shailesh yadav राष्ट्रवादी

shailesh yadav राष्ट्रवादी राजनीतिक मुद्दा को उठाना और पोस्ट करना सभी पब्लिक तक पहुंचाना भारत माता की जय

इस धरती पर जन्म लिया है यह सौभाग्य हमारा है,इस पर ही हो जीवन अर्पण यह उद्देश्य हमारा है,बार बार यह जीवन पायें इस पर ही ब...
04/08/2025

इस धरती पर जन्म लिया है यह सौभाग्य हमारा है,
इस पर ही हो जीवन अर्पण यह उद्देश्य हमारा है,
बार बार यह जीवन पायें इस पर ही बलि जाने को,
शत शत नमन भारत भूमि को, अभिनन्दन भारत माँ को।

के के संघ परिवार की बेटी ने के से "अंतरराष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं समाज" विषय पर अध्ययन एवं शोध पूर्ण किया है, अब उन्हें विशेष शोध हेतु भेजा गया है।

विदेश में सेवाएँ देने को लेकर जब प्राची जी से प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा "मैं संघ परिवार से हूँ और मेरे लिए मेरा देश सर्वोपरि है, इसलिए मैं अपने देश के लिए ही शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दूंगी।"

प्राची जी द्वारा कहे गये यह शब्द संघ परिवारों में दिए जाने वाले संस्कारों का सशक्त उदारहण हैं।

तुमने धीरेंद्र शास्त्री को टार्गेट किया हमने कुछ नहीं कहा, तुमने अनिरुद्धचार्य को टार्गेट किया तब भी हमने कुछ नहीं कहा,अ...
04/08/2025

तुमने धीरेंद्र शास्त्री को टार्गेट किया हमने कुछ नहीं कहा, तुमने अनिरुद्धचार्य को टार्गेट किया तब भी हमने कुछ नहीं कहा,

अब तुम प्रेमानंद महाराज को टार्गेट कर रहे हो,
तब भी हम कुछ नहीं बोल रहे हैं।

जब धर्म पर संकट आएगा तब हम ताना मारेंगे कि हमारे संत महात्मा बड़ी बड़ी तोंद लेकर अपने मठो में बैठे हैं। अपने संतों के शब्दों के साथ नहीं खड़े हो सकते ? क्या हो गया है इस हिन्दू समाज को..?

जिस मुद्दे पर कोई बोलने को तैयार नहीं। 👇👇

जब-जब सनातन की लौ तेज़ होती है,
धर्मांतरण के सौदागर घबरा जाते हैं।

जब कथा मंचों से श्रीराम, श्रीकृष्ण और शिव नाम का घोष उठता है… जब प्रेमानंद जी महाराज और अनिरुद्धाचार्य जी जैसे संत युवाओं को नशे, अश्लीलता और भटकाव से मोक्ष, मर्यादा और भक्ति की ओर मोड़ते हैं — तब काँप उठते हैं चार गिरोह:

1. ईसाई मिशनरी (भीमपट्टी के भिमट्टे)
2. नकली नारीवादी (बड़ी बिंदी गैंग)
3. वामपंथी मीडिया और ट्विटर की ट्रोल आर्मी
4. सुवर कौम

इन चारो को समस्या होती है धर्म जागरण से...

अब इन सबका नया टारगेट हैं —
प्रेमानंद जी महाराज, अनिरुद्धाचार्य जी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी और साध्वी ऋतम्भरा दीदी जी।

क्यों?

क्योंकि इन संतों ने वो कर दिखाया जो अरबों डॉलर खर्चने वाली मिशनरी मशीनरी नहीं कर सकी।

Netflix, Instagram में डूबे युवाओं और कुछ बोरिया चावल की लेकर धर्म बदल लिए लोगों को कथा, सेवा और सनातन के प्रति आकर्षित कर दिया।

नई पीढ़ी के युवा भी हिन्दुत्व का हूंकार भर रहा है और यही इन अधर्मियों के पेट में मरोड़ ला रहा है।

प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन में सादगी से साधना करते हुए लाखों युवाओं को श्रीकृष्ण भक्ति से जोड़ चुके हैं। जहाँ मिशनरी डॉलर से धर्मांतरण करते थे, वहाँ अब भक्ति से घर वापसी हो रही है।

जहाँ धर्मांतरण पर इतना खर्च होता है वहां ये लोग कथा सुना सुनाकर फ्री में घरवापिसी करा लेते हैं तो चोट धर्मांतरण के जड़ों पर हो रही है इसलिए वो बिलबिला उठे हैं। चमचों और यदमुल्लों को पैसे दे देकर इन साधू संतों को गालियाँ दिला रहे हैं।

अनिरुद्धाचार्य जी ने कथा को सिर्फ भक्ति नहीं, समाज सेवा और नारी-संस्कारों की पुनर्स्थापना का माध्यम बनाया —वृद्धाश्रम, गौशालाएं, गरीबों की सेवा से युवा प्रेरित हो रहे हैं।

पर यही बात उन्हें खटक रही है जो तलाक, लिव-इन और व्यभिचार को “अधिकार” समझते हैं। इसलिए ये वामपंथी तिलमिलाए हुए हैं।

सच तो ये है —

🔻 हर साल भारत में 1.6 करोड़ गर्भपात, यानी हर दो सेकंड में एक हत्या
🔻 बीस साल में तलाक के मामले छह गुना बढ़े
🔻 67% युवा विवाह से पहले यौन संबंधों में लिप्त
🔻 लाखों बच्चे पिता के साये के बिना अवसाद में पलते हैं

जब संत इन मुद्दों पर जागरण करते हैं — तब ये गैंग बौखला जाते हैं और चिल्लाने लगते हैं: “नारी स्वतंत्रता पर हमला!”

