राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( R.S.S.) एक हिंदू ?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( R.S.S.) एक हिंदू संघटन है जिसके सिद्धान्त हिंदुत्व में निहित और आधारित हैं। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अपेक्षा संघ या आर.एस.एस. के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। इसकी शुरुआत सन् १९२५ में विजयादशमी के दिन डॉ॰ केशव हेडगेवार द्वारा की गयी थी। बीबीसी के अनुसार संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है।

सबसे पहले ५० वर्ष बाद १९७५ में जब आपातकाल की घोषणा हुई तो तत्कालीन जनसंघ प

र भी संघ के साथ प्रतिबंध लगा दिया गया। आपातकाल हटने के बाद जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हुआ और केन्द्र में मोरारजी देसाई के प्रधानमन्त्रित्व में मिलीजुली सरकार बनी। १९७५ के बाद से धीरे-धीरे इस संगठन का राजनैतिक महत्व बढ़ता गया और इसकी परिणति भाजपा जैसे राजनैतिक दल के रूप में हुई जिसे आमतौर पर संघ की राजनैतिक शाखा के रूप में देखा जाता है। संघ की स्थापना के ७५ वर्ष बाद सन् २००० में प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एन०डी०ए० की मिलीजुली सरकार भारत की केन्द्रीय सत्ता पर आसीन हुई।
संघ में संगठनात्मक रूप से सबसे ऊपर सरसंघ चालक का स्थान होता है जो पूरे संघ का दिशा-निर्देशन करते हैं। सरसंघचालक की नियुक्ति मनोनयन द्वारा होती है। प्रत्येक सरसंघचालक अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता है। संघ के वर्तमान सरसंघचालक श्री मोहन भागवत हैं। संघ के ज्यादातर कार्यों का निष्पादन शाखा के माध्यम से ही होता है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सुबह या शाम के समय एक घंटे के लिये स्वयंसेवकों का परस्पर मिलन होता है। वर्तमान में पूरे भारत में संघ की लगभग पचास हजार से ज्यादा शाखा लगती हैं। वस्तुत: शाखा ही तो संघ की बुनियाद है जिसके ऊपर आज यह इतना विशाल संगठन खड़ा हुआ है। शाखा की सामान्य गतिविधियों में खेल, योग, वंदना और भारत एवं विश्व के सांस्कृतिक पहलुओं पर बौद्धिक चर्चा-परिचर्चा शामिल है।

संघ की रचनात्मक व्यवस्था इस प्रकार है:

केंद्र
क्षेत्र
प्रान्त
विभाग
जिला
तालुका
नगर
मण्डल
शाखा
संघ की शाखा[संपादित करें]
शाखा किसी मैदान या खुली जगह पर एक घंटे की लगती है। शाखा में खेल, सूर्य नमस्कार, समता (परेड), गीत और प्रार्थना होती है। सामान्यतः शाखा प्रतिदिन एक घंटे की ही लगती है। शाखाएँ निम्न प्रकार की होती हैं:

प्रभात शाखा: सुबह लगने वाली शाखा को "प्रभात शाखा" कहते है।
सायं शाखा: शाम को लगने वाली शाखा को "सायं शाखा" कहते है।
रात्रि शाखा: रात्रि को लगने वाली शाखा को "रात्रि शाखा" कहते है।
मिलन: सप्ताह में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "मिलन" कहते है।
संघ-मण्डली: महीने में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "संघ-मण्डली" कहते है।
पूरे भारत में अनुमानित रूप से ५०,००० शाखा लगती हैं। विश्व के अन्य देशों में भी शाखाओं का कार्य चलता है, पर यह कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम से नहीं चलता। कहीं पर "भारतीय स्वयंसेवक संघ" तो कहीं "हिन्दू स्वयंसेवक संघ" के माध्यम से चलता है।
शाखा में "कार्यवाह" का पद सबसे बड़ा होता है। उसके बाद शाखाओं का दैनिक कार्य सुचारू रूप से चलने के लिए "मुख्य शिक्षक" का पद होता है। शाखा में बौद्धिक व शारीरिक क्रियाओं के साथ स्वयंसेवकों का पूर्ण विकास किया जाता है।
जो भी सदस्य शाखा में स्वयं की इच्छा से आता है, वह "स्वयंसेवक" कहलाता है।
संघ वर्ग
ये वर्ग बौद्धिक और शारीरिक रूप से स्वयंसेवकों को संघ की जानकारी तो देते ही हैं साथ-साथ समाज, राष्ट्र और धर्म की शिक्षा भी देते हैं। ये निम्न प्रकार के होते हैं:

