15/02/2026
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं ।।
अजं शाश्वतं कारणं कारणानां शिवं केवलं भासकं भासकानाम्। तुरीयं तमः पारमाद्यन्तहीनं प्रयद्ये परं पावनं द्वैतहीनम् ॥
जो अजन्मा हैं, नित्य हैं, कारण के भी कारण हैं, कल्याणस्वरूप हैं, एक हैं, प्रकाशकों के भी प्रकाशक हैं, अवस्थात्रयसे विलक्षण हैं, अज्ञान से परे हैं, अनादि और अनन्त हैं, - उन परम पावन अद्वैत-स्वरूप भगवान शिवको मै प्रणाम करता हूँ