लिव इन में क्या होता है किसे नहीं पता..?
लिव इन में रहने वाली लड़कियों को रखैल कहना यदि आपत्तिजनक है तो बेस्या को बेस्या कहना भी आपत्ति जनक है। सच बोलना भी आपत्तिजनक है करा दो FIR...

पर तब इनकी ज़ुबान बंद रहती है जब छांगुर जैसे दरिंदे हजारों लड़कियों को धर्मांतरण में झोंक देते हैं या रामपाल जैसे ढोंगी धर्म को बदनाम करते हैं।

आज जब मिशनरियों के जाल से छूटकर लोग कथा में आ रहे हैं, भूतप्रेत का ड्रामा छोड़कर भक्ति की तरफ लौट रहे हैं। श्रीमद्भागवत की श्लोकें सोसल मीडिया पर शेयर हो रही हैं —
तब इन ढोंगी संगठनों की दुकानें बंद हो रही हैं, और इसी लिए अब ये संतों पर FIR और कोर्ट की धमकी दे रहे हैं।

याद रखिए —

प्रदीप मिश्रा जी के बेटे की परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाई गई तो यही गैंग हँसी उड़ाने में लगी थी, लेकिन जब किसी आतंकी को जेल से बेल मिलता है तो इसे ईश्वरी न्याय बताया जाता है।

धीरेन्द्र शास्त्री जी ने लव जिहाद और गजवा-ए-हिंद की साजिशें उजागर कीं तो इन्हें संविधान की याद आने लगी। हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना अपराध दिखने लगा।

और अब जब प्रेमानंद जी और अनिरुद्धाचार्य जी धर्म, सेवा और सत्य की राह दिखा रहे हैं —
तब इन्हें ही अपराधी साबित करने की कोशिश हो रही है।

परंतु ये जान लो —

सनातन कोई “लिबरल डिज़ाइनर थ्योरी” नहीं है।
यह ऋषियों के तप, संतों के त्याग और भक्तों की आस्था से सिंचित वह परंपरा है जो अनादि है, अनंत है, अटूट है।

जिसे इन संतों से परेशानी है —
उसे सनातन से ही बैर है।

अब समय है:
संतों के पीछे खड़े होने का, हर वामपंथी, मिशनरी और ढोंगी को बेनकाब करने का, और सनातन के लिए एकजुट हो जाने का

क्योंकि जब संत अपमानित होते हैं, तो मंदिरों की नींव, परंपराओं की आत्मा और श्रद्धा की लौ डगमगाने लगती है। और जब संत बोलते हैं — तब सत्य गूंजता है, अधर्म तिलमिलाता है।

अगर आप अपने संतो के समर्थन में खड़े हैं तो पोस्ट को रिपोस्ट करके अन्य लोगों तक पहुंचाने में मदद कीजिए..

जय श्री राधे राधे.. 🚩
साभार

छत्तीसगढ़ में जनजाति समाज अपना अस्तित्व और परंपराएँ बचाने के लिए एकजुट हो रहा है। चर्च और कन्वर्जन  के खिलाफ बस्तर से ले...
02/08/2025

छत्तीसगढ़ में जनजाति समाज अपना अस्तित्व और परंपराएँ बचाने के लिए एकजुट हो रहा है। चर्च और कन्वर्जन के खिलाफ बस्तर से लेकर कांकेर तक फैला ये आंदोलन जनजाति समाज की पहचान की रक्षा का संघर्ष है।
#जनजाति_विरोधी_चर्च

"हमारे समाज की जड़ें हमारी संस्कृति में हैं—कन्वर्जन के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!" #जनजाति_विरोधी_चर्च
02/08/2025

"हमारे समाज की जड़ें हमारी संस्कृति में हैं—कन्वर्जन के षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा!"
#जनजाति_विरोधी_चर्च

"छत्तीसगढ़ में चर्च के नाम पर हमारी संस्कृति को मिटाने की साजिश नहीं चलेगी।" #जनजाति_विरोधी_चर्च
02/08/2025

"छत्तीसगढ़ में चर्च के नाम पर हमारी संस्कृति को मिटाने की साजिश नहीं चलेगी।"
#जनजाति_विरोधी_चर्च

ईसाई मिशनरियों के कारण बन रही तनाव की स्थिति। सामाजिक ताना-बाना टूटने की कगार पर। जनजाति संस्कृति खतरे में, जनजातियों मे...
02/08/2025