दीपावली वर्ग - ये वर्ग तीन दिनों का होता है। ये वर्ग तालुका या नगर स्तर पर आयोजित किया जाता है। ये हर साल दीपावली के आस पास आयोजित होता है।
शीत शिविर या (हेमंत शिविर) - ये वर्ग तीन दिनों का होता है, जो जिला या विभाग स्तर पर आयोजित किया जाता है। ये हर साल दिसंबर में आयोजित होता है।
निवासी वर्ग - ये वर्ग शाम से सुबह तक होता है। ये वर्ग हर महीने होता है। ये वर्ग शाखा, नगर या तालुका द्वारा आयोजित होता है।
संघ शिक्षा वर्ग - प्राथमिक वर्ग, प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष - कुल चार प्रकार के संघ शिक्षा वर्ग होते हैं। "प्राथमिक वर्ग" एक सप्ताह का होता है, "प्रथम" और "द्वितीय वर्ग" २०-२० दिन के होते हैं, जबकि "तृतीय वर्ग" 25 दिनों का होता है। "प्राथमिक वर्ग" का आयोजन सामान्यतः जिला करता है, "प्रथम संघ शिक्षा वर्ग" का आयोजन सामान्यत: प्रान्त करता है, "द्वितीय संघ शिक्षा वर्ग" का आयोजन सामान्यत: क्षेत्र करता है। परन्तु "तृतीय संघ शिक्षा वर्ग" हर साल नागपुर में ही होता है।
बौद्धिक वर्ग - ये वर्ग हर महीने, दो महीने या तीन महीने में एक बार होता है। ये वर्ग सामान्यत: नगर या तालुका आयोजित करता है।
शारीरिक वर्ग - ये वर्ग हर महीने, दो महीने या तीन महीने में एक बार होता है। ये वर्ग सामान्यत: नगर या तालुका आयोजित करता है।
सामाजिक सुधार में योगदान[संपादित करें]
हिन्दू धर्म में सामाजिक समानता के लिये संघ ने दलितों व पिछड़े वर्गों को मन्दिर में पुजारी पद के प्रशिक्षण का पक्ष लिया है। उनके अनुसार सामाजिक वर्गीकरण ही हिन्दू मूल्यों के हनन का कारण है।[4]
महात्मा गान्धी ने १९३४ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिविर की यात्रा के दौरान वहाँ पूर्ण अनुशासन देखा और छुआछूत की अनुपस्थिति पायी। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की और जाना कि वहाँ लोग एक साथ रह रहे हैं तथा एक साथ भोजन कर रहे हैं।
राहत और पुनर्वास
सुनामी के उपरान्त सहायता कार्य में जुटे स्वयंसेवक
राहत और पुर्नवास संघ कि पुरानी परंपरा रही है। संघ ने १९७१ के उड़ीसा चक्रवात और १९७७ के आंध्र प्रदेश चक्रवात में रहतआलोचनाएँ[संपादित करें]
महात्मा गाँधी की १९४८ में संघ के पूर्व सदस्य नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी थी जिसके बाद संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया। गोडसे संघ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक भूतपूर्व स्वयंसेवक थे। बाद में एक जाँच समिति की रिपोर्ट आ जाने के बाद संघ को इस आरोप से बरी किया और प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया। कार्यों में महती भूमिका निभाई है

संघ के आलोचकों द्वारा संघ को एक अतिवादी दक्षिणपंथी संगठन बताया जाता रहा है एवं हिंदूवादी और फ़ासीवादी संगठन के तौर पर संघ की आलोचना भी की जाती रही है। जबकि संघ के स्वयंसेवकों का यह कहना है कि सरकार एवं देश की अधिकांश पार्टियाँ अल्पसंख्यक तुष्टीकरण में लिप्त रहती हैं। विवादास्पद शाहबानो प्रकरण एवं हज-यात्रा में दी जानेवाली सब्सिडी इत्यादि की सरकारी नीति इसके प्रमाण हैं।

