Durga mata Mandir seva trust ramnagar

Durga mata Mandir seva trust ramnagar Social worker/ Politician

बिहार की बदहाली का जिम्मेदार कौन?दोस्तों, बिहार आज बदहाल क्यों है, प्रदेश का युवा पलायन पर मजबूर क्यों है, भ्रष्टाचार और...
05/11/2024

बिहार की बदहाली का जिम्मेदार कौन?

दोस्तों, बिहार आज बदहाल क्यों है, प्रदेश का युवा पलायन पर मजबूर क्यों है, भ्रष्टाचार और अपराध का ग्राफ क्यों बढ़ रहा है, लगभग प्रत्येक गाँव आज युवा रहित क्यों होते जा रहे हैं? प्रदेश में दिशाहीन एवं अभिशप्त सरकार क्यों है, क्यों बिहार जातिगत ज़हरवाद के विषबेल में पलने पर मजबूर है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो प्रत्येक प्रदेशवासियों को झकझोरते तो ज़रूर हैं लेकिन उचित समाधान की तलाश को अधूरा ही छोड़ देते हैं!
दोस्तों, आजकल पर्व-त्यौहारों
का मौसम चल रहा है। सभी अपने-अपने घरों को लौटना चाहते हैं ताकि दीपावाली- छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्वों पर शामिल हो सके! लेकिन यह कितना दुखद है कि देश के किसी भी शहर से राज्य की ओर जाने वाली ट्रेनों में टॉयलेट सीटों से लेकर दरवाजों तक लटक कर सफर करता एक बिहारी युवा का दर्द कोई बिहारी राजनेता आज तक जान क्यों न सका?
यह कितना दुखद है कि जिस राज्य में लगभग चार दशकों से अपने को अति पिछड़ा व पिछड़ों का अगुवा मानने वालों की ही सरकार रही है लेकिन आज भी जातीय जनगणना, हिंदू-मुस्लिम जैसे उबाऊ और नकारात्मक मुद्दे ही प्रमुखता से उछाले जाते हैं और आम जनता को मदहोशी की दवा दे दी जाती है। प्रदेश कि जनता दिनोदिन भिखमंगी ओर बदहाली की ओर धकेली ही जा रही हैं।

यह बिहार का दुर्भाग्य ही है कि पिछले चालीस वर्षों में शायद ही कोई एक कंपनी बिहार में अपना आश्रय बनाया हो। एक-दो जो कंपनियां जान पर खेलकर आई भी लेकिन सरकारी उदासीनता, अधिकारियों की बदसलूकी और संसाधनों की अनुपलब्धता ने उनसभी का हिम्मत तोड़ दिया। आज बिहार जिस दिशा में जा रहा है वह ख़तरनाक भविष्य की ओर इशारा करता है। प्रदेश का पूरा सिस्टम चुनावी समीकरण का हिस्सा बन गया है। आज स्वास्थ्य और शिक्षा की बदहाली कोई मुद्दा नहीं है बल्कि दोहन करके उसे रसातल में पहुंचा दिया गया है। यह एक साजिश के तहत किया जा रहा है- स्पष्ट दिख रहा है।
आज भी प्रदेश देश में सबसे पिछले पायदान पर खड़ा है। सुशासन बाबू का कुर्सी से चिपके रहने का असली गुनाहगार कोई और नहीं बल्कि राज्य की सभी राजनीतिक दल ही हैं। जो इसके पूर्णतः दोषी हैं। वहीं इन दलों ने राज्य की जनता का विवेक खाकर अपना विस्तार ज़रूर करते जा रहे हैं!
आज समय आ गया है कि बदहाल युवा अपनी किस्मत को टटोले, अपने प्रति होते नफरती व्यवहार को पहचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ही सही लड़ने का मद्दा दिखाकर इन स्वार्थी दलों एवं नपुंसकी सरकार को उखाड़ फेंके। यहीं अन्तिम और सकारात्मक समाधान है।

निवेदक:- विजय कुमार चंदेश्वर यादव
युवा समाजसेवी और ट्रस्टी- श्री दुर्गा माता मंदिर सेवा ट्रस्ट रामनगर, फुलपरास, मधुबनी (बिहार)

11/09/2024
कल मेरे प्रिय मित्र भौराराम जी मिठाई की दुकान का पूजा रखा थाधन लक्ष्मी स्वीट्स का उहा उन्होंने मुझें सम्मानित किया और मा...
31/08/2024

कल मेरे प्रिय मित्र भौराराम जी मिठाई की दुकान का पूजा रखा था
धन लक्ष्मी स्वीट्स का उहा उन्होंने मुझें सम्मानित किया और मायने
भी भगवान से आशीर्वाद लिये जय माँ लक्ष्मी..

