22/04/2026
मेषार्द्रा सम्भवं विष्णो, दर्शन स्थापनोत्सुकम्।
तुण्डीरमण्डले शेषमूर्ति, रामानुजं भजे ।
यो नित्यमच्युतपदाम्बुज युग्मरुक्म, व्यामोहतस्तदितराणि
तृणाय मेने ।
अस्मद् गुरोर्भगवतोस्य दयैकसिन्धो, रामानुजस्य चरणौ शरणं प्रपद्दे ॥
आदिशेषावतार मन्नाथ वेदमार्गप्रतिष्ठापनाचार्य विशिष्टाद्वैतसिद्धांतनिर्धारणधुरीण भगवत्पाद कलिकलंकसंतप्तजीवरक्षकैकस्वभाव अपारकरुणावरुणालय भाष्यकार श्रीरामानुज स्वामीजी महाराज के प्राकट्योत्सव की समस्त वैष्णवों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
जय जय श्रीभाष्यकार जय जय श्री रामानुज