28/08/2026
🌷 *रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान*
🙏🏻 *श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा आज शुक्रवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |*
1⃣ *भस्म स्नान – उसके लिए यज्ञ की भस्म थोडीसी लेकर वो ललाट पर थोड़ी शरीर पर लगाकर स्नान किया जाता है | |*
2⃣ *मृत्तिका स्नान*
3⃣ *गोमय स्नान – गोमय स्नान माना गौ गोबर उसमे थोडा गोझरण ये मिक्स हो उसका स्नान (उसका मतलब थोडा ले लिया और शरीर को लगा दिया ) क्यों वेद ने कहा इसलिए गौमाता के गोबर में (देशी गाय के) लक्ष्मी का वास माना गया है | गोमय वसते लक्ष्मी पवित्रा सर्व मंगला | स्नानार्थम सम संस्कृता देवी पापं हर्गो मय || तो हमारे भीतर भक्तिरूपी लक्ष्मी बढ़ती जाय, बढ़ती जाय जैसे गौ के गोबर में लक्ष्मी का वास वो हमने थोडा लगाकर स्नान किया, हमारे भीतर भक्तिरूपी संपदा बढती जाय | गीता में जो दैवी लक्षणों के २६ लक्षण बतायें हैं वो मेरे भीतर बढ़ते जायें | ये तीसरा गोमय स्नान |*
4⃣ *पंचगव्य स्नान – गौ का गोबर, गोमूत्र, गाय के दूध के दही, गाय का दूध और घी ये पंचगव्य | कई बार आपको पता है पंचगव्य पीते हैं | तो पंचगव्य स्नान थोड़ा सा ही बन जाये तो बहुत बढियाँ नहीं बने तो गौ का गोबरवाला तो है | माने पाँच तत्व से हमारा शरीर बना हुआ है वो स्वस्थ रहें, पुष्ट रहें, बलवान रहें ताकी सेवा और साधना करते रहे, भक्ति करते रहें |*
5⃣ *गोरज स्नान – गायों के पैरों की मिट्टी थोड़ी ले ली, और वो लगा ली | गवां ख़ुरेंम ये वेद में आता है इसका नाम है दशविद स्नान | रक्षाबंधन के दिन किया जाता है | गवां ख़ुरेंम निर्धुतं यद रेनू गग्नेगतं | सिरसा तेल सम्येते महापातक नाशनं || अपने सिर पर वो गाय की खुर की मिट्टी लगा दी तो महापातक नाशनं | ये वेद भगवान कहते हैं |*
6⃣ *धान्यस्नान – गेंहूँ, चावल, जौ, चना, तिल, उड़द और मुंग ये सात चीजे | ये धान्यस्नान बताया | धान्योषौधि मनुष्याणां जीवनं परमं स्मरतं तेन स्नानेन देवेश मम पापं व्यपोहतु | सप्तधान स्नान ये भी पूनम के दिन लगाने का विधान है |*
7⃣ *फल स्नान – वेद भगवान कहते हैं फल स्नान मतलब कोई भी फल का थोडा रस लगा दिया | और कोई नहीं तो आँवला बढियाँ फल है | आँवला हरा तो मिलेगा नहीं तो थोडा आँवले का पाऊडर ले लिया और लगा दिया गया हो फल स्नान | मतलब हमारे जीवन में अनंत फल की प्राप्ति हो और सांसारिक फल की आसक्ति छूट जाय | इसलिए आज पूर्णिमा को हे भगवान फल के रस से थोडा स्नान कर रहें हैं | किसी को और फल मिल जाये और थोडा लगा दिये जाय तो कोई घाटा नहीं हैं |*
8⃣ *सर्वोषौधि स्नान – सर्वोषौधि माना आयुर्वेदिक औषधि खाना नहीं | इस स्नान में कई जड़ीबूटी आती हैं | उसमे दूर्वा, सरसों, हल्दी, बेलपत्र ये सब डालते हैं उसमें वो थोडासा पाऊडर लेके शरीर पर रगड के स्नान किया जाता है | मेरी सब इन्द्रियाँ आँख, कान, नाक, जीभ,त्वचा ये सब पवित्र हो | इसमें सर्वोषौधि स्नान, और मेरा मन पवित्र रहें| मेरे मन में किसी के प्रति बुरे विचार न आये |*