फुलपरास अनुमंडल पंचायत घर में जिला अग्निशमन विभाग द्वारा प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। जिसमें अधिकारियों द्वारा स्थानीय कर्...
30/07/2024

फुलपरास अनुमंडल पंचायत घर में जिला अग्निशमन विभाग द्वारा प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। जिसमें अधिकारियों द्वारा स्थानीय कर्मचारियों एवं नागरिकों को किसी भी तरह की आग लगने कि स्थिति में बिना डरे आसानी से काबू पाने के गुर सिखाए गए। जिसमें मैं भी स्थानीय प्रतिनिधि के नाते अपने विचार रखे तथा बारीकी से घरों में गैस सिलेंडर या किसी भी तरह की आग लगने कि स्थिति में होने वाली कठिनाई को सामने रखा। वहीं विभाग से ऐसी स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। गांव के मासूम लोगों के जान- माल को तरहीज देना ही अपना उद्देश्य होना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेलते नीतीश कुमार!बिहार के छात्र इन दिनों खून का घूंट पीने पर मजबूर हैं। यहां शिक्षा व्यवस्...
06/07/2024

शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेलते नीतीश कुमार!

बिहार के छात्र इन दिनों खून का घूंट पीने पर मजबूर हैं। यहां शिक्षा व्यवस्था में चारों तरफ़ बदहाली और अराजकता फैली है। नीतीश कुमार की सत्तालोलुपता इसकी सबसे बड़ी वजह है। शिक्षा की बात करे तो यहां पहली से पीएचडी तक की पढ़ाई में अंधकार और सिर्फ अंधकार ही दिखाई दे रहा है। यहां शिक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चौपट हो चुकी है। सरकारी स्कूलों की उपयोगिता अब केवल गरीबों के बच्चों को छिपकिली-कॉकरोच-मकड़ी युक्त मध्याह्न भोजन खिलाने, बच्चों को दी जाने वाली कई तरह की सुविधाओं में घोटाला करने और शिक्षकों की बहाली में भारी घूस खाने भर के लिए रह गई है। पढ़ाई लिखाई से तो अब इन स्कूलों का कोई वास्ता रहा ही नहीं। सरकार शिक्षक का मतलब पढ़ने-पढ़ाने के सिवाय कुछ भी समझ लीजिए! यह बिहार का दुर्भाग्य है कि लोग शिक्षकों एवं सरकार को नफ़रत की नज़रों से देखने लगे हैं।

बिहार में प्राथमिक शिक्षकों की बहाली से लेकर बीपीएससी समेत सभी विभागों में घूसखोरी चरम पर है। यहां लगभग सारी प्रतियोगीता परीक्षाओं के पेपर लीक होते हैं और सरकारी नौकरियों की लगभग सारी की सारी सीटें घूस खाकर बेच दी जाती हैं। हालात ऐसे भयावह हैं कि आज यदि स्वयं डॉ राजेंद्र प्रसाद भी बिहार में पुनः आ जाएं, तो एक सरकारी प्राइमरी टीचर की नौकरी भी उन्हें बिना घूस खिलाए नहीं मिल सकती। बिहार में जो आदमी क्लेम कर रहा है कि बिना घूस खिलाए ही उसे कोई सरकारी नौकरी मिल गई है, या तो लाखों लोगों के बीच में वह प्रचंड किस्मत वाला है या फिर सरासर झूठ बोल रहा है।

बिहार के हित, मान-सम्मान और गौरव के लिए सदा समर्पित भाव से काम करने वाला हम जैसा एक बिहारी आज अपमानित महसूस करता है। बाहर में यहां कि स्कूली डिग्रियों को शक की नज़रों से देखा जाने लगा है। बिहारी होने के बावजूद मुझे भी बिहार की किसी डिग्री का कोई भरोसा नहीं दिखता, क्योंकि सारे विश्वविद्यालयों में प्रश्नपत्र आउट हो रहे हैं और ज़्यादातर बच्चे परीक्षा में गेस पेपर खोलकर उत्तर लिख रहे हैं। ऐसा हो भी क्यों नहीं, क्योंकि बिहार में ज़्यादातर कुलपतियों तक को घूस खिलाकर ही यह पद हासिल होता है। जब सबसे ऊपर बैठा व्यक्ति ही घूस खिलाकर वहां बैठा है, तो नीचे की व्यवस्था कितनी ईमानदारी से काम करती होगी, यह तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
अतः लोगों से निवेदन है कि वे अपने पूर्वग्रहों से बाहर आकर दलगत, जातिगत और संप्रदायगत भावनाओं से ऊपर उठकर बिहार में एक स्वच्छ एवं निडर सरकार लाए जो बिहार के सपनों को संजो सके। ताकि जो बिहारी बच्चें दूसरे प्रदेशों में जाकर अपना करोड़ों खर्च करके भविष्य बना रहे हैं, यह सब कुछ यहीं बिहार में ही हो सके। यह तभी हो सकेगा जब बिहार का युवा जागेगा। अतः, जय बिहार, युवा बिहार की सोच को आगे लाना ज़रूरी है। धन्यवाद्

