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goswamishrijayvallabhlalji ll श्री मदनमोहनप्रभु: विजयते ll
ll श्री नवनितप्रभु: विजयते ll
ll श्री मथुराधीशप्रभु: विजयते ll

राधाजू शोभा प्रगट भई । वृंदावन गोकुल गलियनमें सुखकी लता छई ।।१।। प्रति प्रति पद गोपुर कुंजनमें उपजी उपमा नई । कुंभनदास ग...
31/08/2025

राधाजू शोभा प्रगट भई ।
वृंदावन गोकुल गलियनमें सुखकी लता छई ।।१।।
प्रति प्रति पद गोपुर कुंजनमें उपजी उपमा नई ।
कुंभनदास गिरिधर आबेंगे आगें पठै दई ॥२॥

ऐसी बंसी बाजी वनघनमें व्यापिरही ध्वनि महामुनिनकी समाधि लागी ॥ भयो ब्रह्मनाद उठत अहल्लाद जहां तहां व्रजघोष रत्न वृंद भये ...
28/08/2025

ऐसी बंसी बाजी वनघनमें व्यापिरही ध्वनि महामुनिनकी समाधि लागी ॥
भयो ब्रह्मनाद उठत अहल्लाद जहां तहां व्रजघोष रत्न वृंद भये सब त्यागी ॥१ ॥
रास आदि अनेक लीला रस भाव पूरित मूरति मुखारविंद छबि धरें विरह अनंग जागी ।।
तब वेणुनाद द्वार अब श्रीलक्ष्मणभट भूप कुमार पद्मनाभ देवोद्धार अर्थ त्यागी ॥२ ॥

गाऊं श्रीवल्लभ ध्याऊं श्रीवल्लभ वल्लभचरणरज तन लपटाऊं ॥ वल्लभसंतति नित्यप्रति निरखूं वल्लभदासन दास कहाऊं ॥१॥ कृष्णलीला से...
22/08/2025

गाऊं श्रीवल्लभ ध्याऊं श्रीवल्लभ वल्लभचरणरज तन लपटाऊं ॥
वल्लभसंतति नित्यप्रति निरखूं वल्लभदासन दास कहाऊं ॥१॥
कृष्णलीला सेवा नित्य करकें जगत सबे तृणतुल्य धराऊं ।।
व्यासदासकी यही प्रतिज्ञा
श्रीगोविदक्रपाते पाऊं ॥२।।

बाजे बधाइयाँ वे सईयां नंददे दरबार । हुवा सुत सोहनां वे मनदा मोहानां सुकुंवार । आई सुनी गोपियां वे हिलिमिलि गावही खुशीयाल...
19/08/2025

बाजे बधाइयाँ वे सईयां नंददे दरबार ।
हुवा सुत सोहनां वे मनदा मोहानां सुकुंवार ।
आई सुनी गोपियां वे हिलिमिलि गावही खुशीयाल ।
जुरे सब लोक मंगनवे गुनीगन बोले दै दै ताल ॥

महामहोच्छव श्रीगोकुलगाम ॥ प्रेममुदित जुवती जस गावत श्यामसुंदरको लै लै नाम ॥१॥ जहाँतहाँ लीला अवगाहत खरिक खोरि दधिमंथन ठाम...
16/08/2025

महामहोच्छव श्रीगोकुलगाम ॥
प्रेममुदित जुवती जस गावत श्यामसुंदरको लै लै नाम ॥१॥
जहाँतहाँ लीला अवगाहत खरिक खोरि दधिमंथन ठाम ॥
करत कुलाहल निस अरु बासर आनंदमें बीतत सब जाम ॥२॥
नंदगोप सुत सब सुखदायक मोहन मूरति पूरन काम ॥
चतुर्भुज प्रभु गिरिधर आनंदनिधि सखी स्वरूप शोभा अभिराम ॥३॥

हु सेवू श्रीगिरिधरन छबीलो श्रीमोहनलाल रंगीलो स्याम । ओर अनेक अवतार धरत हे वासों नहीं मेरे कछु काम ॥१॥त्रिया जाकी वृषभानन...
13/08/2025

हु सेवू श्रीगिरिधरन छबीलो श्रीमोहनलाल रंगीलो स्याम ।
ओर अनेक अवतार धरत हे वासों नहीं मेरे कछु काम ॥१॥
त्रिया जाकी वृषभाननंदनी श्रीराधा प्यारी जाको नाम ॥२॥

श्रीगोकलमें आनंद भयो घरघर बजत बधाई ॥ श्रीवल्लभ गृह प्रकट भयेहें श्रीविठ्ठल सुखदाई ॥१ ।।
09/08/2025

श्रीगोकलमें आनंद भयो घरघर बजत बधाई ॥
श्रीवल्लभ गृह प्रकट भयेहें श्रीविठ्ठल सुखदाई ॥१ ।।

राखी बांधत वल्लभलाल ।। मात रुक्मिणी कर लीने सोहत कंचन थाल ॥ रतनजटित राखी बांधतहे मेवा देत रसाल ।। निरख निरख वल्लभवरको मु...
09/08/2025

राखी बांधत वल्लभलाल ।।
मात रुक्मिणी कर लीने सोहत कंचन थाल ॥
रतनजटित राखी बांधतहे मेवा देत रसाल ।।
निरख निरख वल्लभवरको मुख तन मन होत निहाल ॥२ ॥
मक्त सबे ठाडे मुख निरखत चंचल नेन विशाल ॥
वृन्दावन को चंद श्रीवल्लभ भक्तजनन प्रतिपाल ॥३ ॥

हमतो श्रीविठ्ठलनाथ उपासी ॥ सदा सेऊं श्रीवल्लभनंदन कहा करूं जाय काशी ॥१ ॥ इनें छांड जो और ध्यावे सो कहीये असुरासी ।। छीतस...
08/08/2025

हमतो श्रीविठ्ठलनाथ उपासी ॥
सदा सेऊं श्रीवल्लभनंदन कहा करूं जाय काशी ॥१ ॥
इनें छांड जो और ध्यावे सो कहीये असुरासी ।।
छीतस्वामी गिरिधरन श्रीविठ्ठल बानी निगम प्रकाशी ॥२

भावत है तोहि टोंड कौ घनो।। कांटा लागे गोखरू भागे फट्यो जात यह तनो ॥
07/08/2025

भावत है तोहि टोंड कौ घनो।।
कांटा लागे गोखरू भागे फट्यो जात यह तनो ॥

पवित्रा पहेरत विट्ठलनाथ ॥ सुंदर शुभ पाटके रचेहें सातों बालक साथ ॥ १ ॥ श्रीगिरिधर गोविंद मोदभरे गोकुलेश रघुनाथ ॥ श्रीयदुन...
06/08/2025

पवित्रा पहेरत विट्ठलनाथ ॥
सुंदर शुभ पाटके रचेहें सातों बालक साथ ॥ १ ॥
श्रीगिरिधर गोविंद मोदभरे गोकुलेश रघुनाथ ॥
श्रीयदुनाथ घनश्याम बालकृष्ण लिये पवित्रा हाथ ॥ २ ॥
भिन्नभिन्न पहराय भेट घर दिये चरणपर माथ ॥
मिश्री भोग धर वारत तनमन व्रजजन गावत गुणगाथ ॥३ ॥

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