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जय जिनेन्द्र !
हमने सभी जैन व्रतो की कहानियां ,एक जगह पर संकलित करने का छोटा सा प्रयास किया है।साथ ही साथ जैन धर्म से संबंधित प्रेरक कहानियों का संकलन भी यहां पर है।

आशा है, हमारे प्रयास से आप लाभान्वित होंगे।

13/06/2024

श्रुत पंचमी | श्रुतपंचमी का इतिहास | Shrut Panchami | श्रुत पंचमी की कहानी | JainKids

https://youtu.be/qaK3j9Y31n0?feature=shared
01/06/2024

https://youtu.be/qaK3j9Y31n0?feature=shared

दोहा स्तुति : (स्वयंभू स्तोत्र) : आचार्य श्री विद्यासागर जी | shambhu stotra jainkids

01/06/2024

दोहा स्तुति : (स्वयंभू स्तोत्र) : आचार्य श्री विद्यासागर जी | shambhu stotra jainkids | स्वयम्भू स्तोत्र (दोहा-थुति) | Swayambhu Stotra With Lyrics

14/05/2024

प्रातःकालीन वन्दना | Jainkids

Happy mahaveer jayanti
21/04/2024

Happy mahaveer jayanti

mahaaveer bhagavaan jeevan parichay

Guru ji ... :)
19/04/2024

Guru ji ... :)

16/04/2024
10/04/2024

*१. ईर्या समिति-* समितियों में प्रथम समिति कहा है ईर्या समिति । ईर्या नाम है चलना । सावधानीपूर्वक चलने का नाम है ईर्यासमिति । सावधानी 4 बातों से होती है।
1.दिन के प्रकाश में चलना,
2.अच्छे प्रयोजन के लिए, तीर्थयात्रा गुरु मिलन आदिक प्रयोजन के लिए चलना
3.अच्छे भाव रखकर चलना, चलते समय क्रोध न हो, मान न हो, कषायों की तीव्रता न हो इस तरह चलना और
4.चार हाथ आगे जमीन देखकर चलना । जहाँ इन चारों का समायोग रहता है वहाँ ईर्यासमिति है । कोई साधु चाहे कि रात्रि को खूब तेज उजेला लेकर यात्रा करी जाये तो वह वर्जित है ।

08/04/2024

*कषाय*
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1. *कषाय- जो आत्मा को दुःख देता है या पराधीन करता है उसे कषाय कहते है।*

2. *कषाय के 4 भेद और अकषाय के 9 भेद होते है।*

3. *क्रोध,मान,माया,लोभ कषाय*

4. *हास्य,रति,अरति*,
*भय, शोक, जुगुप्सा*
*स्त्री वेद, पुरूष वेद*
*नपुंसक वेद।*


5. *क्रोध कषाय-गुस्सा को क्रोध कषाय कहते है।*

जैसे- *किसी व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति की चीज को छू लिया, बस उसे क्रोध आ गया और मारने को तैयार हो गया कि तुमने मेरी चीज को हाथ क्यों लगाया।*

6. *मान- घमंड, अभिमान करने को मान कषाय कहते हैं।*

जैसे- *तुम्हें पता नहीं मेरे पिताजी बहुत बड़े नेता हैं।*

7. *माया- छल कपट करने को माया कषाय कहते हैं।*

जैसे- *एक शरारती लड़का जिसका पढ़ने में मन नहीं लगता,जब उसकी माँ उसको आती दिखलाई देती तो वह पढ़ने लग जाता था,माँ के जाने के बाद मोबाईल में गेम खेलने लगता।ऐसी क्रिया का नाम माया कषाय है।*

8. *लोभ- लालच, तृष्णा को लोभ कषाय कहते हैं।*

जैसे- *हमारे देश में चाय का प्रचलन नहीं था।अंग्रेज शासकों द्वारा मुफ्त चाय की पुड़ियाँ बाँटकर हमें लोभ दिया गया।उस लोभ के चक्कर में आकर चाय का प्रचलन ऐसा हो गया कि अब हर घर में पहले चाय चाहिए।ऐसे लालच को लोभ कषाय कहते हैं।*

9. *कषाय से हानि-कषाय से आत्मा का पतन,कर्म का बंध,पाप प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।अपयश और दु:ख होता है।*

08/04/2024

अभ्यास प्रश्न - एक शब्द में उत्तर दीजिए ।
1 काय वर्गणाओं के निमित्त से होने वाला योग ? काय योग
2 वचन वर्गणाओं के निमित्त से होने वाला योग? वचन योग
3 मनो वर्गणाओं के निमित्त से होने वाला योग?मनोयोग
4योग किस गुणस्थान तक होता है? 13 वे गुणस्थान तक
5असत्य वचन बोलना कौन सा योग है? अशुभ वचन योग
6अर्हंत भगवान की पूजा भक्ति करना कौन सा योग है? शुभ काय योग
7 मन में खोटा चिंतन करना कौन सा योग है? अशुभ मनोयोग
8 शुभ परिणामों के निमित्त से कौन सा योग होता है ? शुभ योग
9 जो आत्मा को पवित्र करता है वह क्या है? पुण्य
10 हमारे प्रति समय कितने कर्मों का बंध होता है? आयु कर्म को छोड़कर शेष 7 कर्मों का

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