22/07/2024
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर।।
अर्थ:
इस दोहे में कबीर दास जी कहते हैं कि केवल शारीरिक रूप से बड़ा होने से कोई महान नहीं होता, जैसे खजूर का पेड़। खजूर का पेड़ ऊँचा होता है, लेकिन यह राहगीरों को छाया नहीं दे सकता और उसके फल भी बहुत ऊँचाई पर होते हैं, जिससे उन्हें पाना मुश्किल होता है। इसी प्रकार, अगर किसी व्यक्ति में केवल ऊँचाई (अहम) है लेकिन वह दूसरों की सहायता नहीं कर सकता या उनकी जरूरतें पूरी नहीं कर सकता, तो उसका बड़ा होना व्यर्थ है।