09/12/2025
🌟 अच्छे कर्म की कहानी: “बारिश में मिला साथी”
राधिका रोज़ सुबह पार्क में मॉर्निंग वॉक करने जाती थी। एक दिन अचानक तेज़ बारिश शुरू हो गई। वह पास के शेड में जाकर खड़ी हो गई। तभी उसने देखा कि एक छोटा-सा लड़का, जिसकी उम्र लगभग 10–11 साल होगी, बारिश में भींगे हुए सड़क किनारे अपनी साइकिल के पास बैठा रो रहा था।
राधिका उसके पास गई और पूछा,
"क्या हुआ बेटा?"
लड़के ने कहा,
"मैडम, मेरी साइकिल का टायर पंचर हो गया है। घर बहुत दूर है… और मेरे पास दुकान तक जाने के पैसे भी नहीं हैं।”
राधिका ने उसे छाता पकड़ाया, दुकान तक साथ ले गई, और टायर ठीक करवाने के पैसे भी उसने ही दिए। लड़का बहुत खुश हुआ और बोला,
"मैं बड़ा होकर आपकी तरह दूसरों की मदद करूँगा!"
राधिका बस मुस्कुरा दी और घर चली गई।
कई साल बाद, राधिका एक अस्पताल में थी, जहाँ उसका ऑपरेशन होना था। वह थोड़ी घबराई हुई थी। तभी डॉक्टर अंदर आए और कहा,
"आप घबराएँ नहीं मैडम, आप बिल्कुल सुरक्षित हाथों में हैं।”
डॉक्टर का चेहरा पहचानकर राधिका की आँखें चमक उठीं —
वह वही बच्चा था जिसे उसने बारिश वाले दिन मदद की थी!
डॉक्टर बोला,
"मैडम… उस दिन आपने मुझ पर उपकार किया था। आज मैं आपके अच्छे कर्म का थोड़ा-सा बदला चुका रहा हूँ।”
राधिका की आँखों में आँसू आ गए।
अच्छे कर्म सचमुच किसी न किसी रूप में वापस लौटते हैं।
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