Lord Shiva The Creator

Lord Shiva The Creator Shiva is the Supreme Creator
Shiva, without any origin or end, is the supreme creator of the univers

"In Me the universe had its originIn Me alone the whole subsistsIn Me it is lost—ShivaThe Timeless, it is I MyselfShivoh...
08/03/2016

"In Me the universe had its origin
In Me alone the whole subsists
In Me it is lost—Shiva
The Timeless, it is I Myself
Shivoham! Shivoham! Shivoham!

शिव भकतो कैसे मनाई आप सभी ने महाशिव रात्रि का पावन पर्व

शिव भक्त इस दिन यदि शिव की पूरीआस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं तो वहजरूर प्रसन्न होते हैं। महाशिवरात्रि के दिनभगवान भो...
07/03/2016

शिव भक्त इस दिन यदि शिव की पूरी
आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं तो वह
जरूर प्रसन्न होते हैं। महाशिवरात्रि के दिन
भगवान भोलेनाथ की पूजा का जो
नियमानुसार विधान है। यदि आप इस
विधि-विधान से पूजा करेंगे तो शिव कृपा
आप पर जरूर बरसेगी। शिवपुराण के अनुसार,
इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान
पूर्वक पूजा करने तथा व्रत रखने से विशेष फल
मिलता है।
-महाशिवरात्रि के दिन किसी शिवालय
में जाएं। वहां मिट्टी के बर्तन में पानी
भरकर, ऊपर से बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चावल आदि
डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
-शिवरात्रि के दिन शिवपुराण का पाठ
जरूर सुनें और रात्रि को जागरण करें।
-अगले दिन सवेरे जौ, तिल, खीर और बेलपत्र
का हवन करके व्रत समाप्त किया जाता है।
-महाशिवरात्रि पर दिन-रात पूजा का
विधान है। चार पहर दिन में शिवालयों में
जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र
चढ़ाने से शिव की अनंत कृपा प्राप्त होती
है। साथ ही चार पहर रात्रि में वेदमंत्र
संहिता, रुद्राष्टा ध्यायी पाठ
ब्राह्मणों के मुख से सुनना चाहिए।
-सूर्योदय से पहले ही उत्तर-पूर्व में पूजन-
आरती की तैयारी कर लेनी चाहिए।
सूर्योदय के समय पुष्पांजलि और स्तुति
कीर्तन के साथ महाशिवरात्रि का पूजन
संपन्न होता है।
-यदि घर के आस-पास शिवमंदिर न हो तो
शुद्ध गीली मिट्टी से ही शिवलिंग बनाकर
भी उसकी पूजा की जा सकती है। माना
जाता है कि इस दिन शिवपुराण का पाठ
सुनना चाहिए. रात को जागरण कर
शिवपुराण का पाठ सुनना हर व्रती का
धर्म माना गया है।
महाशिवरात्रि का दिन भगवान शंकर का
सबसे पवित्र दिन होता है। कहते हैं कि इस
व्रत को करने से सब पापों का नाश हो
जाता है।
विशेष मंत्र:
भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र के लिए बीज
मंत्र
ॐ नमः शिवाय
शिव वंदना:-
ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् ।
वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम् ।।
वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे
मुकुन्दप्रियम् ।
वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं, वन्दे शिवंशंकरम् ।।
महामृत्युंजय मंत्र:-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा ∫
मृतात् ।।
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र:-
सौराष्ट्रे सोमनाथं च, श्रीशैले
मल्लिकार्जुनम् ।
उज्जयिन्यां महाकालं ॐ कारममलेश्वरम् ॥
परल्यां वैधनाथ च, डाकिन्यां भीमशंकरम् ।
सेतुबन्धे तु रामेशं, नागेशं दारुकावने ॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं, त्र्यंबकं गौतमीतटे ।
हिमालये तु केदारं, धुश्मेशं च शिवालये ॥
ऐतानि ज्योतिर्लिंगानि, सायंप्रात:
पठेन्नर ।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥

महाशिवरात्रि का त्योहारसोमवार को यानी आज है। करीब चारसाल के बाद सोमवार के दिनमहाशिवरात्रि का त्योहार आया है।सोमवार का दि...
07/03/2016

महाशिवरात्रि का त्योहार
सोमवार को यानी आज है। करीब चार
साल के बाद सोमवार के दिन
महाशिवरात्रि का त्योहार आया है।
सोमवार का दिन तो वैसे ही भगवान
भोलेनाथ का प्रिय दिन है। इस साल
महाशिवरात्रि पर दुर्लभ शिवयोग का
संयोग बन रहा है। शिवभक्तों के लिए ये
काफी खास है। इस विशेष योग में
महाशिवरात्रि पर शिव की आराधना का
भक्तों को कई गुणा अधिक फल प्राप्त
होगा। इस पावन त्योहार पर फल, पुष्प,
चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा, धूप, दीप और नैवेद्य से
भगवान शिव की पूजा की जाती है। ऐसा
कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन
प्रत्येक शिवलिंग में साक्षात् शिव आंशिक
रूप में उपस्थित होते हैं। इसलिए इस दिन
शिवलिंग का विधि-विधान के साथ पूजन,
अर्चन और स्तवन कर पुण्य का अर्जन अवश्य
करना चाहिए। अगर इस दिन पारद
शिवलिंग का पूजन किया जाए तो इसे बेहद
उत्तम माना जाता है। शिवपुराण में कहा
गया है कि पारद लिंग के दर्शन मात्र से
हजारों अश्वमेध यज्ञों के आयोजन से भी
ज्यादा पुण्य मिलता है। पारद शिविलिंग
जिस घर में होता है वहां भगवान शिव और
लक्ष्मी का साक्षात वास होता है और
उस घर में स्थित सभी वास्तु दोष भी इसके
प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं।