संघ का यह मानना है कि ऐतिहासिक रूप से हिंदू स्वदेश में हमेशा से ही उपेक्षित और उत्पीड़ित रहे हैं और वह सिर्फ़ हिंदुओं के जायज अधिकारों की ही बात करता है जबकि उसके विपरीत उसके आलोचकों का यह आरोप है कि ऐसे विचारों के प्रचार से भारत की धर्मनिरपेक्ष बुनियाद कमज़ोर होती है। संघ की इस बारे में मान्यता है कि हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति का नाम है, किसी विशेष पूजा पद्धति को मानने वालों को हिन्दू कहते हों ऐसा नहीं है। हर वह व्यक्ति जो भारत को अपनी जन्म-भूमि मानता है, मातृ-भूमि व पितृ-भूमि मानता है (अर्थात्‌ जहाँ उसके पूर्वज रहते आये हैं) तथा उसे पुण्य भूमि भी मानता है (अर्थात्‌ जहां उसके देवी देवताओं का वास है); हिन्दू है। संघ की यह भी मान्यता है कि भारत यदि धर्मनिरपेक्ष है तो इसका कारण भी केवल यह है कि यहां हिन्दू बहुमत में हैं। इस क्रम में सबसे विवादास्पद और चर्चित मामला अयोध्या विवाद रहा है जिसमें बाबर द्वारा सोलहवीं सदी में निर्मित एक बाबरी मसजिद के स्थान पर राम मंदिर का निर्माण करना है।

उपलब्धियाँ[संपादित करें]
संघ की उपस्थिति भारतीय समाज के हर क्षेत्र में महसूस की जा सकती है जिसकी शुरुआत सन १९२५ से होती है। उदाहरण के तौर पर सन १९६२ के भारत-चीन युद्ध में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू संघ की भूमिका से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संघ को सन १९६३ के गणतंत्र दिवस की परेड में सम्मिलित होने का निमन्त्रण दिया। सिर्फ़ दो दिनों की पूर्व सूचना पर तीन हजार से भी ज्यादा स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में वहाँ उपस्थित हो गये।

वर्तमान समय में संघ के दर्शन का पालन करने वाले कतिपय लोग देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचने मे भीं सफल रहे हैं। ऐसे प्रमुख व्यक्तियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री पद पर अटल बिहारी वाजपेयी, उपराष्ट्रपति पद पर भैरोंसिंह शेखावत, एवं उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री के पद पर लालकृष्ण आडवाणी जैसे लोग शामिल हैं।
संघ के सरसंघचालक[संपादित करें]
डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार उपाख्य डॉक्टरजी (१९२५ - १९४०)
माधव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य गुरूजी (१९४० - १९७३)
मधुकर दत्तात्रय देवरस उपाख्य बालासाहेब देवरस (१९७३ - १९९३)
प्रोफ़ेसर राजेंद्र सिंह उपाख्य रज्जू भैया (१९९३ - २०००)
कृपाहल्ली सीतारमैया सुदर्शन उपाख्य सुदर्शनजी (२००० - २००९)
डॉ॰ मोहनराव मधुकरराव भागवत (२००९ -)
संघ की प्रार्थना[संपादित करें]

प्रार्थना की मुद्रा में स्वयंसेवक
मुख्य लेख : नमस्ते सदा वत्सले
संघ की प्रार्थना संस्कृत में है। प्रार्थना की आखरी पंक्ति हिंदी में है।
लड़कियों/स्त्रियों की शाखा राष्ट्र सेविका समिति और विदेशों में लगने वाली हिन्दू स्वयंसेवक संघ की प्रार्थना अलग है। संघ की शाखा या अन्य कार्यक्रमों में इस प्रार्थना को अनिवार्यत: गाया जाता है और ध्वज के सम्मुख नमन किया जाता है।

04/05/2018

जलती रही जोहर में नारियां
भेड़िये फ़िर भी मौन थे।
हमें पढाया गया अकबर'' महान,
तो फिर महाराणा प्रताप कौन थे।
😇😇

सड़ती रही लाशें सड़को पर
गांधी फिर भी मौन थे,
हमें पढ़ाया गांधी के चरखे से आजादी आयी,
तो फांसी चढ़ने वाले 25-25 साल के वो जवान कौन थे
😇😇

वो रस्सी आज भी संग्रहालय में है
जिस्से गांधीजी बकरी बांधा करते थे
किन्तु वो रस्सी कहां है
जिस पे भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरु हसते हुए झूले थे
😇😇

" हालात.ए.मुल्क देख के रोया न गया...

