27/06/2026
हाल ही में जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित आई.टी.डी.पी. सभागार में 22 से 24 जून 2026 तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) किन्नौर, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग- समग्र शिक्षा, छोस खोर लिङ बौद्ध सेवा संघ, पिरामल फाउंडेशन, एमोरी विश्वविद्यालय तथा आनन्द एवं मूल्य आधारित शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्त्वावधान में जिला किन्नौर की पहली सी-शिक्षण (सामाजिक, भावनात्मक एवं नैतिक शिक्षण SEE-Learning) कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
तीन दिवसीय इस कार्यशाला में जिले के 50 से अधिक विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में सामाजिक, भावनात्मक एवं नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना, करुणा, सहानुभूति, आत्म-जागरूकता तथा उत्तरदायी नागरिकता जैसे जीवनोपयोगी कौशलों को शिक्षा प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाना तथा शिक्षकों को इन अवधारणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने संवादात्मक सत्रों, समूह गतिविधियों, चिंतन-मनन एवं व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से सी-शिक्षण की अवधारणाओं को समझा और उन्हें विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए इसे विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास तथा सकारात्मक विद्यालयी वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कुछ मनमोहक छायाचित्र-