16/06/2026
पवित्र प्रेरितों का उपवास
प्रेरितों के साथ बारह दिनों की आध्यात्मिक यात्रा
पवित्र प्रेरितों का उपवास
दिन 1 – संत पतरस: विश्वास की चट्टान
प्रारंभिक प्रार्थना
हे प्रभु यीशु मसीह, जिन्होंने गलील की झील के किनारे से शमौन पतरस को बुलाकर अपनी कलीसिया का चरवाहा बनाया, हमारे विश्वास को दृढ़ कीजिए और हमें पूरे मन से आपका अनुसरण करने में सहायता दीजिए। आमीन।
पवित्र शास्त्र पाठ
मत्ती 16:13–19
संत पतरस के विषय में
संत पतरस, जिनका मूल नाम शमौन था, गलील के एक साधारण मछुआरे थे। प्रभु यीशु ने उन्हें मनुष्यों के मछुवारे बनने के लिए बुलाया। यद्यपि उन्होंने प्रभु की गिरफ्तारी के समय भयवश उनका इंकार किया, फिर भी उन्होंने सच्चे मन से पश्चाताप किया और प्रभु द्वारा पुनः स्थापित किए गए। पवित्र आत्मा से भरकर वे प्रारंभिक कलीसिया के एक साहसी प्रचारक और प्रमुख अगुआ बने।
मनन
संत पतरस का जीवन हमें सिखाता है कि परमेश्वर सिद्ध मनुष्यों को नहीं, बल्कि समर्पित और पश्चातापी हृदयों को उपयोग करता है। हमारी असफलताएँ हमें परमेश्वर की सेवा से अयोग्य नहीं बनातीं, यदि हम विनम्रतापूर्वक उसके पास लौट आते हैं। जिस प्रकार पतरस ने साहसपूर्वक मसीह को संसार के सामने स्वीकार किया, उसी प्रकार हमें भी अपने विश्वास की गवाही देनी चाहिए।
अनुकरण करने योग्य गुण
विश्वास और पश्चाताप
प्रार्थना विषय
1) मसीह में दृढ़ विश्वास के लिए।
2) सच्चे पश्चाताप और आत्मिक नवीनीकरण के लिए।
3) धर्माध्यक्षों, पादरियों और कलीसिया के सभी अगुओं के लिए।
4) हमारे परिवारों में आत्मिक जागृति के लिए।
5) सुसमाचार प्रचार और कलीसिया की वृद्धि के लिए।
स्मरण पद
"तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।" — मत्ती 16:16
समापन प्रार्थना
हे पवित्र प्रेरित पतरस, जिन्होंने अपने विश्वास और समर्पण से प्रभु की महिमा की, हमारे लिए मध्यस्थता कीजिए कि हम भी विश्वास में स्थिर रहें, अपने पापों से पश्चाताप करें और जीवन भर प्रभु यीशु मसीह के प्रति विश्वासयोग्य बने रहें। आमीन।
आज का संकल्प
मैं आज निर्भय होकर मसीह में अपने विश्वास की गवाही दूँगा और किसी भी परिस्थिति में प्रभु से विमुख नहीं होऊँगा।
दिन का विशेष विचार
"परमेश्वर हमारी कमज़ोरियों को नहीं, बल्कि हमारे समर्पण को देखता है। जब हम पश्चाताप करते हैं, तब वह हमें नई शक्ति और नया उद्देश्य प्रदान करता है।"