19/10/2023
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*रामायण पात्र.. कुंभकर्ण*
रामायण के पात्र कुंभकर्ण से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उसकी सोने की आदत ने पूरी लंका और उसके कुल का सर्वनाश किया। कुंभकर्ण भी रावण की तरह ज्ञानी था लेकिन उसके आस-पास जब सब गलत हो रहा था तब वह सोता रहा। अब देखिए!
जब शूर्पणखा गलत राह पर गई तब उसे समझाने के समय वह सोता रहा... परिणाम स्वरूप शूर्पनखा की नाक कट गई।
जब मारीच ने छल से रावण को सीता का हरण करने में सहायता की तब उसे रोकने के लिए कुंभकर्ण नही था क्योंकि वह सोता रहा।
जब परम ज्ञानी रावण किसी की पतिव्रता भार्या का हरण करने का पाप करने जा रहा था तब भी कुंभकर्ण सोता रहा।
जब हनुमानजी रावण को समझाने लंका आए तब उनकी बात समझने के लिए कुंभकर्ण नही था क्योंकि वह सो रहा था परिणामस्वरूप लंका का दहन हो गया।
जब रावण ने विभीषण का अपमान कर उसे लंका से निकाल दिया तब भी कुंभकर्ण सोता ही रहा।
जब लंका पर सेतु बनाकर वानर सेना लंका में घुस आई तब भी कुंभकर्ण सो रहा था।
जब रावण के सभी पुत्र मारे जा रहे थे तब भी कुंभकर्ण सोता रहा।
जब रावण अकेला पड़ गया तब उसे नींद से उठाया गया। अधर्म का साथ देने के कारण वह खुद ही मारा गया।
अगर शुरुआत में ही वह अपनी जिम्मेदारी निभाता और समय पर जाग रहा होता तो रावण इतना बड़ा कांड कर ही नही पाता। वो यह सोचकर ही सोता रहा कि राजपाठ रावण संभाल लेगा, मंत्रिमंडल विभीषण संभाल लेगा और लंका की रक्षा मेघनाद संभाल कर लेगा।
आज यही सोच भारत के हिंदुओं की है। हिंदू सो रहा है। आसपास बहुत कुछ घट रहा है। देश में घुसपैठ हो रही है, सेना के जवान मारे जा रहे हैं, हिंदू बेटियों को जाल में फसाया जा रहा है, सब बड़े छोटे धंधों पर कब्जा किया जा रहा है, सरकारी जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है, आबादी बढ़ाई जा रही है लेकिन हिंदू सो रहा है।
अगर हिंदू सेक्युलर बना रहा और कुंभकर्ण की तरह सोता रहा, अगर उसने समय पर उठकर गलत को नही रोका और समाज को नहीं जगाया, अगर वो सिर्फ गंगा यमुना तहजीव व भाईचारा निभाने में लगा रहा तो अंततः उसका मारा जाना तय है... इसलिए वक्त रहते उठो, जागो और गलत का विरोध करो वर्ना दुनिया के कई देशों की तरह का दृश्य हमें नजर आना शुरू हो गया है।
हम कुंभकर्ण नही 'राम' बनें और राम की तरह आसेतु हिमाचल फैले बिखरे व भ्रमित हिंदू समाज को सही दिशा में संगठित कर आततायी रावणी शक्तियों का मुकाबला कर अपने समाज का रक्षण पोषण करने के लिए तैयार करें।🙏