Shree SankatMochan Hanuman Mandir

Shree SankatMochan Hanuman Mandir हनुमान जी चिरंजीवी हैं, शिव जी के ग्यारहवें रुद्रावतार हैं। हनुमान जी भक्तों पर कृपा करने वाले हैं।

17/01/2026

सर्वेषां सनातनानां भक्तानां कल्याणं भवतु॥ जय श्री राम 🙏

12/01/2026

हर हर महादेव 🌺🙏

02/12/2025

एक छोटे से गाँव में गोपाल नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत साधारण परिवार से था, घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, लेकिन उसका मन बचपन से ही रामभक्त हनुमान जी में लगा रहता था। रोज़ सुबह उठकर वह मंदिर जाता, हनुमान चालीसा पढ़ता और बस एक ही प्रार्थना करता – “प्रभु, बस आपकी भक्ति कभी कम न हो।”

गोपाल मेहनत से काम करता, पर जीवन में परेशानियाँ कम नहीं थीं। कभी घर में पैसों की तंगी, कभी माता-पिता की तबीयत ख़राब, कभी खुद बीमार पड़ जाता। गाँव के कुछ लोग मज़ाक उड़ाते, “इतनी पूजा करता है, फिर भी तेरी हालत नहीं सुधरती!” गोपाल शांत भाव से मुस्कुराकर कहता, “हनुमान जी मेरे दुख नहीं, मेरा मन संभालते हैं। जब तक उनका नाम साथ है, मैं अकेला नहीं हूँ।”

एक दिन गोपाल पास के कस्बे में काम से जा रहा था। लौटते समय शाम हो गई, रास्ता जंगल से होकर जाता था और धीरे-धीरे अँधेरा भी घिरने लगा था। चलते-चलते वह एक पुराना, सूखा कुआँ पहचान नहीं पाया और फिसलकर उसमें जा गिरा। कुएँ में बहुत गहराई तो नहीं थी, पर दीवारें इतनी चिकनी थीं कि ऊपर चढ़ना उसके बस की बात नहीं थी। आसपास कोई मनुष्य भी नहीं था, आवाज़ लगाने पर भी कोई उत्तर नहीं मिला।

कुछ देर तक कोशिश करके थक जाने के बाद गोपाल चुपचाप आँखें बंद करके बैठ गया। उसके होंठों पर बस एक नाम था, “जय बजरंगबली।” उसने मन ही मन कहा, “हे पवनपुत्र हनुमान, अगर आज भी आप मेरे साथ हों तो कोई राह ज़रूर निकालिए। अब आपके अलावा यहाँ किसी का सहारा नहीं है।” यह कहकर वह दीवार से टिककर बैठ गया और पूर्ण भरोसे के साथ सिर्फ हनुमान जी का स्मरण करने लगा।

थोड़ी ही देर में उसे ऊपर से कुछ खड़खड़ाहट सी सुनाई दी, जैसे कोई डाल टूट रही हो। उसने ऊपर देखा तो कुएँ के किनारे पर एक बड़ा सा वानर दिखाई दिया। वह वानर आसपास की झाड़ियों से एक मजबूत, लंबी डाल अपने दोनों हाथों से खींच-खींचकर कुएँ के अंदर की ओर धकेल रहा था। कुछ देर में वह डाल कुएँ की दीवार से टिक गई और उसका एक सिरा गोपाल के पास आ पहुँचा।

गोपाल ने पहले तो सोचा कि शायद यह संयोग है, पर तुरंत ही उसके मन में आया, “यह तो प्रभु की ही लीला है।” उसने वह डाल मजबूती से पकड़ी और बड़ी कठिनाई से ऊपर चढ़ना शुरू किया। हाथ फिसल रहे थे, कपड़े फट रहे थे, पर मन के भीतर बड़ी शक्ति महसूस हो रही थी। कई प्रयासों के बाद वह आखिरकार कुएँ के मुहाने तक पहुँच गया और ज़मीन पर गिरते-गिराते बाहर आ ही गया।

वह हाँफते हुए उठकर बैठा और ऊपर देखने लगा। वही वानर थोड़ी दूरी पर चुपचाप खड़ा उसे देख रहा था, जैसे यह सुनिश्चित कर रहा हो कि गोपाल सुरक्षित बाहर निकल आया है या नहीं। गोपाल को उसकी आँखों में एक अजीब सी करुणा और शांति दिखी। उसने हाथ जोड़कर ज़मीन छूते हुए कहा, “जो भी हो, तू मेरे प्रभु का ही दूत है। तेरा धन्यवाद।”

