Mata Mansa Devi, Lohari, Panipat

Mata Mansa Devi, Lohari, Panipat Temple Build by Raghbir Singh (Bhira Baba) Vill. Lohari, Panipat, Haryana

अधिकमास पूर्णिमा आज: 3 साल बाद दुर्लभ संयोग, व्रत-दान का मिलेगा कई गुना फलशनिवार से पुण्यकाल शुरू, पूर्णिमा तिथि रविवार ...
30/05/2026

अधिकमास पूर्णिमा आज: 3 साल बाद दुर्लभ संयोग, व्रत-दान का मिलेगा कई गुना फल
शनिवार से पुण्यकाल शुरू, पूर्णिमा तिथि रविवार दोपहर तक, सत्यनारायण व श्रीहरि विष्णु की पूजा का महत्व

तीन साल में एक बार आने वाला अधिकमास इस बार ज्येष्ठ माह में पड़ने से धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ज्येष्ठ अधिकमास की पूर्णिमा पर शनिवार से पुण्यकाल शुरू होगा, जबकि पूर्णिमा तिथि रविवार दोपहर तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए व्रत, स्नान, दान और भगवान सत्यनारायण व श्रीहरि विष्णु की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

खेड़ा शिव मंदिर सेक्टर-28 के पुजारी सुभाष चंद शर्मा के मुताबिक अधिकमास को पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु और शालीग्राम की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस बार पूर्णिमा पर शिव योग और सिद्ध योग जैसे दो शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिससे इसकी आध्यात्मिक महत्ता और बढ़ गई है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार अधिकमास हर तीन वर्ष में एक बार आता है। इस बार ज्येष्ठ माह में अधिकमास पड़ने के कारण पूर्णिमा का महत्व सामान्य पूर्णिमा से कई गुना अधिक माना जा रहा है।

दान-पुण्य का भी रहेगा विशेष महत्व
अधिकमास पूर्णिमा पर जल से जुड़े दान को विशेष पुण्यदायी माना गया है। धर्माचार्यों के अनुसार इस दिन शरबत, पानी से भरा पात्र, बर्तन, छाता और जूते दान करने से पुण्य फल मिलता है। मान्यता के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर या नीच राशि में हो, वे इस दिन खीर का दान करें तो स्वास्थ्य और मानसिक शांति में लाभ मिलता है। इसलिए खास होती है पूर्णिमा : धार्मिक दृष्टि से पूर्णिमा वह तिथि मानी जाती है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच 180 डिग्री की दूरी होती है। इस दिन चंद्रमा पूर्ण रूप में दिखाई देता है और मन, भावनाओं व आध्यात्मिक ऊर्जा पर उसका विशेष प्रभाव माना जाता है। धर्माचार्यों का कहना है कि अधिकमास पूर्णिमा पर किए गए जप, तप, व्रत और दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है, इसलिए इसे सर्वसिद्धिदायिनी पूर्णिमा भी कहा जाता है।

यह रहेगा मुहूर्त: सत्यनारायण व्रत रखने और चंद्रमा की पूजा का विधान
शनिवार सुबह 11:58 बजे पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, जो रविवार दोपहर 2:15 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में सत्यनारायण व्रत रखने और चंद्रमा की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान लक्ष्मी-नारायण और शालीग्राम जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा में आटे का चूरमा, फल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर अर्पित करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा भाव से पूर्णिमा व्रत रखने और शालीग्राम पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा घर में सुख-समृद्धि आती है।

केदारनाथ के कपाट खुले, गूंजा हर-हर महादेव: केदारनाथ में कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार करते श्रद्धालु। पहले ही दिन 500 ...
23/04/2026

केदारनाथ के कपाट खुले, गूंजा हर-हर महादेव: केदारनाथ में कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार करते श्रद्धालु। पहले ही दिन 500 मीटर लंबी कतारें लगी थीं।

रात में मन को निर्मल बनाकर ही सोएंजीवन-सूत्र: - बीके शिवानीअभी हम इतने घंटे सोते हैं, फिर भी सुबह उठने का मन नहीं करता। ...
20/04/2026