कोशिश तो की पर मूंह ढक के सोया न गया".

जाने कितने झूले थे फाँसी पर,कितनो ने गोली खाई थी....

क्यो झूठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आई थी....

मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
भगत सिंह को फाँसी❓
सुखदेव को फाँसी❓
राजगुरु को फाँसी❓
चंद्रशेखर आजाद का एनकाउंटर अंग्रेज पुलिस द्वारा❓
सुभाषचन्द्र बोस को गायब करा दिया गया❓
भगवती चरण वोहरा बम विस्फोट में मृत्यु❓
रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसी❓
अशफाकउल्लाह खान को फाँसी❓
रोशन सिंह को फाँसी❓
लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज में मृत्यु❓
वीर सावरकर को कालापानी की सजा❓
चाफेकर बंधू (३ भाई) को फाँसी❓
मास्टर सूर्यसेन को फाँसी❓
ये तो कुछ ही नाम है जिन्होंने स्वतन्त्रता संग्राम और इस देश की आजादी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया❓
कई वीर ऐसे है हम और आप जिनका नाम तक नहीं जानते ❓

एक बात समझ में आज तक नही आई कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर, कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓

​गहराई से सोचिए❓❓

09/12/2017

❗✋🏿कांग्रेस की हकीकत✋🏿❗
🙀🙀🙀🙀🙀🙀🙀

नेहरू की लडकी👉इंदिरा नेहरू
ने निकाह🇲🇷 किया
👇
फिराेज जहांगीर खान (मुस्लीम🇲🇷)से❗

लडका हुआ वो
👇
राजीव फिराेज खान

मैरिज✝ किया
👇
अंटाेनिया माइनाे/सोनिया (ख्रिश्चन✝से )
लडका हुआ वो
👇
राहुल राजीव खान❗

फिर
यह बडे हैरानी की
बात है ये गांधी🇲🇷खानदान कैसे बने❓😟😟😟😟😟

🙏आइए जानतें हैं
👇👇👇👇
✋🏿कॉंग्रेस✋🏿का जन्म आज से 132 साल पहले🇲🇷अफगानिस्तान में हुआ था।

👉🔴गाजी खान ने अंग्रेज़ो✝ के साथ मिलकर यह पार्टी बनाई थी।

👉🔴गाजी खान के 3⃣ लड़के थे।
1⃣सबसे बड़ा फेजल खान
2⃣उसके बाद सलीम खान
और
3⃣सबसे छोटा मोइन खान।

याने
बाद मे हिंदूओ को भारत🇮🇳 मे मिटाने
के लिए बना नकली हिंदू👉(मोती लाल नेहरू).

1⃣फेजल खान एक बीमारी की वजह से 14 साल की उम्र मे ही मर गया।
2⃣सलीम खान शादी के बाद कश्मीर मे रहने लगा।

👉उसी सलीम खान के वंशज की औलाद आज कश्मीर मे फारुख अब्दुला और उमर अब्दुला है,👇
जो कॉंग्रेस✋🏿के साथ है।

👉अब बात आती है 🔴गाजी खान की।
गाजी खान ने चुनाव लड़ा,पर कभी जीता नहीं।

👉🔴गाजी खान के मरने के बाद 3⃣मोइन खान फायदे के लिए हिन्दू⛳ बन कर अपना नाम
मोतीलाल नेहरू रख लिया।
पर वो भी कभी चुनाव नहीं जीता।
3⃣उसके बाद मोतीलाल की औलाद, जवाहरलाल🇲🇷नेहरू ने जिन्ना🇲🇷 के साथ मिलकर रणनीति बनाई।
कि
👉जब अंग्रेज़ 1947 मे देश छोडें
तो देश🇮🇳का बटवारा करके
जिन्ना को पाकिस्तान🇵🇰 का पीएम बनाया जाएगा।

और
नेहरु🇲🇷 को इंडिया🇮🇳 का पीएम बनाया जाएगा।

👉पर जनता सरदार पटेल🚩 को पीएम बनाना चाहती थी।

👉पर महात्मा गांधी🇲🇷 ने नेहरू🇲🇷 का साथ दिया।
👉(इसीलिए गांधी हत्यारा मराठा नाथूराम🚩 गोडसे गांधी के खिलाफ था)।
और
नेहरू को पीएम बना दिया गया।❗

