Viyakti ,Parivar, Samaaj Nirmaan

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11/08/2026
10/08/2026
https://youtu.be/XNaOR-P32-Q?si=1Qs79TH1mJa7kyXf *विषय : अशांति का समाधान है- एकाग्रता ..* पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा ...
10/08/2026

https://youtu.be/XNaOR-P32-Q?si=1Qs79TH1mJa7kyXf

*विषय : अशांति का समाधान है- एकाग्रता ..*
पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3),*टीका- संपादन- डॉ.प्रणव पांड्या*

*अशांति का मूल कारण मन का भटकना और बिखराव है। मन की इस चंचलता को रोककर किसी एक उचित लक्ष्य या विचार पर केंद्रित करना ही एकाग्रता है।* _गायत्री परिवार एवं प्रज्ञा पुराण के प्रणेता पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य (AWGP) के साहित्य के अनुसार, एकाग्रता ही मानसिक अशांति को दूर करने का एकमात्र और अचूक समाधान है।_
*एकाग्रता और अशांति का संबंध मन की बिखरी हुई ऊर्जा ही तनाव और उलझनों को जन्म देती है।* _जब विचार एक दिशा में केंद्रित होते हैं, तो आंतरिक शक्ति का संचय होता है।सही संकल्प और उचित लक्ष्य निर्धारण से मानसिक स्थिरता आती है।मानसिक शांति प्राप्त करने के उपायअनावश्यक और नकारात्मक विचारों के प्रवाह को रोकना।_ *आत्मनिरीक्षण, संयम और नियमित ध्यान का अभ्यास करना।अपनी रुचि और सकारात्मक कार्य में पूरी तन्मयता से जुड़ना।एकाग्रता की शक्ति और उसे अपने जीवन में कैसे उतारें, इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए आप इस वीडियो को देख सकते हैं:👆🏼*

👉🏻*अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3), AWGP (अखिल विश्व गायत्री परिवार) द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत गहन आध्यात्मिक पुस्तक है, जिसके लेखक डॉ. प्रणव पण्ड्या जी हैं。*
*यह पुस्तक महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों के आधार पर मन को एकाग्र करने, संयम, धारणा, ध्यान और समाधि के वास्तविक विज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाती है。*
पुस्तक का उद्देश्य और मुख्य विषय इस पुस्तक में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है:

*1.मन और चित्त का विज्ञान:*
मन को एकाग्र और शांत करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं。

*2.संयम का रहस्य:*

चित्त और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के लिए 'संयम' की महिमा और उससे प्रज्ञा (विवेक) जागृत होने की प्रक्रिया का वर्णन है。

*3. साधना और सिद्धियाँ:*
यह स्पष्ट किया गया है कि सिद्धियाँ कोई चमत्कार नहीं, बल्कि साधना के परिणामस्वरूप जाग्रत हुई आंतरिक क्षमताएं हैं और ये साधक की परीक्षा भी लेती हैं。
*आत्मबोध: आंतरिक यात्रा के माध्यम से कैवल्य (मोक्ष) और आत्मबोध प्राप्त करने का वैज्ञानिक तरीका समझाया गया है。*
*पुस्तक अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान-३ का यह भाग साधकों को भौतिक सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना की ऊंचाइयों को छूने में मदद करता है。*

*अधिक जानकारी के लिए AWGP की आधिकारिक वेबसाइट पर अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान श्रृंखला की पुस्तकें देख सकते हैं।* *...विषयांतरगत जानने के लिए
आइए सुनते हैं उपरोक्त vdo में।🙏🏼👆🏼

*!! 10, अगस्त,2026 !!*
*महाशताब्दी वर्ष 2026*
*दिव्य ज्योति कलश ज्ञानामृत✨🔱*
*!! ॐ भूर्भुवःस्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात !!*
(भावार्थ-उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपने अंतःकरण में धारण करें, वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे ।)

