11/10/2024
एक बार, कुरुक्षेत्र के युद्ध के दौरान, अर्जुन ने अपनी आंखों के आगे युद्ध का भयावह दृश्य देखकर निराश हो गया। उसने अपने रथ को रोक दिया और भगवान कृष्ण से कहा, "मैं युद्ध नहीं कर सकता। यह पाप है।"
तब कृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश दिए। उन्होंने समझाया कि जीवन में कर्म करना आवश्यक है, और कर्म का फल स्वीकार करना भी। उन्होंने कहा, "निष्काम कर्म करो, और अपने कर्तव्य से कभी नहीं डरना।"
कृष्ण के उपदेश से अर्जुन को प्रेरणा मिली और वह युद्ध करने के लिए तैयार हो गया। इस तरह, कृष्ण ने अर्जुन को न केवल युद्ध जीतने में मदद की, बल्कि जीवन के उद्देश्य को भी समझाया।