👉नेहरू की बेटी इंदरा
जो फिरोजखान🇲🇷 से निकाह
करके फिर से मुसलमान🇲🇷 बन गई।

👉पर महात्मा गांधी🇲🇷 ने लोगो की आँखों मे धूल झोकने के लिए इंदरा को अपने नाम के आगे खान🇲🇷 की जगह गांधी❗ लगाने को कहा।

👉उसी दिन से ये गांधी❗ का नाम लगा कर देश🇮🇳 को लूट रहे है।

👉फिरोजखान के बाद👉राजीवखान,
के बाद
👉 सोनियाखान,
के बाद अब
👉राहुलखान।
🔵आज सबूतों के साथ देखिये की किस तरह 🇲🇷धर्मनिरपेक्षता🇲🇷 के बहाने आम हिंदुओ🚩 का पैसा कांग्रेस मुसलमानों🕋 में बाट रही है
ताकि
उसका वोट बैंक और मजबूत हो सके और सेक्युलर🇲🇷🚩हिंदू आज भी अनजान है।
और
गुलामो की तरह देशद्रोही🇵🇰 पार्टियों कों वोट दे रहे है !❗
👇

जब देश🇮🇳 का बटवारा हुआ तब सरकार✋🏿
किसकी थी ??

❓जब पाक🇵🇰अधिकृत कश्मीर बना तब
सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓जब मुंबई पर हमला हुआ तब सरकार ✋🏿किसकी थी??

❓जब चाइना ने जमींन हडपी तब सरकार ✋🏿किसकी थी??

❓जब वीर सेनिकों के सर काट के पाकिस्तानी🇵🇰नी ले गए तब सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓बोफर्स का घोटाला हुआ तब सरकार ✋🏿किसकी थी??

❓सैनिकों की वर्दी का पैसा खा गए वो सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓सरदारों का कत्ले आम किया वो सरकार ✋🏿किसकी थी??

❓शिमला का समझोता कर देश बेसकिमती जमीन पाक🇵🇰 को दे दी तब सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓आसाम में हिदुओ🚩 का खून🔴 बहा तब सरकार✋🏿
किसकी थी??

❓कश्मीरी पंडितो🚩 को मारा गया तब सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓कामनवेल्थ का घोटाला हुआ तब सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓कोल घोटाला हुआ तब सरकार ✋🏿किसकी थी??

❓2G का घोटाला हुआ तब सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓दूरदर्शन के लोगो से🚩सत्यम शिवं सुन्दरं🚩
हटाने वाली सरकार✋🏿 कीसकी थी??

❓🇮🇳भारतीय मुद्रा से 🚩सत्यमेव जयते🚩हटाने वाली सरकार✋🏿 किसकी थी??

❓🇮🇳वन्दे मातरम👏 का अपमान किया वो
सरकार✋🏿 किसकी थी??

👉👉एक नजर ✋🏿परिवार✋🏿 के कारनामो पर-
👇
इंदिरा गाँधी के रास्ते में आने वाले लाल बहादुर
शास्त्री की ताशकंद में रहस्यमय हालत में मौत
हो गयी .?❗
👇
नेहरु के लिए खतरा बन रहे श्यामा प्रशाद
मुखर्जी और दीन दयाल उपाध्याय की हत्या।
कर दी गयी और पुलिस ने आज तक इस
साजिश से पर्दा नहीं उठाया ?
👇
राजीव गाँधी के लिए चुनौती बन रहे बीर बहादुर सिंह की पेरिस में मौत हो गयी।
जबकि
उनको ह्रदय की कोई समस्या नही थी ?
👇
सोनिया गाँधी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की दो लोगो ने हिम्मत की ..
राजेश पाइलट और जितेन्द्र प्रशाद .. 👇
राजेश पाइलट की कार
को एक रहस्यमय ट्रक ने टक्कर मारकर गायब हो गया।
👇
और जितेन्द्र प्रशाद बरेली के सर्किट हॉउस में मर गए ??
👇
इसके पहले सोनिया को चुनौती देने वाले "सीताराम केसरी "
को पार्टी से भगा दिया गया❗
👇
राहुल गाँधी के लिए खतरा साबित हो रहे माधवराव सिंधिया एक प्लेन एक्सीडेंट में मारे गए ..
👇
जबकि उनका प्लेन ब्रांड न्यू था और उसमे कोई
समस्या नहीं थी और उसमे किसी भी मौसम
में उड़ने वाला सिस्टम लगा था .
👇
काँग्रेस और विदेशी कम्पनियोँ के लिये खतरा बन चुके
👉"राजीव दीक्षित"
की मौत हो गई मृत्यु के बाद
उनका शरीर काला पड़ गया जो केवल जहर या करंट देने
के बाद होता है।