*!! शुभ दिन !!*
आत्मीय भाईयों और बहिनों समस्त गायत्री परिजनों 🙏🏼
*महाशताब्दी वर्ष 2026*
*अखण्ड दीपक प्राकट्य शताब्दी /वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के प्राकट्य दिवस की जन्म शताब्दी (1926 से 2026 ) महायज्ञ की पूर्व घोषणा शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा दिव्य कलश ज्योति यात्राओं के माध्यम से की जा चुकी है जिसका शुभारंभ गायत्री ज्ञान मंदिर उरई(जालौन) द्वारा चैत्र नवरात्र की नवदुर्गा से किया जा चुका है। लक्ष्य है जन - जन तक युग साहित्य को पहुंचाना ।* *माध्यम हैं6 - दीप यज्ञ/ यज्ञ/बलिवैश्वदेव यज्ञ, गायत्री मंत्र जप ।परिजनों के समस्त संस्कार निःशुल्क संपन्न कराया जाना घर - घर जाकर ( युग साहित्य छोला छाप पुस्तकालय के माध्यम से) साहित्य पढ़ाना ।*
_अखण्ड ज्योति, युग निर्माण योजना , प्रज्ञा पाक्षिक, पढ़ने के लिए प्रेरित करना ।_

*यूट्यूब चैनल,व्हाट्सएप/फेसबुक के माध्यम से ज्ञान यज्ञ करना.. एवं वसोधारा का क्रम ज्ञान यज्ञ के मध्यम से अग्नि प्रज्वलित रखने हेतु युग साहित्य के लेखों और पुस्तकों को टाइप कर/vdo बनाकर निरंतर आहुतियां देना ।*
परमपूज्य द्वारा- (वांग्मय01) पृष्ठ 216 में कहा है :-
*दो कदम आप भी बढ़ाएं*
इस विदाई की बेला में हम दो उत्तरदायित्व प्रिय परिजनों को सौंप कर जा रहे हैं --
*1- ज्ञान यज्ञ में निरंतर आहुतियां देते रहने से कोई जी न चुराए ।*
*2- युग- परिवर्तन के लिए अनिवार्य संघर्ष में अपना भाग पूरा करने से मुख न छुपाए ।*
*जो हमें प्यार करते हो ,हमारे प्रति ममता और आत्मीयता सचमुच ही रखते हो, वे उपर्युक्त दोनों ही बातें नोट कर लें । हम हर परिजन की वास्तविकता इसी कसौटी पर कसकर परखते रहेंगे ।*
*✍ युगऋषि पंडित श्री राम शर्मा आचार्य🙏🏼*

*दिव्य ज्योति कलश ज्ञानामृत को जन जन तक पहुंचाने के लिए ज्ञान यज्ञ में गायत्री ज्ञान मंदिर उरई द्वारा अपनी आहुतियां समर्पित की जा रही है। आप भी यही करें।* 😊🪔
*....उपरोक्तानुसार स्वाध्याय- सत्संग के लिए कृपया orai Gayatri Gyan Mandir (jalaun)UP यूट्यूब चैनल को लाइक और Subscribe करना चाहें-👇🏻👇🏻**
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*
संकलन - संपादन
*!! मां तारा कुँज!!*
**प्रज्ञा महिला मंडल/बाल संस्कार शाला,*प्रज्ञा संस्थान,गायत्री ज्ञान मंदिर 3798, पटेल नगर , वी मार्ट के सामने,बद्री सिंह,पूर्व विधायक गली में, जयराम स्कूल के पास,उरई (जालौन),उ.प्र. 285001*
mb.997191759

अशांति का मूल समाधान मन की एकाग्रता और स्थिरता है, जो विचारों के बि...

https://youtu.be/wBxPr1kFc1s?si=s4OoQse02i5pD1_0 *विषय : चित्त  की चंचलता का रूपांतरण है-समाधि...* पुस्तक -अन्तर्जगत् की...
08/08/2026

https://youtu.be/wBxPr1kFc1s?si=s4OoQse02i5pD1_0

*विषय : चित्त की चंचलता का रूपांतरण है-समाधि...*
पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3),*टीका- संपादन- डॉ.प्रणव पांड्या*

