Tanzeem e shareeate mustafa

Tanzeem e shareeate mustafa We'll try to spread peace & knowledge about true Islamic aqaaid. Welcome to our Islamic page. Ameen..! (By tanzeem e shareeate Mustafa orai)

‌अस्सलामुअलैकुम वरहमतुल्लाह वा बरकतुहू.....
आप सभी हज़रात का इस इस्लामिक पेज में ख़ैर मखदम है।
इस पेज में हम आपको इस्लामिक टॉपिक्स की जानकारी देने की कोशिश करेंगे। इंशाअल्लाह खास तौर पर अल्हाज़ मुफ़्ती अनफासुल हसन चिश्ती (प्रिंसिपल जामिया समदिया दारुल ख़ैर फफूँद शरीफ़, ज़िला औरैया, उत्तर प्रदेश व सज्जादा नशीन आस्ताना डेरापुर शरीफ़ ) के बयानात के वीडियो भी शेयर की जाएंगी। अल्लाह पाक हम सब को अल्लाह और उसक

े प्यारे नबी के दीन-ओ-शरीअत पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन
मिंजानिब- तंज़ीम-ए-शरीअतें-मुस्तफ़ा उरई ।

Assalamualaikum warehmatulallahi wa barakatuhu..! We will try to give knowledge about the islamic topic and aqaid to you.. mostly we'll share the lectures of ALHAJ M***I ANFASUL HASAN CHISHTI (principal Jamia samadiya darul khair phaphund shareef, and sajjada nasheen derapur shareef) inshallah..! may Allah give us awareness to understand and follow his and his prophet's deen-o-shareeat...!

14/09/2025

Peer o Murshid Sarkar Anfas ❤️

31/12/2024

Urs mubarak malik e hind ata e Rasool khawaja Moin Uddin Chishti Ajmeri r.a ❤️

Peer O Murshid ❤️
11/12/2024

Peer O Murshid ❤️

02/06/2024

इल्म ओ अमल का मर्कज़ो महवर शहे अन्फ़ास
हम सुन्नियों के आज हैं रहबर शहे अन्फ़ास
मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

कुछ भी नहीं जो मैं तेरे क़दमों पे वार दूं
कुछ भी नहीं जो मैं तेरे क़दमों पे वार दूं
तेरा ही खा रहा हूं बराबर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

अल्लाह ने बख़्शी है तेरे दर की ग़ुलामी
अल्लाह ने बख़्शी है तेरे दर की ग़ुलामी
हूं आज मुक़द्दर का सिकंदर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

ज़ुल्मो सितम की धूप बड़ा ना तवाँ हूं मैं
ज़ुल्मो सितम की धूप बड़ा ना तवाँ हूं मैं
अपने करम की डाल दो चादर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

बज़्मे दिले नाचीज़ में तशरीफ़ लाइये
बज़्मे दिले नाचीज़ में तशरीफ़ लाइये
मैं तो देख लूं तुम्हें जी भर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

माना कि तेरे क़ुर्ब के काबिल नहीं हूं मैं
माना कि तेरे क़ुर्ब के काबिल नहीं हूं मैं
जाऊं कहां मैं छोड़कर ये दर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

दुनिया की हवस ने मेरी दुनिया तबाह की
दुनिया की हवस ने मेरी दुनिया तबाह की
ठोकर पे खा रहा हूं मैं ठोकर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

मन्ज़िल नहीं क़रीब क़दम काँप रहे हैं
मन्ज़िल नहीं क़रीब क़दम काँप रहे हैं
अब हाथ मेरा थाम लो बढ़कर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

वीरान वादियों पे बहारें निसार हों
वीरान वादियों पे बहारें निसार हों
तौसीफ़ अगर देख लें हंस कर शहे अन्फ़ास

मुफ़लिस हो या हो कोई तवंगर शहे अन्फ़ास
सबके लिए खुला है तेरा दर शहे अन्फ़ास

पेशकर्दा - Saiyed Tausif Chishti

Peer o Murshid ❤️
20/03/2024

Peer o Murshid ❤️

17/03/2024

Bani e Tahreek_dawat_e_insaniyat huzoor M***i anfasul Hasan chishti zindabad

17/03/2024

Mashallah ❤️

18/01/2024
Urs huzoor Hafiz e Bukhari Mubarak ❤️
01/01/2024

Urs huzoor Hafiz e Bukhari Mubarak ❤️

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