Maharshi Menhi Gyan Sagar

Maharshi Menhi Gyan Sagar Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Maharshi Menhi Gyan Sagar, Religious organisation, Purnea Bihar, Purnea.

20वीं शताब्दी के महान संत सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की 142वीं पावन जयंती पर गुरु महाराज के श्रीचरणों में शत...
30/04/2026

20वीं शताब्दी के महान संत सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की 142वीं पावन जयंती पर गुरु महाराज के श्रीचरणों में शत-शत नमन...🙏
गुरु जयंती के इस पावन पर्व पर आप सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं।सतगुरु महाराज की कृपा-दृष्टि सदैव हम सबों पर बनी रहे और उनका आशीर्वाद हमारे जीवन को सुख, शांति एवं समृद्धि से आलोकित करता रहे। बोलिए श्री सदगुरु महाराज की जय...
Maharshi Menhi Gyan Sagar

19/04/2026

20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की रचनाओं की संक्षिप्त जानकारी एक-एक करके आपके सामने रखने का प्...
08/04/2026

20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की रचनाओं की संक्षिप्त जानकारी एक-एक करके आपके सामने रखने का प्रयास कर रहा हूं। आशा है कि आपको यह सीरीज पसंद आएगा। इस सीरीज की दूसरी कड़ी "विनय पत्रिका सार-सटीक"है जो गुरु महाराज की अमर कृति है।
गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज रचित "विनय-पत्रिका" में विनय संबंधी बातों के साथ-साथ अंतस्साधना,ईश्वर- स्वरूप आदि को रहस्यमयी ढंग से रखा गया। इसमें से कुछ पदों को लेकर 20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज ने उसकी टीका और उसकी टिप्पणी भी लिखी हैं जिससे सभी लोग इसकी रहस्यमयी बातों को आसानी से समझ सके। यह लिखकर इस पुस्तक का नाम "विनय-पत्रिका सार-सटीक" रखा गया। इस प्रयास में पूज्यपाद् श्री महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज ने कठिन शब्दों का अर्थ भी पाठकों और भक्तों के लिए लिखा है जिससे इस पुस्तक को समझना बहुत आसान-सा हो जाता है।
Maharshi Menhi Gyan Sagar

20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की रचनाओं की संक्षिप्त जानकारी एक-एक करके आपके सामने रखने का प्...
06/04/2026

20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की रचनाओं की संक्षिप्त जानकारी एक-एक करके आपके सामने रखने का प्रयास कर रहा हूं। आशा है कि आपको यह सीरीज पसंद आएगा। इस सीरीज का शुभारंभ "सत्संग-योग" से कर रहा हूं जो गुरु महाराज की अमर कृति है।
मानव - कल्याणार्थ महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज ने आत्मिक बल के आधार पर कुछ पुस्तकों की रचना की। इसके साथ-साथ कुछ धार्मिक पुस्तकों का टीका लिखकर सर्वसाधारण लोगों के लिए भी सुलभ कर दिया। उनकी एक रचनात्मक पुस्तक चार भागों में है। प्रथम भाग में वेद,उपनिषद,अध्यात्म रामायण, श्रीमद् भागवत गीता,श्रीमद्भागवत,महाभारत,दुर्गासप्तसती,शिव-संहिता, ज्ञान संकललिनी तंत्र, उत्तरगीता, स्कंद पुराण,मनुस्मृति आदि का संग्रह है।द्वितीय भाग में 50 संतों की वाणियों का संग्रह है।तृतीय भाग में कुछ विद्वानों एवं महात्माओं के उत्तम से उत्तम वचनों का संग्रह और चतुर्थ भाग में अपनी समाधि साधनाओं द्वारा की गई अनुभूतियों की चर्चा है जिसका ठीक से अध्ययन मनन करने से आध्यात्मिक ज्ञान की पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है।इस पुस्तक का नाम है "सत्संग-योग" जो सबके लिए पठनीय है। आपने लोक-कल्याण के लिए चारों वेदों का अध्ययन-मनन कर तथा साधना जनित अनुभूतियों के आधार पर संतों की वाणियों के मेल से एक पुस्तक की रचना की जिससे लोगों के मन का यह संदेह मिट जाए कि वेद मत और संतमत अलग नहीं, बल्कि दोनों का एक ही मत है।महर्षि मेंहीं ने यह पुस्तक लिखकर इस खाई को सदा के लिए पाठ दिया। इस पुस्तक का नाम है - "वेद दर्शन योग"।
बोलिए श्री सदगुरु महाराज की जय...
Maharshi Menhi Gyan Sagar
#गुरुमहाराजकीरचनाएं

Address

Purnea Bihar
Purnea

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Maharshi Menhi Gyan Sagar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share