24/06/2026
🔷 विश्व आज भी ले रहा है महर्षि सुश्रुत से प्रेरणा 🔷
जहाँ एक तरफ भारत के कुछ लोग अपने गौरवपूर्ण इतिहास और उपलब्धियों पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं, वहीं दूसरी तरफ विश्व हमारे महान ऋषियों और वैज्ञानिकों के ज्ञान को सम्मान देकर उनसे प्रेरणा ले रहा है।
शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के जनक महर्षि सुश्रुत ने लगभग 2600 वर्ष पूर्व चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने 300 से अधिक शल्यक्रियाओं का वर्णन किया तथा 120 से अधिक शल्य चिकित्सा उपकरणों का निर्माण एवं उपयोग किया।
आज उनके इसी अद्वितीय योगदान के सम्मान में Royal College of Surgeons of Edinburgh (स्कॉटलैंड) तथा Royal Australasian College of Surgeons (ऑस्ट्रेलिया) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उनकी प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं।
यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि महर्षि सुश्रुत का ज्ञान और योगदान आज भी सम्पूर्ण विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
🇮🇳 गर्व से कहिए — हम उस भूमि के वंशज हैं जिसने विश्व को चिकित्सा विज्ञान के महानतम अग्रदूतों में से एक दिया।
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