*अखंड ज्योति पत्रिका के अनुसार, चित्त की चंचलता का असली रूपांतरण ही 'समाधि' या एकाग्रता है, जिसे योगाभ्यास, आत्म-अनुशासन और विचारों के स्वामी बनकर प्राप्त किया जा सकता है।*
*_रूपांतरण के मुख्य उपायमन का स्वामित्य:_*

मन में यह दृढ़ भाव रखें कि चित्त शांत और स्थिर है।

*_योगाभ्यास:_*

चित्त वृत्तियों के निरोध और कुमार्गगामिता पर अंकुश लगाएं।

*_एकाग्रता:_*

आस्था और संयम से मानसिक चेतना का विस्तार करें।
*_अधिक जानकारी के लिए पढ़िए अखंड ज्योति जुलाई 2012_*

👉🏻*अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3), AWGP (अखिल विश्व गायत्री परिवार) द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत गहन आध्यात्मिक पुस्तक है, जिसके लेखक डॉ. प्रणव पण्ड्या जी हैं。*
*यह पुस्तक महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों के आधार पर मन को एकाग्र करने, संयम, धारणा, ध्यान और समाधि के वास्तविक विज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाती है。*
पुस्तक का उद्देश्य और मुख्य विषय इस पुस्तक में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है:

*1.मन और चित्त का विज्ञान:*
मन को एकाग्र और शांत करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं。

*2.संयम का रहस्य:*

चित्त और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के लिए 'संयम' की महिमा और उससे प्रज्ञा (विवेक) जागृत होने की प्रक्रिया का वर्णन है。

*3. साधना और सिद्धियाँ:*
यह स्पष्ट किया गया है कि सिद्धियाँ कोई चमत्कार नहीं, बल्कि साधना के परिणामस्वरूप जाग्रत हुई आंतरिक क्षमताएं हैं और ये साधक की परीक्षा भी लेती हैं。
*आत्मबोध: आंतरिक यात्रा के माध्यम से कैवल्य (मोक्ष) और आत्मबोध प्राप्त करने का वैज्ञानिक तरीका समझाया गया है。*
*पुस्तक अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान-३ का यह भाग साधकों को भौतिक सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना की ऊंचाइयों को छूने में मदद करता है。*

*अधिक जानकारी के लिए AWGP की आधिकारिक वेबसाइट पर अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान श्रृंखला की पुस्तकें देख सकते हैं।* *...विषयांतरगत जानने के लिए
आइए सुनते हैं उपरोक्त vdo में।🙏🏼👆🏼

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*महाशताब्दी वर्ष 2026*
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(भावार्थ-उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपने अंतःकरण में धारण करें, वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे ।)

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परमपूज्य द्वारा- (वांग्मय01) पृष्ठ 216 में कहा है :-
*दो कदम आप भी बढ़ाएं*
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**प्रज्ञा महिला मंडल/बाल संस्कार शाला,*प्रज्ञा संस्थान,गायत्री ज्ञान मंदिर 3798, पटेल नगर , वी मार्ट के सामने,बद्री सिंह,पूर्व विधायक गली में, जयराम स्कूल के पास,उरई (जालौन),उ.प्र. 285001*
mb.997191759

क्या तुमने कभी चुपचाप बैठकर अपने मन की उछलकूद, कलाबाजियों, संघर्षों...

https://youtu.be/c-Jy6uqFxRI?si=RWBse5AIGTMKrWCJ *विषय : निष्कामता से खुलता है समाधि का द्वार...* पुस्तक -अन्तर्जगत् की ...
03/08/2026

https://youtu.be/c-Jy6uqFxRI?si=RWBse5AIGTMKrWCJ

*विषय : निष्कामता से खुलता है समाधि का द्वार...*
पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3),*टीका- संपादन- डॉ.प्रणव पांड्या*

*'निष्कामता से खुलता है समाधि का द्वार'* यह कथन शांत मन, स्वार्थहीन भाव और सच्ची साधना को बताता है।
यह प्रसंग आंतरिक यात्रा के अध्यायों से जुड़ा है।

