबसे पहले गौ हत्या के विरुद्ध कानून बना कर गौ हत्या बंद करनी होगी,
इंदिरा जी ने वादा किया कि PM बनने पर पहला काम यही करूंगी।

करपात्री जी महाराज के आशीर्वाद से इंदिरा गाँधी पीएम बनी।

इसके करीब दो महीने बाद करपात्री जी महाराज इंदिरा जी से मिले और उनका वादा याद दिला कर गौ हत्या के विरुद्ध कानून बनाने के लिए कहा तो इंदिरा जी ने कहा कि महाराज जी अभी तो मैं नई नई हूँ, कुछ समय दीजिए। कुछ समय बाद करपात्री जी फिर गए और कानून की मांग की लेकिन इंदिरा ने फिर टाल दिया।

कई बार मिलने और वादा याद दिलाने के बाद भी जब इंदिरा ने गौ हत्या बंद नहीं की, कानून नहीं बनाया तो 7 नवम्बर 1966, उस दिन कार्तिक मास, शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि थी, जिसे हम-आप
🥢गोपाष्‍ठमी🥢 नाम से जानते हैं, को देश का संत समाज, शंकराचार्य, अपने छत्र आदि छोड़ कर पैदल ही, ने आम जनता के साथ, गायों को आगे आगे करके संसद कूच किया, करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय के सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, मध्व संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्य समाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज के प्रतिनिधि, सिखों के निहंग व हजारों की संख्या में मौजूद नागा साधुओं को पंडित लक्ष्मीनारायण जी चंदन तिलक लगाकर विदा कर रहे थे।

लालकिला मैदान से आरंभ होकर नई सड़क व चावड़ी बाजार से होते हुए पटेल चौक के पास से संसद भवन पहुंचने के लिए इस विशाल जुलूस ने पैदल चलना आरंभ किया। रास्ते में अपने घरों से लोग फूलों की वर्षा कर रहे थे। हर गली फूलों का बिछौना बन गया था।

यह हिंदू समाज के लिए सबसे बड़ा ऐतिहासिक दिन था। इतने विवाद और अहं की लड़ाई होते हुए भी सभी शंकराचार्य और पीठाधिपतियों ने अपने छत्र, सिंहासन आदि का त्याग किया और पैदल चलते हुए संसद भवन के पास मंच पर समान कतार में बैठे।

उसके बाद से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। नई दिल्ली का पूरा इलाका लोगों की भीड़ से भरा था। संसद गेट से लेकर चांदनी चौक तक सिर ही सिर दिखाई दे रहा था। कम से कम 10 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी, जिसमें 10 से 20 हजार तो केवल महिलाएं ही शामिल थीं।

जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक के लोग गो हत्या बंद कराने के लिए कानून बनाने की मांग लेकर संसद के समक्ष जुटे थे। उस वक्त इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी और गुलजारी लाल नंदा गृहमंत्री थे।

इस सिंहनाद को देख कर इंदिरा ने सत्ता के मद में चूर होकर संतों, साधुओं, गायों और जनता पर अंधाधुंध गोलियों की बारिश करवा दी, हजारों गाय, साधु, संत और आमजन मारे गए।

गोरक्षा महाभियान समिति के तत्कालीन मंत्रियों में से एक मंत्री और पूरी घटना के गवाह, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं लेखक आचार्य सोहनलाल रामरंग के अनुसार इस गोलीबारी में कम से कम 10 हजार लोग मारे गए थे।

ट्रक बुलाकर मृत, घायल, जिंदा-सभी को उसमें ठूंसा जाने लगा। जिन घायलों के बचने की संभावना थी, उनकी भी ट्रक में लाशों के नीचे दबकर मौत हो गई।

आखिरी समय तक पता ही नहीं चला कि सरकार ने उन लाशों को कहां ले जाकर फूंक डाला या जमीन में दबा डाला। पूरे शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया,

तब करपात्री जी महाराज ने मारी हुई गायों के गले से लिपट कर रोते हुए कहा था कि "हम तो साधु हैं, किसी का बुरा नहीं करते लेकिन तूने माता समान निरपराध गायों को मारा है, जा इसका फल तुझे भुगतना पड़ेगा, मैं श्राप देता हूँ कि एक दिन तेरी देह भी इसी प्रकार गोलियों से छलनी होगी और तेरे कुल और दल का विनाश करने के लिए मैं हिमालय से एक ऐसा तपस्वी भेजूँगा जो तेरे दल और कुल का नाश करेगा"।

आम जनमानस इंदिरा के इस दुष्कृत्य पर दुःखी मन से यही दुआ कर रहा था कि भगवान करे ये भी इसी प्रकार मरे।

अब इसे संयोग कहेंगे या करपात्री जी महाराज का श्राप कि इंदिरा का शरीर ठीक 🥢गोपाष्टमी के दिन उसी प्रकार गोलियों से छलनी हुआ जैसे करपात्री जी महाराज ने श्राप दिया था और अब हिमालय में 6साल तपस्या करने वाले नरेंद्र मोदी के रूप में वह तपस्वी कांग्रेस के विनाश "कांग्रेस मुक्त भारत" अभियान में जुटा है।

जैसे करपात्री जी का आशीर्वाद सदा सफल ही होता था वैसे ही श्राप भी फलीभूत होता था।

अब आप खुद सोचिए क्या ये संयोग है ?
1- संजय गांधी मरा>आकाश में -तिथि थी🥢गोपाष्टमी
2- इन्दिरा गाँधी मरी>आवास- में तिथि थी🥢गोपाष्टमी
3- राजीव गाँधी मरा> मद्रास में -तिथि थी🥢गोपाष्टमी

16/12/2025

Jay Shri Shyam Ji

31/10/2022

जय श्री श्याम

जय श्री श्याम
18/11/2021

जय श्री श्याम

09/09/2021

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आज के श्री श्याम प्रभु जी के पावँन श्रृंगार दर्शन             श्री खाटूधाम सेजय श्री श्याम जी बाबा कृपा बनाये रखेhttps:/...
20/08/2021

आज के श्री श्याम प्रभु जी के पावँन श्रृंगार दर्शन
श्री खाटूधाम से
जय श्री श्याम जी बाबा कृपा बनाये रखे
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#𝐒𝐡𝐲𝐚𝐦𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡𝐂𝐡𝐨𝐮𝐡𝐚𝐧

Jai Shree Shyam | New Launch 2021 - जयकारा | New Bhajan | Shyam Singh Chauhan Latest Khatu Shyam Bhajan 2021...

21/05/2021

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प्रभु राम जी के मंदिर निर्माण को समर्पित बहुत ही शानदार भजन , जो आगे चलकर मंदिर निर्माण के मुख्य भजनों में से एक बनेगा ।...
03/08/2020

प्रभु राम जी के मंदिर निर्माण को समर्पित बहुत ही शानदार भजन , जो आगे चलकर मंदिर निर्माण के मुख्य भजनों में से एक बनेगा । आज ही लांच हुआ है सेवक म्यूजिक चैनल पर , कृपया इसे सुने और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।

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