Harivanshi sakhi

Directions

Harivanshi sakhi श्री हरिवंश🙏🙏
लड्डू गोपाल के हैंड मेड पोशाक सेवा..

कैसहु पापी क्यू ना होय हरिवंश नाम जो ले अलक लड़ैती रीझ के महल खवाशी दे...

01/10/2026

⚡️जो लोग परम् पूज्य गुरुदेव और केलीकुंज के बारे में अनाप शनाप बोल रहे हैं उनको शोध करके ही बोलना चाहिए , आपकी जानकारी के लिए बता दू कि गुरुदेव भगवान 06 माह पहले से ही केलिकुंज वृंदावन नही रहते है वह 18 किलोमीटर दूर बेलवन अपने नए आश्रम में रहते है। केवल अपने गुरुदेव से मिलने महीने में 01 बार वृंदावन आते है। रसिक बिहारी केलिकुंज में नही रहते थे वह केलिकुंज से 01 किलोमीटर दूर राधा वाटिका मुहल्ले में रहते थे। वह विरक्त सन्त बनने का निर्णय किया था । विरक्त सन्त का परिवार से कोई सम्बन्ध नही रहता है, परिवार यदि सम्पर्क करता है तो उनको या तो विरक्त सन्त छोड़ना होगा या परिवार से दूर जाना होगा। गुरुदेव भगवान के लाखों दीक्षा प्राप्त सन्त है। जिसमे गृहस्थ व विरक्त दोनो है। विरक्त की दीक्षा से पहले 01 वर्ष उनको समझने का समय दिया जाता है फिर एक वर्ष में उनको बार बार केलिकुंज आना होता है जब उनकी निष्ठा पूर्ण हो जाती है तब दीक्षा ने नियम बताया जाता है यदि विरक्त सन्त बनना है तो स्त्री की परछाई से भी दूर रहना होगा, मांस, मदिरा व जुआ का प्रयोग नहीं करना है। यदि वह 02 वर्ष की परीक्षा में यह सिद्ध कर लेते है कि वह इन नियमो का पालन करेंगे तब उनको विरक्त सन्त बनाया जाता है। गुरुदेव भगवान कहते है कि काम वासना की वेदना बहुत भयानक होती है उसको तुम बर्दाश्त कर सको तभी विरक्त सन्त बनो, वरना गृहस्थ सन्त बनकर रहो। अब दुलारी महराज की क्या समस्या हुई वह तो पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा। इसलिए गुरुदेव भगवान का नाम लेकर अनावश्यक बोलना मुझको उचित नही लगता। जो घटना हुई वह दुलारी महराज की व्यक्तिगत समस्या है । उसको सम्पूर्ण व्यवस्था से जोड़ना गलत है। श्री हरिवंश 🙏

किशोरी तेरी चारण की रज पाऊं 💙
23/09/2026

किशोरी तेरी चारण की रज पाऊं 💙

🌸 ललिता सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌸​आज का दिन श्री राधा रानी की सबसे प्रिय और अष्टसखियों में मुख्य 'देवी ललिता जी' क...
18/09/2026

🌸 ललिता सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌸
​आज का दिन श्री राधा रानी की सबसे प्रिय और अष्टसखियों में मुख्य 'देवी ललिता जी' के प्रकटोत्सव का पावन अवसर है। ललिता सप्तमी का यह व्रत राधा अष्टमी से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है।
​✨ ललिता सप्तमी का महत्व:
​सच्ची भक्ति और प्रेम: देवी ललिता, श्री राधा-कृष्ण की अनन्य सेविका हैं और उनके निश्छल प्रेम व भक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं।
​मनोकामना पूर्ति: मान्यता है कि आज के दिन ललिता जी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
​राधा-कृष्ण की कृपा: जो साधक ललिता जी का ध्यान करते हैं, उन्हें श्री राधा-माधव की अहैतुकी कृपा और भक्ति सहज ही प्राप्त हो जाती है।
​आइए, इस पावन अवसर पर देवी ललिता और श्री राधा-कृष्ण का ध्यान करें और जीवन को भक्तिमय बनाएं।
​जय श्री ललिता जु! 🚩
जय श्री राधे-कृष्ण! 🪷🙏
​

18/09/2026

आपके मन और मौन को हर कोई समझ नही सकता..

लाडो प्यारी के जन्म दिन आयो री .....😍😍
18/09/2026

लाडो प्यारी के जन्म दिन आयो री .....😍😍

18/09/2026

बधाई हो लाडली जू आ रही है कल☺️

Address

Pratapgarh

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Harivanshi sakhi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share