25/12/2020
🙏 तुलसी पूजन दिवस (25 December)
प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। तुलसी पूजन दिवस की शुरुवात आसारामजी बापू ने वर्ष 2014 में की थी। तुलसी केवल एक पौधा ही नहीं बल्कि धरा के लिए वरदान है और इसी वजह से हिंदू धर्म में इसे पूज्यनीय माना गया है।
धनुर्मास में भगवत्प्रीतिर्थ कर्म (25 दिसम्बर) विशेष फलदायी व प्रसन्नता देने वाले होते हैं।
🙏 तुलसी पूजन विधि
25 दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें। उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढ़ायें-
महाप्रसादजननी सर्वसौभाग्यवर्धनी।
आधिव्याधि हरिर्नित्यं तुलसि त्वां नमोऽस्तु ते।।
फिर तुलस्यै नमः मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा कुछ प्रसाद चढ़ायें। दीपक जलाकर आरती करें और तुलसी जी की 7,11, 21, 51 या 111 परिक्रमा करें। उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें। तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है।
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