9⃣ *कुशोधक स्नान – कुश होता है वो थोडा पानी में मिला दिया और थोडा पानी हिला दिया | क्योंकि जो अपने घर में कुश रखते हैं ना तो उनके पास कोई मलिन आत्माएँ नहीं आ सकती | भूत, प्रेत आदि का जोर नहीं चलता | कुश क्या है ? जब भगवान का धरती पर वराह अवतार हुआ था | तो उनके शरीर से वो उखणकर जमीन पर गिरने लगे वही आज कुश के रूप में पाये जाते हैं, वो परम पवित्र है | वो कुश जहाँ पर हो वहाँ पर मलिन आत्मा नहीं आती हो तो भाग जाती हैं | तो कुश पानी में थोडा हिला दिया और प्रार्थना कर दी की, मेरे मन में जो मलिन विचार हैं, गंदे विचार हैं या कभी कभी आ जाते हैं वो सब भाग जाये | हरि ॐ ... हरि ॐ ... ॐ ,... करके उसे पानी में नहा दिया |*
1⃣0⃣ *हिरण्य स्नान – हिरण्य स्नान माने अगर अपने पास कोई सोने की चीज है | कोई सोने का गहना वो बाल्टी में डाल दिया, हिला दिया और स्नान कर लिया | हिलाने के बाद वो निकाल लेना बाल्टी में पड़ा नहीं रहे |*
🙏🏻 *तो ये दशविद स्नान वेद में बताया | श्रावण मास के पूर्णिमा का दिन किया जाता है | आप इसमें से आप जितने कर सकते हो उतने कर लेना | १ – २ न कर पाये तो जय सियाराम ... कह दें प्रभु ! हमसे जितना हो सकता था वो किया |*
*और जब शरीर पर पानी डाल रहे हैं तो ये श्लोक बोलना –*
🌷 *नमामि गंगे तव पाद पंकजं सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं |*
*भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम ||*
*गंगेच यमुनेच गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी | जलस्म्ये सन्निधिं कुरु ||*
*ॐ ह्रीं गंगाय ॐ ह्रीं स्वाहा ||*
🙏🏻 *तीर्थों का स्मरण करते हुये स्नान करें | तो ये बड़ा पुण्यदायी स्नान श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के दिन प्रभात को किया जाना चाहिये ऐसा वेद का आदेश है |*💐
🙏🍀🌷🌺🌸🕉️🕉️🕉️🕉️
🍁💐🙏🏻 *नियमित पंचांग तथा अन्य वैदिक जानकारी पाने हेतु हरिओम् वैदिक ज्योतिष केंद्र के आधिकारिक फेसबुक पेज को like और share अवश्य करें* 👉https://www.facebook.com/हरि-ॐ-वैदिक-ज्योतिष-केंद्र-487523985063268/
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🌼 *समाज कल्याण हेतु अन्य ग्रुप तथा अपने मित्रों परिचितो तक पहुचाने का सेवा अवश्य करें* 💐☘🌹🌻🌺🙏🙏🏻🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏🏻🙏🍀🌷🌻🌺🌺🌸🍁💐🙏🏻💐
*समाज रुपी ईश्वर के सेवा में सदैव अग्रणी ज्योतिषीय संस्थान ( सभी* *तरह के ग्रह शांति निवारण ,रत्न*
*सलाह ,तंत्र बाधा से संबधित सभी समस्या का समाधान,ग्रह से संबंधित सभी समस्या समाधान,ग्रह जनित, तंत्र जनित सभी कष्ट निवारण के विशेष अनुभवी)*
माँ कामाख्या साधक ≠ स्वामी आशुतोष पाण्डेय *(1) .. हरि ॐ वैदिक ज्योतिष केंद्र,हरमु रोड किशोरगंज,रांची,*
*झारखण्ड,संपर्क-6200016671*
*अपने व्हाट्सप्प ग्रुप में पंचांग पाने हेतु इस नम्बर को अपने ग्रुप में ADD करें* 👉 *06200016671*
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