23/01/2026
बसंत पंचमी के पावन पर्व की सभी भक्तो को हार्दिक शुभकामनायें । माँ शारदा सभी पर अपनी कृपा दृष्टी बनाये रखें। 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🙏🙏🙏🙏🙏🙏जय माता की🙏🙏🙏🙏🙏🙏🎉🎉🎉🎉
बसंत पंचमी का पर्व क्यों मनाया जाता है और इसका हिन्दू धर्म में क्या विशेष महत्व है?
बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी माता सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत पावन पर्व है।
यह पर्व प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और इसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है।
बसंत पंचमी 2026
23 जनवरी 2026, शुक्रवार
इस दिन सरस्वती पूजा, तक्षक पूजा एवं कामदेव पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
बसंत पंचमी 2026 पूजा मुहूर्त (Shubh Muhurat)
विवरण समय
सरस्वती पूजा मुहूर्त सुबह 07:12 AM से 12:38 PM
पंचमी तिथि प्रारंभ 23 जनवरी 2026 – 02:28 AM
पंचमी तिथि समाप्त 24 जनवरी 2026 – 01:46 AM
सरस्वती पूजा की विधि
बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को साफ कर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. मां को पीले फूल, अक्षत, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें. विद्यार्थी इस दिन अपनी किताबें, कॉपी और वाद्य यंत्र मां के चरणों में रखकर आशीर्वाद लेते हैं.
सरस्वती पूजा के प्रमुख मंत्र
मंत्र जाप से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.
“या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता…”
ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः (बीज मंत्र)
ॐ सरस्वत्यै नमः
इन मंत्रों का श्रद्धा से जाप करने से ज्ञान और एकाग्रता में वृद्धि होती है.
भोग का महत्व
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है. खीर, केसर युक्त मिठाई, हलवा, मिश्री, दही, पंचामृत, ड्राई फ्रूट्स और मौसमी फल भोग में शामिल किए जा सकते हैं.
बसंत पंचमी के विशेष उपाय
इस दिन सरस्वती चालीसा का पाठ करें और पीली वस्तुओं जैसे चना दाल, हल्दी, पीले वस्त्र का दान करें. मान्यता है कि इससे शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और करियर में सफलता मिलती है.
भोग का महत्व
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है. खीर, केसर युक्त मिठाई, हलवा, मिश्री, दही, पंचामृत, ड्राई फ्रूट्स और मौसमी फल भोग में शामिल किए जा सकते हैं.
बसंत पंचमी के विशेष उपाय
इस दिन सरस्वती चालीसा का पाठ करें और पीली वस्तुओं जैसे चना दाल, हल्दी, पीले वस्त्र का दान करें. मान्यता है कि इससे शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और करियर में सफलता मिलती है.
बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी को न केवल मां सरस्वती का जन्मोत्सव माना जाता है, बल्कि इसी दिन रति और कामदेव के पृथ्वी पर आगमन की भी कथा जुड़ी है. इसलिए कई स्थानों पर दांपत्य सुख और प्रेम जीवन की कामना से रति-कामदेव की भी पूजा की जाती है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित हैं. किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.
SOI-kisanindia.in