माता महाकाली जी का पौराणिक व भव्य मंदिर चैड चैनपुर, नैनीडांडा (ब्लॉक) पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड में स्थित है
यह माता महाकाली ईष्ट देवी के रूप में पूजी जाती है
चैड चैबड़ा क्षेत्र वासी इसकी सेवा करते है
माता महाकाली जी का जितना भी गुणगान कर सकू मेरे लिए व हम सबके लिये उतना ही कम है।
इस स्थान की सत्यता, शक्ति, पवित्रता देखते ही बनती है। यह शीघ्र प्रसन्न होने वाली आराध्य माता भगवती महाकाली जी है।
अपने अस
हाय भक्तो व शरण मे आये हुए दीन हीन हम सबकी माता महाकाली रक्षा करती है।
इस स्थान में आने वाले हर श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होती हैं।
यह अत्यंत रमणीक स्थल है। एवं पुण्यदायी है।
मंदिर स्थल में बांज का पेड़ आकर्षण का केंद्र बना रहता है यह लगभग तीन (3) सौ साल से अधिक पुराना विशाल शाखाओ से आच्छादित बड़े से थाल बनाये हुए है ।
यही पर 1925 में स्थापित प्राथमिक विद्यालय चैड अवस्थित क्षेत्र की प्राथमिक शिक्षा का केंद्र जिसमे हर वृद्ध,युवा की अविस्मरणीय यादे सजोये है । चैड चैबाडा के मध्य में स्थित महाकाली का पौराणिक व भव्य मंदिर शांत, रमणीक, शुद्ध ताजी हवा व साय काल 6 बजे के बाद तेज हवा माता के पुण्य स्थली का आभास कराती है। दावा किया जाता है कि गर्मियों (मई-जून) में भी साय काल बिना स्वेटर के 15 मिनट खड़ा नही रह सकता सच मे यह सत्य है इस दिव्यपावँन स्थली की अनुभूति यहा आकर ही महसूस की जा सकती है। विशेष पर्व वैशाख माह के अंतिम सोमबार को यहा पर भव्य मेले का आयोजन होता है जिसमे सेवित जनमानस चैड, चैबड़ा, बुडागड़, पासीखाल, डंडातोली, तोलुंडण्डा, नावेमल्ली, नावेतल्ली, द्वारी, सीलगौंव, चिलाव लगभग पैनो पट्टी, बुंगी पट्टी व इंडिया पट्टी के अधिकतर गाँव मेले में आया करते है और सामूहिक गीत चौफला नृत्य कर मेले की रौनक में चार चांद लग जाते है। मेले में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है
जिनमे प्रातः माता महाकाली को भोग लगाकर भंडारा भक्तो को परोसा जाता है।
जय माँ महाकाली
सबकी मनोकामना पूर्ण हो।