आप इसे AWGP Literature पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।

*मुख्य बिंदुनिष्काम भाव:*

मन से स्वार्थ और लालच का हटना जरूरी है।

*समाधि की अवस्था:*

चित्त की चंचलता समाप्त होकर शांति मिलती है।

*आंतरिक यात्रा:*

यह ध्यान और संयम का अगला चरण है।

*अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3), AWGP (अखिल विश्व गायत्री परिवार) द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत गहन आध्यात्मिक पुस्तक है, जिसके लेखक डॉ. प्रणव पण्ड्या जी हैं。*

*यह पुस्तक महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों के आधार पर मन को एकाग्र करने, संयम, धारणा, ध्यान और समाधि के वास्तविक विज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाती है。*
पुस्तक का उद्देश्य और मुख्य विषय इस पुस्तक में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है:

*1.मन और चित्त का विज्ञान:*
मन को एकाग्र और शांत करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं。

*2.संयम का रहस्य:*

चित्त और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के लिए 'संयम' की महिमा और उससे प्रज्ञा (विवेक) जागृत होने की प्रक्रिया का वर्णन है。

*3. साधना और सिद्धियाँ:*
यह स्पष्ट किया गया है कि सिद्धियाँ कोई चमत्कार नहीं, बल्कि साधना के परिणामस्वरूप जाग्रत हुई आंतरिक क्षमताएं हैं और ये साधक की परीक्षा भी लेती हैं。
*आत्मबोध: आंतरिक यात्रा के माध्यम से कैवल्य (मोक्ष) और आत्मबोध प्राप्त करने का वैज्ञानिक तरीका समझाया गया है。*
*पुस्तक अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान-३ का यह भाग साधकों को भौतिक सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना की ऊंचाइयों को छूने में मदद करता है。*

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*!! 3, अगस्त,2026 !!*
*महाशताब्दी वर्ष 2026*
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(भावार्थ-उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपने अंतःकरण में धारण करें, वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे ।)

*!! शुभ रात्री !!*
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*महाशताब्दी वर्ष 2026*
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परमपूज्य द्वारा- (वांग्मय01) पृष्ठ 216 में कहा है :-
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*1- ज्ञान यज्ञ में निरंतर आहुतियां देते रहने से कोई जी न चुराए ।*
*2- युग- परिवर्तन के लिए अनिवार्य संघर्ष में अपना भाग पूरा करने से मुख न छुपाए ।*
*जो हमें प्यार करते हो ,हमारे प्रति ममता और आत्मीयता सचमुच ही रखते हो, वे उपर्युक्त दोनों ही बातें नोट कर लें । हम हर परिजन की वास्तविकता इसी कसौटी पर कसकर परखते रहेंगे ।*
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**प्रज्ञा महिला मंडल/बाल संस्कार शाला,*प्रज्ञा संस्थान,गायत्री ज्ञान मंदिर 3798, पटेल नगर , वी मार्ट के सामने,बद्री सिंह,पूर्व विधायक गली में, जयराम स्कूल के पास,उरई (जालौन),उ.प्र. 285001*
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'निष्कामता से खुलता है समाधि का द्वार' यह कथन अखिल विश्व गायत्री पर...

https://youtu.be/mWvwxQfphZ4?si=mI_l-j0HQ9JweE9P *विषय : अनूठी है संयम की विभूति..* पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञा...
31/07/2026

https://youtu.be/mWvwxQfphZ4?si=mI_l-j0HQ9JweE9P

*विषय : अनूठी है संयम की विभूति..*
पुस्तक -अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3),*टीका- संपादन- डॉ.प्रणव पांड्या*

अखंड गायत्री परिवार (AWGP) के साहित्य में *"अनूठी है संयम की विभूति"* अखंड गायत्री परिवार (AWGP) के साहित्य में "अनूठी है संयम की विभूति" संयम और योग साधना का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसके अनुसार संयम केवल बाहरी नियंत्रण नहीं, बल्कि आंतरिक ऊर्जा का रूपांतरण है।