हाथरस में वीभत्स दुर्घटना, सत्संग में भगदड़ से 130 से अधिक लोगों की मौत।एक बेहद दर्दनाक घटना यूपी के हाथरस में घटी है। ज...
02/07/2024

हाथरस में वीभत्स दुर्घटना, सत्संग में भगदड़ से 130 से अधिक लोगों की मौत।

एक बेहद दर्दनाक घटना यूपी के हाथरस में घटी है। जानकारी के मुताबिक सिकंदराराऊ से एटा रोड पर स्थित गांव फुलरई में सत्संग के बाद बड़ा हादसा हुआ है। सत्संग खत्म होने के बाद निकल रही भीड़ को रोककर बाबा का काफिला निकालने के लिए रास्ता बनाने के क्रम में भीड़ में भगदड़ मच गई। सूचना है कि इसमें 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, कई की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में यह संख्या अभी और भी बढ़ सकती है।
इस बेहद भयावह एवं दुःखद घटना पर संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त किया है और जितनी जल्दी हो सके उचित कदम उठाए जाने का विश्वास दिलाया ताकि क्षति को कमतर किया जा सके। वहीं मृतकों के आश्रितों को सहायता एवं घायलों के समुचित ईलाज के प्रबंध का आदेश भी दिया है।
जबकि प्रश्न इससे बड़ा यह है कि कैसे ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जाय, जहां इतनी ज्यादा भीड़ इकट्ठी होती हो वहां कैसे इतनी लचर व्यवस्था थी, प्रशासन क्या कर रहा था, पुलिस कहां सोई हुई थी? कुछ ऐसे ज्वलंत प्रश्न हैं जिसका उत्तर मिलना ही चाहिए। उम्मीद है प्रदेश की योगी सरकार कुछ ठोस कदम उठाकर ऐसे घटनाओं पर रोक लगा पाएगी। हमारी गहरी संवेदना घायलों के साथ है तथा ईश्वर से प्रार्थना है कि वे जल्दी स्वस्थ हो जाए। घटना में मरे लोगों के परिवारोंजनों को ईश्वर ताकत दे कि वे इससे जल्दी उबर सके। वहीं सरकार इनके साथ खड़ी रहकर इन्हें मजबूत संबल दे सकती है जो बेहद ज़रूरी। इस घटना की जांच भी एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर कराया जाना चाहिए।

सभी साथियों, दोस्तों, शुभचिंतकों को बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने अपना कीमती समय निकालकर मेरे जैसे छोटे व्यक्ति को गौरवान्वित ...
22/02/2024

सभी साथियों, दोस्तों, शुभचिंतकों को बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने अपना कीमती समय निकालकर मेरे जैसे छोटे व्यक्ति को गौरवान्वित कर दिया है। आपसभी के असीम प्यार और स्नेह ने मेरे जन्मदिन को यादगार बना दिया है। आपके इस अद्भुत समर्थन ने मेरे उत्साह और सामाजिक जीवन में हमेशा से एक नवीन व अविरल मानवीय श्रोत का निरंतर संचार करता रहा है। यहीं वह आधार है जिससे मैं अभिभूत मन से अपने को जनता की सेवा में समर्पित कर पाता हूं। सभी जानते हैं कि मेरे लिए लोगों के साथ जीना, उनके सुख- दुःख का हिस्सा बनना, उनके लिए समय देना बहुत ही अच्छा लगता है। यह सब आप लोगों के निःस्वार्थ प्यार की बदौलत ही है। मैं बहुत ही शुक्रगुजार हूं कि मुझें आप जैसे शुभचिंतक मिले हैं। मेरे जन्मदिन को यादगार और स्वर्णिम बनाने के लिए आपसभी को बहुत-बहुत धन्यवाद और ढ़ेरों प्यार।

भारतीय ड्राइवरों के साथ यह न्यायिक क्रूरता है।केंद्र की मोदी सरकार ने भारतीय दंड विधान प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन क...
01/01/2024