जैसे ही उसने सिर झुकाकर प्रणाम किया और दो पल के लिए आँखें बंद कीं, फिर ऊपर देखा तो वानर कहीं दिखाई नहीं दिया। आसपास न पत्तों की आहट, न भागने की आवाज़, जैसे वह अचानक हवा में विलीन हो गया हो। उस क्षण गोपाल के मन में जरा भी संदेह नहीं रहा कि यह कोई साधारण वानर नहीं था, स्वयं हनुमान जी ही वानर के रूप में उसकी रक्षा के लिए आए थे।

कुएँ से निकलने के बाद गोपाल सीधा गाँव के हनुमान मंदिर गया। मिट्टी में सने कपड़ों, छिले हुए हाथों और भरे हुए गले के साथ वह मूर्ति के सामने बैठ गया। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। वह बोला, “प्रभु, लोगों ने पूछा था कि इतनी भक्ति का क्या फल मिला। आज आपने बता दिया कि सच्चे मन से पुकारने पर भक्त कभी अकेला नहीं रहता। मेरे जीवन की सबसे बड़ी कमाई यही है कि आप मेरे साथ हैं।”

उस दिन के बाद से गोपाल की भक्ति और गहरी हो गई। वह पहले की तरह ही कभी सुख-सुविधाओं की माँग नहीं करता था, केवल इतना कहता – “हे हनुमान जी, जब तक साँस चले, आपके चरणों में विश्वास बना रहे।” धीरे-धीरे गाँव के लोग भी उसकी कहानी सुनने लगे। जो पहले उसे देखकर हँसा करते थे, अब उससे कहते, “तू हमारे बच्चों को भी यह कथा सुनाया कर, ताकि उन्हें भी समझ आए कि संकट में भगवान को याद करना केवल रीति नहीं, सच्चा सहारा होता है।”

इस तरह उस छोटे से गाँव में यह बात फैल गई कि जो भी हनुमान जी को सच्चे मन से पुकारता है, चाहे वह कुएँ के अँधेरे में फँसा हो या जीवन की किसी मुश्किल में, हनुमान जी किसी न किसी रूप में उसकी सहायता के लिए अवश्य पहुँचते हैं।

जय वीर हनुमान 🙏🙏
जय जय श्री राम 🙏🙏

04/09/2023

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय
तस्मै नकाराय नमः शिवाय।।
हर हर शम्भू 🙏🙏🙏🙏🙏

25/08/2023

महावीर हनुमान जी के 5 दिव्य मंदिर 🙏

देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्यानिश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या।तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यांभक्त्या नता: स्म विदधातु शुभा...
15/03/2023

देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या
निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां
भक्त्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न:।।

शीतला अष्टमी की मंगलकामनाएं!

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

13/03/2023

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरींह। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं।।
निरंकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।।
करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतोऽहं।।
॥🙏ॐ नमः शिवाय 🙏॥

08/03/2023

सभी भक्तों को होली की रंगारंग बधाइयां!!

हर हर महादेव 🙏🙏
जय जय सियाराम 🙏

07/03/2023
राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की 🙏🙏🙏
07/03/2023

राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की 🙏🙏🙏

त्रेता युग में अंजनी और केसरी के पुत्र के रूप में हनुमानजी का जन्म हुआ था। हनुमानजी माता सीता की खोज में लंका तक पहुंच ग...
04/03/2023

त्रेता युग में अंजनी और केसरी के पुत्र के रूप में हनुमानजी का जन्म हुआ था। हनुमानजी माता सीता की खोज में लंका तक पहुंच गए। देवी सीता को श्रीराम का संदेश दिया था, इससे प्रसन्न होकर सीता ने इन्हें अजर-अमर रहने का वर दिया।

कलियुग में भक्तराज हनुमान जी सभी भक्तों के संकट हरने वाले हैं इसीलिए इन्हें संकटमोचन कहा जाता है। इस संबंध में एक श्लोक है -

हरम् हरिम् हरिश्चंद्रम् हनुमंतम् हलायुधम्।
पंचकम् वै स्मरे नित्यम् घोर संकट नाशनम्।।

जय जय महावीर हनुमान 🙏🙏🙏🙏🙏

Address

62JP+H6W
Renukoot
231217

Telephone

+917860870007

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shree SankatMochan Hanuman Mandir posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Shree SankatMochan Hanuman Mandir:

Share