28/08/2026
द ग्रेट अशोका बुद्ध विहार, पोरबंदर The Great Ashoka Buddh Vihar, Porbandar में सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित विशेष धम्म उत्सव श्रद्धा, मैत्री और उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से धम्मप्रेमी उपासक-उपासिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आरंभ शाम 06:30 बजे तथागत बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से त्रिशरण वंदना कर पंचशील ग्रहण किया। इसके पश्चात वातावरण को बुद्ध के पावन धम्म की ऊर्जा से परिपूर्ण करने के लिए सामूहिक मेत्ता भावना की गई, जिसमें संपूर्ण मानवजाति और जीवमात्र के कल्याण की मंगल कामना की गई।
धम्म संवाद सत्र के दौरान वक्ताओं ने सावन पूर्णिमा के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तथागत बुद्ध के महापरिनिब्बान के पश्चात आज ही के दिन राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में ऐतिहासिक 'प्रथम बौद्ध संगीति' का आयोजन हुआ था, जहां अरहंत आनंद द्वारा सुत्त पिटक और अरहंत उपालि द्वारा विनय पिटक का संकलन कर बुद्ध धम्म को संगठित व अमर स्वरूप प्रदान किया गया था।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में #नेपाल और #तिब्बत में हुई बाढ़ के पीड़ितों के प्रति करुणा व्यक्त की गई और जो लोगों ने अपनी जान लगाई उनके लिए मौन रखकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की गई।
तत्पश्चात सभी उपस्थित उपासकों द्वारा सामूहिक संघ भोजन का आयोजन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम की कुशल व्यवस्था और संचालन द ग्रेट अशोका बुद्ध विहार परिवार तथा स्थानीय बौद्ध परिवार द्वारा किया गया। अंत में "सब्बे सत्ता सुखी होन्तु" के मंगल घोष के साथ इस ऐतिहासिक धम्म उत्सव का समापन हुआ।