04/08/2020
जमीन जल☀️चुकी है आसमान☁️ बांकी है।
सूखें कुँए तुम्हारा इम्तिहान बांकी है।
🌧️वक्त पर बरस जाना ये मेघ🌧️
किसी का गिरवी
है मकान,
तो किसी का, लगान बांकी है।