06/03/2016

रात के भगवान शिव
शिव की महारात्रि
अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
शैव पंथ में रात्रियों का महत्व अधिक है। हिंदु धर्मग्रंथानुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि की रात्रि से संबंधित कई पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं।
विवाह का समय :

ND
माना जाता है कि इसी रात्रि को भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। तत्ववेत्ताओं द्वारा इसे जीव और शिव के मिलन की रात्रि कहा जाता है। इसीलिए इस रात्रि को महिलाएँ अच्छे पति, वैवाहिक सुख और पति की लंबी आयु की कामना से भी मनाती हैं।
प्रलय :

WD
कुछ का मानना है कि शिव ने तांडव नृत्य कर सृष्टि को भस्म कर दिया था तब सृष्टि की जगह बहुत काल तक यही महारात्रि छाई रही। देवी पार्वती ने इसी रात्रि को शिव की पूजा कर उनसे पुन: सृष्टि रचना की प्रार्थना की इसीलिए इसे शिव की पूजा की रात्रि कहा जाता है। फिर इसी रात्रि को भगवान शंकर ने सृष्टि उत्पत्ति की इच्छा से स्वयं को ज्योतिर्लिंग में परिवर्तित किया।
रुद्र रूप :
यह भी माना जाता है कि इसी रात्रि को भगवान शंकर का रुद्र के रूप में ब्रह्मा से अवतरण हुआ था। विष्णु से ब्रह्मा और ब्रह्मा से रुद्र की उत्पत्ति मानी जाती है।
समुद्र मंथन :
समुद्र मंथन के दौरान जब समुद्र से विष (हलाहल) उत्पन्न हुआ तो भगवान शंकर ने उक्त विष को पीकर अपने कंठ में सजा लिया इसीलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है। विषपान की इस रात्रि की याद में भी महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।

ND
शिव पूजा और उत्सव :
प्रत्येक प्रांत में शिव पूजा और उत्सव को मनाने के तरीके भिन्न-भिन्न हो सकते हैं किंतु पूजा में शिव को आँकड़े का फूल और बिल्व पत्र ही चढ़ाया जाता है और जहाँ भी उनका ज्योतिर्लिंग है वहाँ भस्म आरती, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कर भगवान शिव का पूजन किया जाता है। उक्त पूजा के बाद ही उत्सव का आयोजन होता है जिसमें कुछ लोग भाँग पीते हैं और रातभर जागरण करते हैं।

06/03/2016

आकाश से गिरा हुआ जल किसी भी प्रकार से सागर में जाकर मिल ही जाता है ठीक वैसे ही किसी भी देवी/देवता की किसी भी रुप की उपासना देवों के देव महादेव तक पहुँचाती है।
हर हर महादेव।
जय महाकाल।

प्रेम से देती है, वह है बहन, झगङकर देता है, वह है भाई, पुछकर देता है, वह है पिताजी, और बिना माँगे सबकुछ दे दे वह है........
02/03/2016

प्रेम से देती है, वह है बहन, झगङकर देता है, वह है भाई, पुछकर देता है, वह है पिताजी, और बिना माँगे सबकुछ दे दे वह है..............शिव

मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिवका नाम लिये जाशिव अपना काम करेंगे तू अपनाकाम किये जाशिव शिव शिव ऊँ: नम: शिवायशिव शिव शिव
20/02/2016

मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिव
का नाम लिये जा
शिव अपना काम करेंगे तू अपना
काम किये जा
शिव शिव शिव ऊँ: नम: शिवाय
शिव शिव शिव

ॐ नमः शिवाय
01/02/2016

ॐ नमः शिवाय

जो डूबे है "भोले" की मस्ती में चार चांद लग जाते हें उनकी हस्ती में....ॐ नमः शिवाय !
03/01/2016

जो डूबे है "भोले" की मस्ती में चार चांद लग जाते हें उनकी हस्ती में....

ॐ नमः शिवाय !

Love at the feet of Shiva eradicates all badkarma. Love at the feet of Shiva bestowsclarity of mind. Love at the feet of...
14/12/2015

Love at the feet of Shiva eradicates all bad
karma. Love at the feet of Shiva bestows
clarity of mind. Love at the feet of Shiva fils
the heart with joy. Love at the feet of Shiva is
consciousness itself ~ Om Namah Shivaya
God bless u All !!

23/11/2015

सभी शिव भकतो का बहुत धन्यवाद आप सभी के स्नेह और प्यार से इस पेज पे 5, 000 शिव भक्त जुड़ पाए

उन्होंने नस देखी मेरी और बीमार लिखदिया...रोग मेरा पूछा तोभोले से प्यार लिख दिया ।।कर्जदार रहेंगे उम्र भर हम उस वैद्य के ...
20/11/2015

उन्होंने नस देखी मेरी और बीमार लिख
दिया...
रोग मेरा पूछा तो
भोले से प्यार लिख दिया ।।
कर्जदार रहेंगे उम्र भर हम उस वैद्य के जिसने दवा
में
शिव शक्ति का नाम लिख दिया !!!

Address

Patiala
147001

Telephone

9888959527

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Lord Shiva The Creator posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Lord Shiva The Creator:

Share