बगही धाम

बगही धाम �सीताराम �

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26/02/2025

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22/08/2024

जय श्री सीताराम❤️👏

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12/08/2024

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जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥  जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥  जैसे कूदि सिंधु महिपा...
22/06/2024

जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥

जय बजरंग बली।।
जय श्री सीताराम🙏

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥भावार्थ :गुरु ब्रह्म...
17/02/2024

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥
भावार्थ :
गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु हि शंकर है; गुरु हि साक्षात् परब्रह्म है; उन सद्गुरु को प्रणाम ।

्री_सीताराम🚩
#बगही_धाम

13/02/2024

परमात्मा में ही सुखों की खान हैं और परमात्मा को पाने के लिए धर्म पर चलना पड़ता है। #सत्य , #दया , #दान और #तप आदि #धर्म के चार पद हैं। #जीवन में सत्य हो, दया हो, दान हो या फिर तप किया जाए, तभी #परमात्मा की प्राप्ति होती है।

#जय #श्री #राम
#बगही_धाम #सीताराम

पवन तनय बल पवन समाना। बुधि विवके बिग्यान निधाना।।🚩जय श्रीराम🚩🚩जय श्री हनुमान🚩
13/02/2024

पवन तनय बल पवन समाना।
बुधि विवके बिग्यान निधाना।।

🚩जय श्रीराम🚩
🚩जय श्री हनुमान🚩

आज प्रातः ज्ञानवापी मंदिर संपन्न प्रथम पूजा की छायाचित्र. हर हर महादेव..🚩
01/02/2024

आज प्रातः ज्ञानवापी मंदिर संपन्न प्रथम पूजा की छायाचित्र. हर हर महादेव..🚩

01/02/2024

शिव ही सत्य हैं।
सत्य ही शिव हैं।

#बगही_धाम

ASI रिपोर्ट: ज्ञानवापी मस्जिद की जगह पर था बड़ा हिंदू मंदिरआशा है कि सत्य की जीत होगी और जल्द ही नंदी को काशी में उनका श...
26/01/2024

ASI रिपोर्ट: ज्ञानवापी मस्जिद की जगह पर था बड़ा हिंदू मंदिर

आशा है कि सत्य की जीत होगी और जल्द ही नंदी को काशी में उनका शिव वापस मिल जाएगा।।

आज संपूर्ण राष्ट्र अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह अवसर है एक ऐसे उत्साहित कर देने वाले घटनाक्रम का जिसके विधि और...
26/01/2024

आज संपूर्ण राष्ट्र अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह अवसर है एक ऐसे उत्साहित कर देने वाले घटनाक्रम का जिसके विधि और विधान से संपूर्ण राष्ट्र एक जुटता के बंधन में बंधा हुआ है।

रामराज्य की विधि या धर्म सम्मत मर्यादा एक ऐसी समग्र राज्य व्यवस्था से बनी थी है जिसमें सामाजिक जीवन का प्रत्येक कोना धर्म के चार चरणों- सत्य, सोच, दया और दान पर अवलंबित होता है।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक चौपाई में भगवान श्री राम के सशक्त रूप के विषय में वर्णित करते हुए कहा है कि -

सौरज धीरज तेहि रथ चाका। सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका॥
बल बिबेक दम परहित घोरे। छमा कृपा समता रजु जोरे॥

भावार्थ-शौर्य और धैर्य उस रथ के पहिए हैं। सत्य और शील (सदाचार) उसकी मजबूत ध्वजा और पताका हैं। बल, विवेक, दम (इंद्रियों का वश में होना) और परोपकार- ये चार उसके घोड़े हैं, जो क्षमा, दया और समता रूपी डोरी से रथ में जोड़े हुए हैं॥

यह एक ऐसी चतुष्पाद व्यवस्था है जो राज्य और समाज के सभी आधारभूत घटकों को सच्ची श्रद्धा से ओत-प्रोत करते हुए सबकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करती है।

रामायण काल में देव, असुर, राक्षस, दानव, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, मानव आदि के अलग-अलग राज्य हुआ करते थे। वाल्मीकि रामायण से पता चलता है कि उस काल में वैदिक व्यवस्था अपने चरम पर थी। लोग चार आश्रमों का पालन करते थे। कुटुम्ब की भावना और प्रजा की रक्षा उस काल के राजा दायित्व होते थे। रामायण काल में श्रम विभा‍जन की दृष्टि से समाज चार भागों में विभाजित था। इसमें हर वर्ण की बातों को सम्मान मिलता था। प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति को आश्रम में अध्ययन करने, जीवन यापन करने और वर्ण चयन करने की छूट थी।

गोस्वामी तुलसीदास ने रामराज्य को कुछ इस प्रकार समझाया है...

दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा।।
सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।

राम-राज्य में दैहिक, दैविक और भौतिक ताप किसी को नहीं व्यापते। सब मनुष्य परस्पर प्रेम करते हैं और बतायी हुई नीति (मर्यादा) में तत्पर रहकर अपने-अपने धर्म का पालन करते हैं।।

चारिउ चरन धर्म जग माहीं। पूरि रहा सपनेहुँ अघ नाहीं।।
राम भगति रत नर अरु नारी। सकल परम गति के अधिकारी।।
धर्म अपने चारों चरणों (सत्य शौच दया और दान) से जगत् में परिपूर्ण हो रहा है; स्वप्न में भी कहीं पाप नहीं हैं। पुरुषऔर स्त्री सभी रामभक्ति के परायण हैं और सभी परमगति (मोक्ष) के अधिकारी है।।

अल्पमृत्यु नहिं कवनिउ पीरा। सब सुंदर सब बिरुज सरीरा।।
नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना। नहिं कोउ अबुध न लच्छनहीना।।

छोटी अवस्था में मृत्यु नहीं होती, न किसी को कोई पीड़ा होती है। सभी के शरीर सुन्दर और नीरोग हैं। न कोई दरिद्र है, न दुखी है न और न दीन ही है। न कोई मूर्ख है और न शुभ लक्षणों से हीन ही है।।

महार्षि वाल्मीकि रामायण कहते हैं "राघव! आपके राज में सभी लोग निरोग दिखाई देते हैं। बूढ़े प्राणियों के पास भी मृत्यु नहीं फटकती है। स्त्रियां बिना कष्ट के प्रसव करती हैं। सभी मनुष्यों के शरीर हृष्ट–पुष्ट दिखाई देते हैं। मेघ अमृत के समान जल गिराते हुए समय पर वर्षा करते हैं। हवा ऐसी चलती है कि इसका स्पर्श शीतल एवं सुखद जान पड़ता है।

#बगही_धाम परिवार की ओर से आप सभी को 75वें राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

🚩जय सियाराम 🚩

आज श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई एक सुंदर घटना का वर्णन:आज सायंकाल लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से ...
23/01/2024

आज श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई एक सुंदर घटना का वर्णन:

आज सायंकाल लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक पहुंचा। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने देखा, वे बन्दर की ओर यह सोच कर भागे कि कहीं यह बन्दर उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे। परन्तु जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े, वैसे ही बंदर शांतभाव से भागते हुए उत्तरी द्वार की ओर गया। द्वार बंद होने के कारण पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच में से होता हुआ, बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया।

सुरक्षाकर्मी कहते हैं कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आये हों।

🚩जय श्रीराम 🚩

Source- Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra

Address

BAGAHI DHAM, RANJITPUR SITAMARHI
Riga
843327

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