ईसाई मिशनरियों के कारण बन रही तनाव की स्थिति। सामाजिक ताना-बाना टूटने की कगार पर। जनजाति संस्कृति खतरे में, जनजातियों में आक्रोश।
#जनजाति_विरोधी_चर्च

जनजातीय क्षेत्रों में अवैध चर्च निर्माण सिर्फ़ धार्मिक नहीं, ये “जमीन पर कब्ज़े” की रणनीति है। #जनजाति_विरोधी_चर्च
02/08/2025

जनजातीय क्षेत्रों में अवैध चर्च निर्माण सिर्फ़ धार्मिक नहीं, ये “जमीन पर कब्ज़े” की रणनीति है।
#जनजाति_विरोधी_चर्च

कांग्रेस के कुकर्म सामने आ रहे हैं।। #बहुत_बड़ा_विस्फोटक_खुलासा---- #महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट मामल...
01/08/2025

कांग्रेस के कुकर्म सामने आ रहे हैं।।

#बहुत_बड़ा_विस्फोटक_खुलासा----
#महाराष्ट्र के मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के एक पूर्व पुलिस अधिकारी #महबूब_मुजावर ने गुरुवार को दावा किया कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया था।
सेवानिवृत्त निरीक्षक #महबूब_मुजावर ने कहा कि भागवत को गिरफ्तार करने के आदेश का उद्देश्य
‘ #भगवा_आतंकवाद’ को स्थापित करना था। उन्होंने सोलापुर में कहा कि अदालत के फैसले ने एटीएस के ‘फर्जीवाड़े’ को नकार दिया है।

शुरू में एटीएस ने मामले की जांच की थी, लेकिन बाद में इसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अपने हाथ में ले लिया। मुजावर ने एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए कहा,---
‘‘इस फैसले ने एक फर्जी अधिकारी द्वारा की गई फर्जी जांच को उजागर कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि वह 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए विस्फोट की जांच करने वाली एटीएस टीम का हिस्सा थे, जिसमें छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मोहन भागवत को ‘‘पकड़ने’’ के लिए कहा गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि एटीएस ने उस समय क्या जांच की और क्यों... लेकिन मुझे राम कलसांगरा, संदीप डांगे, दिलीप पाटीदार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसी हस्तियों के बारे में कुछ गोपनीय आदेश दिए गए थे। ये सभी आदेश ऐसे नहीं थे कि उनका पालन किया जा सके।’’

मुजावर ने कहा कि दरअसल, उन्होंने उनका पालन नहीं किया क्योंकि उन्हें हकीकत पता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती को पकड़ना मेरी क्षमता से परे था।
चूंकि मैंने आदेशों का पालन नहीं किया, इसलिए मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और इसने मेरे 40 साल के करियर को बर्बाद कर दिया।
पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भगवा आतंकवाद नहीं था। सब कुछ फर्जी था।

हिंदू समाज और इसकी फिक्र करने वालों को समाप्त करने के आए दिन कुछ कुछ ना कुछ षडयंत्र सामने आ रहे हैं इनको देख कर भी अगर हिंदू समाज नहीं जागृत हुआ तो फिर कोई नहीं बचा सकता ।

साभार

01/08/2025

‘नर्सरी में पढ़ने वाली मासूम ने ‘राधे राधे’ कहा, तो दुर्ग जिले के टेरेसा स्कूल की प्रिंसिपल इला इवान केल्विन के द्वारा बच्ची से बेरहमी से मारपीट की गई, साथ ही मासूम के मुंह में 15 मिनट तक टेप चिपका दिया गया।

मामले में परिजनों ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज़ करा दिया है और आरोपी प्रिंसिपल केल्विन को जेल भेज दिया गया है।

ये मासूम बच्ची के कोमल हाथ हैं, जिनमें केल्विन ने बच्ची के द्वारा राधे राधे कहने उसे ये सज़ा दी है।

ये ऐसा पहला मामला नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में बच्चों के तिलक लगाने, कलावा पहनने पर उनके साथ इस तरह की ज़्यादतियाँ होती रही हैं। हालांकि जागरूक लोगों के दखल के बाद ऐसे मामलों में कार्रवाई भी हो है, पर न जाने कितने मामले सामने नहीं भी आते होंगे!

बहरहाल, छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ़्तारी की गूंज है, और ननों को छुड़ाने की पैरोकारी करते ‘समर्थकों’ को ये घटना भी ध्यान में रखनी चाहिए और ये भी कहना चाहिए कि मासूम बच्ची द्वारा राधे राधे का अभिवादन करने पर उसे दंडित करने वाली केल्विन पर ठोस कार्रवाई हो!

बस आशंका इसी बात की है, कि कहीं राजनीतिक रोटी को बेहतर अल्टा पलटा के सेंकने के चक्कर में ऐसी घटनाओं को अलग अलग चश्मे कहीं देखकर ऐसे गंभीर मामलों में चुप्पी न साध ली जाए!

खैर, हम तो उस बच्ची के साथ पूरे आत्मबल से हैं और केल्विन और उसकी जैसी सोच वालों को बार बार कहते हैं….

राधे राधे ❤️🚩


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