23/08/2024
जैसे ही कोई अप्रिय घटना होती है पुरा देश विरोध प्रदर्शन करता है मोमबत्ती ले कर । बलातकारियों को कठोर से कठोर सजा मिलना चाहिए । कभी सोचे हैं वो जिसने बलात्कार किया आपके ही देश राज्य आपके ही समाज से है । समाज भी जाने दीजिये अधिकतर मामले में घर का ही होता है । कैसे इतना पतन हो जाता है अपनों का कैसे जिसे गोद में खिलाया हो उसे ही नोच लेते हैं ।
एक कारण दिखा की देखिये कैसे हमारे गाने चरित्र का निर्माण कर रहे हैं । आदर्शो से लबालब भरे हुए गाने हैं बोल तो ऐसे हैं की साहित्य का उत्थान हो जाए । ऐसे नही है की ये गाने कोई रास्ते पर चलता हुआ कोई दो टके का व्यक्तियों द्वारा ये गाने बने हो । सांसद से लेके विधायक तक सब शामिल है । फिर आम जनता बढ़ चढ़ के भाग लेती है । गली मोहल्ले में पूरी क्षमता से ध्वनि को तीव्र कर कर इनका प्रचार प्रसार होता है ।
महिला तो वस्तु है ही 🤬
आप देखिये एक तरफ नैतिकता और धार्मिक वीडियो है जिन्हें व्यूज़ नही आते दूसरी तरफ इन गानों को देखिये 300 M 600 M व्यूज़ । रोते रहिये कुछ नही बदलेगा । आप नही बदले तो सब वैसा ही रहने वाला है । स्वयं को देखिये समाज दिखेगा बदलाव वहाँ से शुरू होगा ।