*संयम की विशेषताएँमानसिक एकाग्रता:*

यह चित्त की चंचलता को शांत कर मन को एकाग्र बनाता है।

*ऊर्जा का विकास:*

इंद्रियों और विचारों पर नियंत्रण से चरित्र और व्यक्तित्व का बल बढ़ता है।

*दिव्य दृष्टि:*

संयम की साधना से अंतःकरण शुद्ध होता है और जीवन में दिव्यता वतित होती है।
संयम और योग साधना का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसके अनुसार संयम केवल बाहरी नियंत्रण नहीं, बल्कि आंतरिक ऊर्जा का रूपांतरण है।

*संयम की विशेषताएँमानसिक एकाग्रता:*

यह चित्त की चंचलता को शांत कर मन को एकाग्र बनाता है।

*ऊर्जा का विकास:*

इंद्रियों और विचारों पर नियंत्रण से चरित्र और व्यक्तित्व का बल बढ़ता है।

*दिव्य दृष्टि:*

संयम की साधना से अंतःकरण शुद्ध होता है और जीवन में दिव्यता वतित होती है।

*अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान (भाग 3), AWGP (अखिल विश्व गायत्री परिवार) द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत गहन आध्यात्मिक पुस्तक है, जिसके लेखक डॉ. प्रणव पण्ड्या जी हैं。*

*यह पुस्तक महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों के आधार पर मन को एकाग्र करने, संयम, धारणा, ध्यान और समाधि के वास्तविक विज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाती है。*
पुस्तक का उद्देश्य और मुख्य विषय इस पुस्तक में मुख्य रूप से निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया है:

*1.मन और चित्त का विज्ञान:*
मन को एकाग्र और शांत करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए हैं。

*2.संयम का रहस्य:*

चित्त और इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने के लिए 'संयम' की महिमा और उससे प्रज्ञा (विवेक) जागृत होने की प्रक्रिया का वर्णन है。

*3. साधना और सिद्धियाँ:*
यह स्पष्ट किया गया है कि सिद्धियाँ कोई चमत्कार नहीं, बल्कि साधना के परिणामस्वरूप जाग्रत हुई आंतरिक क्षमताएं हैं और ये साधक की परीक्षा भी लेती हैं。
*आत्मबोध: आंतरिक यात्रा के माध्यम से कैवल्य (मोक्ष) और आत्मबोध प्राप्त करने का वैज्ञानिक तरीका समझाया गया है。*
*पुस्तक अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान-३ का यह भाग साधकों को भौतिक सफलता के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना की ऊंचाइयों को छूने में मदद करता है。*

*अधिक जानकारी के लिए AWGP की आधिकारिक वेबसाइट पर अन्तर्जगत् की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान श्रृंखला की पुस्तकें देख सकते हैं।* *...विषयांतरगत जानने के लिए
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*!! 31, जुलाई,2026 !!*
*महाशताब्दी वर्ष 2026*
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(भावार्थ-उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपने अंतःकरण में धारण करें, वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे ।)

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*अखण्ड दीपक प्राकट्य शताब्दी /वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के प्राकट्य दिवस की जन्म शताब्दी (1926 से 2026 ) महायज्ञ की पूर्व घोषणा शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा दिव्य कलश ज्योति यात्राओं के माध्यम से की जा चुकी है जिसका शुभारंभ गायत्री ज्ञान मंदिर उरई(जालौन) द्वारा चैत्र नवरात्र की नवदुर्गा से किया जा चुका है। लक्ष्य है जन - जन तक युग साहित्य को पहुंचाना ।* *माध्यम हैं6 - दीप यज्ञ/ यज्ञ/बलिवैश्वदेव यज्ञ, गायत्री मंत्र जप ।परिजनों के समस्त संस्कार निःशुल्क संपन्न कराया जाना घर - घर जाकर ( युग साहित्य छोला छाप पुस्तकालय के माध्यम से) साहित्य पढ़ाना ।*
_अखण्ड ज्योति, युग निर्माण योजना , प्रज्ञा पाक्षिक, पढ़ने के लिए प्रेरित करना ।_