रात में मन को निर्मल बनाकर ही सोएं
जीवन-सूत्र: - बीके शिवानी
अभी हम इतने घंटे सोते हैं, फिर भी सुबह उठने का मन नहीं करता। नींद पूरी नहीं होती। क्योंकि वो गहरी नींद नहीं थी। हमने मन को बहुत उत्तेजित कर दिया देख-देखकर, बातें सुन-सुनकर, फिर खबरें सुनकर, चीखना चिल्लाना सुनकर। निंदा सुनकर कौन सोता है? सोने से पहले परमात्मा को याद करें।
रोज रात को सोने से पहले चेक करें अगर आज के दिन आपका व्यवहार, शब्द, या सोच भी किसी के लिए ठीक नहीं थी, तो एक मिनट मौन में बैठकर उनसे क्षमा मांगें। बोलकर करने की जरूरत नहीं है, संकल्प में कर लें। अपने कर्मों के हिसाब-किताब को रात को सोने से पहले ठीक कर लें। अगर हम सुबह नहीं उठें तो हिसाब-किताब हमारे साथ चला जाएगा। तो क्या आप क्षमा मांग सकते हैं सोने से पहले?
आज के दिन चेक करें कि क्या किसी के साथ थोड़ा भी ऊंची आवाज में बोला, क्या किसी के प्रति मन में सोचा कि ये ऐसे कैसे हैं, ऐसा कैसे करते हैं, गलत हैं ये? ये सोच भी हमारी शक्ति को घटाती है।
अगर रात को सोने से पहले मन को साफ नहीं किया तो वो कलुष गहरा चला जाएगा। इसीलिए कितनी पुरानी बातें हैं जो अभी तक भूलती नहीं हैं। क्योंकि हमने उनको क्षमा नहीं किया है। सुबह-सुबह अगर आप चाय पीते हैं बिस्तर पर पर बैठकर, अगर थोड़ी-सी चाय गिर जाती है तो तुरंत क्या करते हैं पहले? दिवाली के दिन साफ करेंगे, ऐसा करते हैं? नहीं। सबसे पहले हम चद्दर को झाड़ते हैं। क्योंकि 10 सेकंड के अंदर जो दाग चादर पर था, वो अंदर गद्दे में, मैट्रेस में चला जाएगा।
यही होता है मन के साथ भी। हमारे मन की जो ऊपर की लेयर है, वो चादर की तरह है। उसके ऊपर से दाग साफ करना अासान होता है। रात को जब हम सो जाते हैं, वो सारे दिन की बातें, सारे वो कर्म, सारी मेरी सोच, वो ऊपर की चादर तक नहीं रहती, वो अंदर चली जाती है। जिसको कहेंगे अवचेतन मन,
रोज रात को सोने से से पहले चेक करें अगर आज के दिन आपका व्यवहार ठीक नहीं था, तो एक मिनट मौन में बैठकर क्षमा मांगें।
मतलब वह डीपर लेयर में में चला गया। उसके बाद वहां से साफ करना तो थोड़ा-सा मुश्किल होता है। इसीलिए दिन-दिन में ही साफ कर लेना चाहिए। अगर दिन में साफ नहीं हो तो रात को सोने से पहले अपने कर्म को अच्छे-से चेक करके सोना जरूरी है।
दिन में लोग हमें कितना कुछ कह देते हैं, कोई बात अच्छी लगती है, कोई बुरी। सोने से पहले क्षमा कर दीजिए, दाग वहीं का वहीं खत्म
हो जाएगा। सो गए तो दाग गया अंदर। इसलिए बचपन में सिखाते थे झगड़ा हो गया तो सोने से पहले झगड़े को खत्म करो। क्योंकि नींद में वो झगड़ा मन के बहुत गहरे में चला जाएगा। गांठें पड़ जाती हैं। पर हम तो आजकल सोने से पहले झगड़े देखकर सोते हैं।
क्षमा करना, क्षमा मांगना, किसी को दुआएं देना, शुभ-भावना देना, अपनी सोच को चेक करना कि मैंने क्यों उनके बारे में ऐसा सोचा। ऐसा भी तो सोच सकते थे। कहीं से सराहना भी अगर मिली है तो उसे भी गहरा अंदर नहीं जाने देना। उसको भी समर्पण कर देना सोने से पहले कि परमात्मा शुक्रिया, जो आपने मुझे निमित्त बना लिया इस कार्य के लिए। अगर हम सराहना को भी स्वीकार करते हैं तो उससे हमारा अंहकार ही धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। और अहंकार का बढ़ना मतलब हमारी आत्मा की शक्ति घटना।

20/04/2026

यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु

बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु

यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु

माखन बनाया मेने ये अपने हाथ से
माखन बनाया मेने ये अपने हाथ से
भोग लगाया मैने ये अपने हाथ से
ये अपने हाथ से, ये अपने हाथ से
तू ही न खाए तो में क्या करू

यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं

मंदिर में ढूढ़ा मैंने, गलियों में ढूढ़ा
मंदिर में ढूढ़ा मैंने, गलियों में ढूढ़ा
फूलों में ढूढ़ा मैंने, कलियों में ढूढ़ा
फूलों में ढूढ़ा मैंने, कलियों में ढूढ़ा
राधा मिल जाये तो में उस से पूछ लूँ

यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं

चुप के मेरी नजरों से जायेगा कहाँ
चुप के मेरी नजरों से जायेगा कहाँ
आंखें बंद कर लूँ तो पाऊं रह जगह
आंखें बंद कर लूँ तो पाऊं रह जगह
मीरा के गीतों में तुझ को ढूंढ लू

यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
यशोदा के लाला तुझे देखती रहु
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं
बंसी बजाये तू मैं सुनती रहूं

अपने परिवार, घर व समाज के की भलाई के लिए हफ्ते में 1 दिन अपने परिवार के साथ मंदिर में जरूर आए और भगवान का आशीर्वाद जरूर ...
03/04/2026

अपने परिवार, घर व समाज के की भलाई के लिए हफ्ते में 1 दिन अपने परिवार के साथ मंदिर में जरूर आए और भगवान का आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें

02/04/2026

हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!

भगवान हनुमान जी की असीम कृपा से आपके जीवन में
साहस, शक्ति, बुद्धि और सफलता का संचार हो।

✨ संकट हरें, मंगल करें,
आपके जीवन को खुशियों से भरें ✨

इस शुभ अवसर पर हम आपके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

🙏 जय श्री राम | जय बजरंगबली 🙏

“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा।”
23/03/2026

“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा।”

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Panipat
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