👉राजीव भाई की मृत्यु की खबर किसी भी मीडिया चैनल ने नहीँ दिखाई❗❓

❗❗मित्रों , आखिर इतने "❗पवित्र❗" परिवार ✋🏿को किस देवता का आशीर्वाद मिला हुआ है।

जिससे की जो भी इनके
अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाता है या
रास्ते में
आता है उसकी रहस्यमय हालात में मौत हो जाती है ?????❓❓
👇
सँविधान की धारा 30(A) के तहत विद्दालयो
मे 🚩गीता रामायण🚩 पढाना प्रतिबँधित है❗

🕋मदरसो मे कुरान🇲🇷
और
ईसाईयो को बाइबिल✝
पढाने कीछूट ||❗
👇
हिन्दू🚩 मँदिरो और तीर्थ⛳ स्थानो के चढावो
पर 70% सरकार✋🏿 का हक❗
👇
🕋मस्जिदो और
मजारो🕋 पर चढावे का पूरा हक उनका साथ ही साथ सरकारी अनुदान|| ❗
👇
🚩बाबा अमरनाथ की यात्रा पर सरकार को टैक्स,
लेकिन हज🕋 यात्रा पर सब्सिडी !! ❗

🇲🇷धर्म-निरपेक्षता🇲🇷 -......
को मारो....👉👞👞

08/12/2017

🙏🏻🙏🏻🚩🚩🙏🏻🙏🏻
"शाखा भी माँ होती है"
प्रौढ़, युवा या हो बचपन
हर आयु मे करती पोषण
शाखा के प्रांगण मे माँ के
आँचल सी अनुभुति होती है।
शाखा भी माँ होती है...

बढ़े शारीरिक बौद्धिक क्षमता
उसकी कक्षा में उर रमता
अज्ञान के तम को हरने वाली
वो ज्योति ज्ञान की होती है।
शाखा भी माँ होती है...

हिंदुत्व से गढ़ती जीवन
देशप्रेम हो, दृढ हो तन मन
स्वयंसेवको को कंचन करती
निर्मल सागर सी होती है।
शाखा भी माँ होती है..
शाखा भी माँ होती है।।
🙏🏻🙏🏻🚩🚩🙏🏻🙏🏻

08/12/2017

प्रेरक प्रसंग -

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक प.पू. माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (श्री गुरुजी) ने चित्तौड़गढ़ के गाइड को फटकारा -
"चुप रहो, बकवास बंद करो, जो राजपूत मूंछ के बाल के लिए प्राण न्यौछावर कर देते हैं, क्या वे अपनी रानी महारानी को दर्पण में दिखायेंगे ? "

बात तब की है जब तत्कालीन परम पूजनीय सरसंघचालक श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी चित्तौड़गढ़ दर्शन के लिए पधारे.

ज्ञातव्य है कि हिंदुत्व अभिमानी श्री गुरुजी सूक्ष्म दृष्टि के धनी थे. वे कहते थे कि यदि महाराणा प्रताप न होते तो छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रादुर्भाव ही नहीं होता.

दुर्ग दर्शन के समय प्रांत प्रचारक श्री ब्रह्मदेव जी, विभाग प्रचारक श्री लक्ष्मणसिंह जी शेखावत तथा उदयपुर के तृतीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता श्री नारायण जी शर्मा श्री गुरु जी के साथ थे और दुर्ग के स्थान और घटनाओं का विवरण बता रहे थे.

महारानी पद्मिनी के जल प्रासाद को देखते समय एक गाइड बीच में कूद पड़ा और बोला कि इस शीशे में पद्मिनी को ख़िलजी को दिखाया गया था.