*यूट्यूब चैनल,व्हाट्सएप/फेसबुक के माध्यम से ज्ञान यज्ञ करना.. एवं वसोधारा का क्रम ज्ञान यज्ञ के मध्यम से अग्नि प्रज्वलित रखने हेतु युग साहित्य के लेखों और पुस्तकों को टाइप कर/vdo बनाकर निरंतर आहुतियां देना ।*
परमपूज्य द्वारा- (वांग्मय01) पृष्ठ 216 में कहा है :-
*दो कदम आप भी बढ़ाएं*
इस विदाई की बेला में हम दो उत्तरदायित्व प्रिय परिजनों को सौंप कर जा रहे हैं --
*1- ज्ञान यज्ञ में निरंतर आहुतियां देते रहने से कोई जी न चुराए ।*
*2- युग- परिवर्तन के लिए अनिवार्य संघर्ष में अपना भाग पूरा करने से मुख न छुपाए ।*
*जो हमें प्यार करते हो ,हमारे प्रति ममता और आत्मीयता सचमुच ही रखते हो, वे उपर्युक्त दोनों ही बातें नोट कर लें । हम हर परिजन की वास्तविकता इसी कसौटी पर कसकर परखते रहेंगे ।*
*✍ युगऋषि पंडित श्री राम शर्मा आचार्य🙏🏼*

*दिव्य ज्योति कलश ज्ञानामृत को जन जन तक पहुंचाने के लिए ज्ञान यज्ञ में गायत्री ज्ञान मंदिर उरई द्वारा अपनी आहुतियां समर्पित की जा रही है। आप भी यही करें।* 😊🪔
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संकलन - संपादन
*!! मां तारा कुँज!!*
**प्रज्ञा महिला मंडल/बाल संस्कार शाला,*प्रज्ञा संस्थान,गायत्री ज्ञान मंदिर 3798, पटेल नगर , वी मार्ट के सामने,बद्री सिंह,पूर्व विधायक गली में, जयराम स्कूल के पास,उरई (जालौन),उ.प्र. 285001*
mb.997191759

'अनूठी है संयम की विभूति' (अन्तर्जगत की यात्रा का ज्ञान-विज्ञान, भा...

28/07/2026

#हे_गायत्री_माता_तेरी_महिमा_अपरम्पार_है_।।
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"*भाव भरा आवाहन"*"*गुरु पूर्णिमा पावन महापर्व 29 जुलाई दिन बुधवार को गायत्री ज्ञान मंदिर Orai मे"* *🔥🔥प्रातः 7 बजे से 8 ...
28/07/2026

"*भाव भरा आवाहन"*
"*गुरु पूर्णिमा पावन महापर्व 29 जुलाई दिन बुधवार को गायत्री ज्ञान मंदिर Orai मे"*
*🔥🔥प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक गायत्री जाप एवं 8 बजे से एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में विशेष साधना संकल्प 21जुलाई से 29 जुलाई तक एक करोड़ गायत्री जाप अनुष्ठान (गुरुदेव की आवाज में) की पूर्णाहुति प्रतिदिन गायत्री जाप अनुष्ठान संपन्न करतेहुए दिनाँक 29 जुलाई को पूर्णाहुति सम्पन्न की जाएगी. ।🔥🔥_*
*🪔🪔🪔एवं शाम 5 बजे से 7.30 बजे तक 108 दीप प्रज्वलित करते हुए दीप यज्ञ महिला मंडल द्वारा दीप यज्ञ में भी एक करोड़ गायत्री जाप अनुष्ठान (गुरुदेव की आवाज में) की पूर्णाहुति संपन्न होगी. ।🪔🪔🪔*

*!!व्यवस्था समिति कार्यालय!!...*
*!! मां तारा कुँज!!*
**प्रज्ञा महिला मंडल/बाल संस्कार शाला,*प्रज्ञा संस्थान,गायत्री ज्ञान मंदिर 3798, पटेल नगर , वी मार्ट के सामने,बद्री सिंह,पूर्व विधायक गली में, जयराम स्कूल के पास,उरई (जालौन),उ.प्र. 285001* *(mb.9616572024,9971917572,9453804378,945029775,9754199754)*

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