09/01/2024
A must read message for all Jain's staying in cities, specially for Pune
सुस पंचकल्यानक मे पधारे एक भक्त के भाव ☝️आप भी पधारे और एक बार मूलनायक नेमिनाथ और अतिशयकारी पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन कर यहाँ के दिव्य वातावरण की अनुभूति करें|
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🛕पुणे महानगर मे ऐसा आयोजन, ऐसी संस्था - कल्पना से परे🛕
जय जिनेन्द्र,
अनायास ही पुणे मे रिश्तेदारों के यहाँ छुट्टियों मे जाने का प्लान बना, पर यह कभी नहीं सोचा था कि यह यात्रा पुणे मे प्रवासी बनने के मानस के साथ खतम होगी|
मैं एक सप्ताह के लिए 23 दिसम्बर को पुणे आया था और जिसमे 3-4 दिन घूमना और फिर रिश्तेदारों से मिलना का प्लान बना कर आये थे| तभी 23 दिसम्बर को सुबह भाई ने बोला कि पुणे मे सुस मंदिर जी मे पंचकल्याणक हो रहा है और मुनि महाराज है तो दोपहर मे दर्शन कर आते है और हम सभी एक घण्टे मे दर्शन के भाव से सुस आ गये|
मैं अभी तक नहीं समझ पाया, पता नहीं उस भूमि का क्या आकर्षण था या प्रभु की महिमा, मै जैसे ही सुस मे पहुँचा तो मुझे लगा जैसे मे किसी तीर्थ की यात्रा पर आ गया हूँ और वहाँ के माहौल मे ऐसे भाव विभोर हुआ कि शाम तक वहाँ से जाने का मन नहीं हुआ| मंदिर मे जाओ तो ऐसे लगता है जैसे हजारों वर्ष प्राचीन मंदिर जी मे अतिप्राचीन भगवान विराजमान हो|
किसी महानगर मे ऐसा आयोजन और ऐसी भक्ति मेरी कल्पना से परे था, इतना बड़ा संघ और इतनी व्यवस्थाये मैने आज तक मेरे नगर के वहाँ भी नहीं देखी थी| 9 महाराज जी का संघ का निर्दोष चर्या पालन और हर प्रकार की व्यवस्था आयोजन मे देना, सुस की जैन समाज आपने सही मे जो Development किया, वह Production मे Bug Free Delivery दे गया|
खैर अगले दिन मुझे मेरा मन वहीं ले आया और मेरा पुरा दिन वहाँ के मन्दिर, समाज, जैन सोसायटी और संस्थाएँ, इन सबको समझने मे लगाया| जब वहाँ के इतिहास की तह तक गया तब समझ आया कि इन सबके पीछे भी बहुत से मुनिराजो की प्रेरणा, मार्गदर्शन और आचार्य श्री विद्यासागर जी का अनन्त आशीर्वाद है|
जिस सोसायटी के पास यह मन्दिर बना है उसका नाम भी ज्ञानोदय है, जो आचार्य श्री के गुरु के नाम पर रखा गया था और यह भी ज्ञात हुआ कि ज्ञानोदय पुणे की प्रेरणा से ज्ञानोदय बैंगलोर की शुरुआत हुई थी जो बैंगलोर की महती प्रभावना का केंद्र बना हुआ है| सुस की तीनो जैन सोसायटी देखी, यहाँ दो पाषाण मंदिर रहेंगे, समाज ने दो बड़े बड़े प्लॉट ले रखे है संत निवास, धर्मशाला, हॉस्टल आदि के लिए, मुनि संघ निहार व्यवस्था के लिए जमीन ले रहे, सैकड़ों श्रावक यहाँ प्रवासी बनना चाह रहे, एक महानगर मे रहने वाले श्रावक के लिए इससे अच्छा स्वर्ग क्या होगा|
सबसे अनुकरणीय पहल इस संस्था की लगी जो यह सारा कार्य कर रही, जैन संघ पुणे JSP संस्था जिसमे कि सैकड़ों कार्यकर्ता है, कुछ बाल ब्रह्मचारी व्रती भी है पर कोई पदाधिकारी नहीं है| ना कोई प्रमुख अध्यक्ष, सचिव आदि, सभी मिलकर असंभव को संभव बना रहे| बहुत ज्यादा जानकारी तो नहीं ले पाया, पर सुना कि जैन सोसायटी बहुत सी बनाई, जीर्णोधार, मंदिर निर्माण, scholarship जैसे बहुत से कार्य ये करते है| ऐसे कार्य और ऐसी पहल हर महानगर के लिए अनुकरणीय है🙏
फ़िल्हाल तो मैने सुस मंदिर के पास घर ढुढ़ना शुरू किया है, सुना है कि कुछ जैन सोसायटी भी और बन रही है| शायद कुछ वर्षों बाद मे जब सुस मे रहने आऊँगा तब तक यह सुस जैन नगर बन चुका होगा और हर वर्ष चातुर्मास मिल रहा होगा|
चिन्मय जैन
मुम्बई, भारत
[email protected]
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