भारतीय ड्राइवरों के साथ यह न्यायिक क्रूरता है।

केंद्र की मोदी सरकार ने भारतीय दंड विधान प्रक्रिया में आमूल-चूल परिवर्तन किया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान कर दिया गया है। जबकि पुराने प्रविधान में ड्राइवर की थाने से जमानत हो जाती थी और अधिकतम दो साल की सजा होती थी। अब नए कानून में प्रावधान कर दिया गया है कि यदि भारतीय ड्राइवर एक्सीडेंट होने घायल व्यक्ति को छोड़कर भाग जाता हैं तो उसे दस साल की सजा होगी। यदि ड्राइवर रुक कर घायल को अस्पताल पहुंचाए तो सजा कम हो सकती है। इन प्रावधानों का आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया है। वहीं पुरे देश में ड्राइवरों का विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।
वैसे भी देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालकों का है। भारत इस समय वाहन चालकों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार का इस और कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में 10 साल की सजा के प्रावधान के बाद अब ट्रक ड्राइवर नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। दुसरी तरफ, एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन प्रोटोकॉल का अभाव इन ड्राइवरों को वैसे ही जान मार रहा था जबकि अब रही सही कसर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए घटना स्थल पर रुकना सीधे मौत को निमंत्रण देने जैसा हो गया है? इनका कहना है कि जो मरा तो मरा ही, अब उस ड्राइवर की भी स्थानीय लोगों द्वारा मौत सुनिश्चित हो जायेगी भले ही उस ड्राइवर का दोष बिलकुल भी न रहा हो! यह सरकार द्वारा अनुचित तरीके से भारत के 22 करोड़ चालकों के गले में फांसी का फंदा पहनाने के समान है। वहीं, भारतीय ड्राइवर अपनी जान बचाकर भागता है तो सरकार का बनाया कानून उसको 10 साल की सजा देकर उसके घर परिवार को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करता है। 5000 से 10000 की सैलरी पाने वाला ड्राइवर एक एक्सीडेंट में 5 लाख रुपए का दण्ड कहां से जुटा पाएगा। ज्यादातर ड्राइवर किराए के घरों में रहते हैं। उनका अपना कुछ भी नहीं है। झोपड़ी में रहने वाले इन ड्राइवरों से जुर्माना वसूल किया गया तो उनके बाल बच्चे रोड पर आ जाएंगे और आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। यह कानून आने से भारतीय ड्राइवर को देश में गाड़ी चलाना अपराध हो सा हो जायेगा और उनकी मानसिक स्थिति तनावग्रस्त रहेगी जिससे और अधिक दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। अतः सरकार से आग्रह है कि वह इन काले कानूनों पर पुनर्विचार करते हुए इसे सरलतम करने का प्रयास करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो देश की अर्थव्यवस्था ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से चरमरा जायेगी।

दोस्तों सालों बाद दिल्ली आना हुआ है। सच में यहां की राजनीतिक सरगर्मी जीवन के उत्साहपूर्ण उत्सर्ग को झकझोर देती है। वहीं,...
23/12/2023

दोस्तों सालों बाद दिल्ली आना हुआ है। सच में यहां की राजनीतिक सरगर्मी जीवन के उत्साहपूर्ण उत्सर्ग को झकझोर देती है। वहीं, यहां आऊं और अपने परम मित्र व बड़े भाई तथा संपादक- राजनीति टाइम्स, शशिकांत दूबे सर से मुलाकत न हो, यह कैसे संभव न हो! दिल्ली के प्रेस क्लब में इस आत्मीय मुलाकात में बहुतेरे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। आने वाले लोकसभा चुनाव और आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के सन्दर्भ में विस्तृत बातचीत हुई। आगे का समय कैसा हो इस पर कुछ ठोस निर्णय भी लिया गया। इस मुलाकात में अपने साथी व चाचा अरुण जी, अपने अजीज़ दोस्त जे पी मंडल जी की उपस्थिति उत्साहवर्धक रही। सभी ने क्लब में स्वादिष्ट भोजन का स्वाद भी लिए। वाकई यह यात्रा जो माता वैष्णव देवी जी के शुभ दर्शन से शुरू होकर मनाली होते हुए दिल्ली तक बेहद संजीदा और यादगार यादों से भरी रही। आज मुंबई की ओर प्रस्थान राजधानी ट्रेन से कर रहा हुआ। आप सभी का प्रेम इसी तरह मिलता रहे। इसके लिए आपसभी को बहुत बहुत धन्यवाद्।

30/08/2021

Address

Phulpras

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Durga mata Mandir seva trust ramnagar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share