यादव सेना बनाने की आवश्यकता क्यों पडी ???
बदलती परिस्थितियों ने यादव समाज के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी है
जैसे ..
1. बाजारवाद और उपभोक्ताबाद की चपेट में पिसता गरीब यादव
2.सामंतो द्वारा कमजोर यादवों का बढ़ता शोषण
3.राजनीतिक नेताओं द्वारा लगातार की जा रही यादव समाज की अनदेखी व यादव समाज का गिरता सामाजिक स्तर
4. पूंजीवाद की आंधी में ढहती हमारी बहुमूल्य परम्पराएं
5. युवाओं में बढ़ती नशाखोरी
की प्रवृत्ति से आ रही सामाजिक विकृतियाँ . इन्हें रोकने हेतु संगठित होना अनिवार्य है .. रोकने के लिए उपाय निम्नलिखित है
1. जागृति समाज में उपज रही समस्याओं के प्रति जागृति अभियान तथा आपसी सहयोग से उनका निदान निकलने का निरंतर प्रयास ... बाजारवाद / उपभोक्तावाद के दुष्परिणामों के प्रति जागृति लाना
मृत्युभोज ,खर्चीली शादियाँ , दहेज़ व नशाखोरी के कारन हो रहे सामाजिक पतन के प्रति जागरूकता लाना व इन्हें रोकना
2. शिक्षा शिक्षा के महत्व व उपयुक्त शिक्षा के लिए बिशेषज्ञो द्वारा काउन्सिलिंग ,गरीब मेधावी छात्रो की आर्थिक व शैक्षणिक सहायता ..
संगठन के मजबूत होने पर महानगरों में यादव होस्टलों का निर्माण
3.स्वास्थ्य समाज के प्रतिष्ठित चिकित्सकों द्वारा समय समय पर चिकित्सकीय कैम्प ...
गंभीर बीमारियों के इलाज में अक्षम लोगो की आर्थिक व चिकित्सकीय सहायता
4.समृद्धि समाज के प्रतिष्ठित डॉक्टर्स , प्रोफेसर , इंजीनियर्स , टीचर्स द्वारा साल की शुरुआत में छात्रो के लिए शिक्षा चयन के लिए काउंसिलिंग कैम्प ... स्वरोजगार के लिए सफल व्यवसायियों से मार्ग दर्शन व संभव सामाजिक सहायता ... यादवों के निजी प्रतिष्ठानों में यादवो की नियुक्ति को प्राथमिकता देने की परम्परा डालना .. सरकारी क्षेत्र में आबादी के अनुपात में आरक्षण की मांग रखना .. यादवी हित से जुड़े तमाम मुद्दों जैसे कुंडा में यादवो का उत्पीडन रोकने व अहीर रेजिमेंट्स के लिए संघर्ष करना ... राजनीतिक नेताओं पर सामाजिक नियंत्रण स्थापित करना