गाइड का ऐसा बोलना था कि श्री गुरु जी शांत गंभीर चेहरा आक्रोश से भर गया और और दकाल पड़े उस अयोग्य गाइड पर. बेचारा गाइड हक्का बक्का रह गया.

सब कार्यकर्ताओं को भी समझ में आ गया कि हिंदुत्व के गढ़ में भी हिंदू की आन बान को तोड़ मोड़ कर दिखाया जा रहा है और इसलिए हिन्दू के लिए कार्य कर रहे व्यक्ति को हिन्दू अस्मिता का सूक्ष्मता से विचार करना चाहिए.
- पूर्व संघ प्रचारक बाबा निरंजन नाथ अवधूत

08/12/2017

सन 2050 मेँ यही होगा......

एक मुस्लिमअपने बच्चे के साथ चिड़िया घर देखने गया.

बच्चे को पता नहीं था किस जानवर का क्या नाम है तो अपने बाप से पूछ लेता था सबसे पहले बच्चे ने हाथी को देखा उसके बाप ने बच्चे को हाथी की जानकारी बता दी उसके बाद बच्चे ने एक भालू देखा तो बाप ने भालू की जानकारी भी बता दी.

उसके बाद बच्चे ने एक पिंजरे मे दो हाथ दो पैर और इन्सानो की तरह दिखने वाला एक जानवर देखा तो बच्चे ने बाप से पूछा अब्बू ये कौन है ?

तो उसके बाप ने कहा बेटा ये हिन्दू है इसे हिन्दू होने का बहुत गर्व था क्यूंकि ये संसार की सबसे समृद्ध संस्कृति
का हिस्सा था। पर ये कभी आपस मे मिलकर नहीं रहते थे,

इनके अपने भाई- भाई मे कभी नहीं बनती थी हमेशा एक दूसरे पर
कीचड़ उछालते रहते थे ।

कोई कहता था मैं क्षत्रिय हूँ, तो
कोई कहता था मै जाट हुँ तो कोई कहता मै बामन (ब्राह्मण) हुँ
कोई कहता मै बनिया (वैश्य) हुँ
तो कोइ कहता मै राजपूत हुँ, कोई कहता था कि मैं तो दलित हूँ, पर
कोई ये नहीं कहता था
कि हम सब हिन्दू हैं ।
ये अपने आप को शेर कहते थे
पर इनके किसी पड़ोसी को कोई मारने आता था तो अपने घर के दरवाजे पहले बंद कर लेते थे और सोचते थे कि पड़ोस वाले को मार रहे हैं मुझे क्या ।

ये हिन्दू यही सोचते थे कि अपने आगे 100 खड़े हे अपने पीछे
100 खड़े हैं तो मुझे कौन मार सकता है और हमने
इसी का फायदा उठाया ।

ये बेवकूफ ये नहीं सोचते
थे कि
जब आगे पीछे के 100-100
को हम मार देंगे तो एक दिन उसका भी नंबर आएगा हम हिन्दुओ को मारते रहे सब खत्म हो गए अब कुछ हिन्दू बचे है इनको हमने पिंजरे में कैद कर दिया है ताकि
तुम बच्चो को बता सके
कि कभी इस धरती पर
हिन्दू का राज था और
अब हमारा है ।

जागो हिन्दूओं जागो अकेला मोदी क्या - क्या करेगा 100 करोड़ हिन्दुओं के लिए अकेला मोदी खड़ा है ,अगर अब साथ न दिया तो कभी न दे पाओगे ।।।

-हिंदुत्व रक्षक.

08/12/2017

*1378 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना -* नाम है इरान.
*1761 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना -* नाम है अफगानिस्तान.
*1947 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना -* नाम है पाकिस्तान.
*1971 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना -* नाम हैँ बांग्लादेश.
*1952 से 1990 के बीच भारत का एक राज्य इस्लामिक हो गया -* नाम है कशमीर...

और अब *उत्तरप्रदेश, आसाम और केरला* इस्लामिक राज्य बनने की कगार पर है !
और *हम जब भी हिँदुओँ को जगाने की बात करते हैँ, सच्चाई बताते हैँ तो कुछ लोग हमेँ RSS, VHP और SHIV-SENA, BJP वाला कहकर पल्ला झाङ लेते है।

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