Radhe Govind priya

Radhe Govind priya श्री हरिवंश🙏🙏

( गोविन्द दामोदर स्तोत्र )करारविन्देन पदार्विन्दं, मुखार्विन्दे विनिवेशयन्तम्।वटस्य पत्रस्य पुटेशयानं, बालं मुकुन्दं मनस...
14/10/2025

( गोविन्द दामोदर स्तोत्र )

करारविन्देन पदार्विन्दं, मुखार्विन्दे विनिवेशयन्तम्।
वटस्य पत्रस्य पुटेशयानं, बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव।
जिव्हे पिबस्वा मृतमेव देव, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

विक्रेतुकामाखिल गोपकन्या, मुरारि पादार्पित चित्तवृतिः।
दध्यादिकं मोहावशादवोचद्, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

गृहे-गृहे गोपवधू कदम्बा:, सर्वे मिलित्वा समवाप्ययोगम्।
पुण्यानि नामानि पठन्ति नित्यं, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

सुखं शयाना निलये निजेऽपि, नामानि विष्णोः प्रवदन्तिमर्त्याः।
ते निश्चितं तन्मयतमां व्रजन्ति, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

जिह्‍वे दैवं भज सुन्दराणि, नामानि कृष्णस्य मनोहराणि।
समस्त भक्तार्ति विनाशनानि, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

सुखावसाने इदमेव सारं, दुःखावसाने इदमेव ज्ञेयम्।
देहावसाने इदमेव जाप्यं, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

जिह्‍वे रसज्ञे मधुरप्रिया त्वं, सत्यं हितं त्वां परमं वदामि।
आवर्णये त्वं मधुराक्षराणि, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

त्वामेव याचे मन देहि जिह्‍वे, समागते दण्डधरे कृतान्ते।
वक्तव्यमेवं मधुरम सुभक्तया, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

श्री कृष्ण राधावर गोकुलेश, गोपाल गोवर्धन नाथ विष्णो।
जिह्‍वे पिबस्वा मृतमेवदेवं, गोविन्द दामोदर माधवेति॥

5. न गुरोरधिकं तत्त्वं न गुरोरधिकं तपः।तत्त्वज्ञानात् परं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमःशुभ गुरुपूर्णिमा🙏🪔🌹
10/07/2025

5. न गुरोरधिकं तत्त्वं न गुरोरधिकं तपः।
तत्त्वज्ञानात् परं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः
शुभ गुरुपूर्णिमा🙏🪔🌹

राधे कृष्णा राधे🙏🙏
21/03/2025

राधे कृष्णा राधे🙏🙏

जिस्म के बात नही हमे तो आपके दिलतक पहुंचना था दूरी तय करने में वक्त तो लगता है (श्री राधे,❣️❣️)
18/01/2025

जिस्म के बात नही हमे तो आपके दिलतक पहुंचना था दूरी तय करने में वक्त तो लगता है (श्री राधे,❣️❣️)

18/01/2025
भक्तवाञ्छाकल्पतरु लीलापुरुषोत्तम भगवान् श्रीकृष्ण के अवतरणदिवस (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) पर हार्दिक शुभकामनाएं !!भगवान कृष्...
26/08/2024

भक्तवाञ्छाकल्पतरु लीलापुरुषोत्तम
भगवान् श्रीकृष्ण के अवतरणदिवस
(श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) पर
हार्दिक शुभकामनाएं !!

भगवान कृष्ण का जन्म और मरण कभी नहीं होता है | वे अपनी योगमाया से नाना प्रकार के रूप धारण करके लोगों के सम्मुख प्रकट होते हैं | भगवान की यह योगमाया उनकी अत्यन्त प्रभावशालिनी ऐश्वर्यमयी शक्ति है | भगवान् का अवतार जीवों के जन्म की भाँति नहीं होता है | वे अपने भक्तों पर अनुग्रह करके उन्हें अपनी शरण प्रदान करने के लिए अनेक दिव्य लीला-कार्य करने के लिए अपनी योगमाया से जन्मधारण की केवल लीलामात्र करते हैं | जब भगवान् अवतार लेते हैं तब उनके अवतारतत्त्व को न समझने वाले अज्ञानी लोग उनका जन्म हुआ मानते हैं और जब वे अन्तर्धान हो जाते हैं, उस समय उनका विनाश समझ लेते हैं | भगवान् का अवतारी शरीर प्राणियों के शरीर की भांति प्राकृत उपादानों से बना हुआ नहीं होता है | मनुष्य भगवान् के जन्म-कर्मों की दिव्यता को जिस समय समझ लेता है, उसी समय से वह आसक्ति, अभिमान, अहंकार और समस्त कामनाओं तथा राग-द्वेषादि समस्त दुर्गुणों का त्याग करके समभाव , अनन्यभाव और निष्कामभाव से भगवान् की भक्ति करने लगता है और मरने के बाद उसका पुनर्जन्म नहीं होता, वह भगवान् के परमधाम को चला जाता है | भगवान् श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं ----

“जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वत: |
त्यक्त्वा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन ||”
.....(कल्याण, अवतार-कथांक)

कृष्ण से हम है,हम कृष्ण से है🥰❣️
22/08/2024

कृष्ण से हम है,हम कृष्ण से है🥰❣️

Shree damodar aur maiya ashodha🙏🥰🫂
15/10/2022

Shree damodar aur maiya ashodha🙏🥰🫂

Shree Shyama Shyam🙏👩‍❤️‍👨🥰
15/10/2022

Shree Shyama Shyam🙏👩‍❤️‍👨🥰

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