Nag Mandir Jathere Pathania

Nag Mandir Jathere Pathania Nag Mandir Jathere Pathania - Nagawari, Tehsil Nurpur, Distt Kangra (H.P)

The Holy place of the div

Nag Mandir Jathere Pathania - Nagawari, Tehsil Nurpur, Distt Kangra (H.P)

The Holy place of the divinity forms of Lord Nag and is the presiding central deity of the Paithania community. The Paithania generation worships the snake as their "Kuldevata".

नूरपुर के नागवाड़ी में स्थित नाग मंदिर जठेरे पठानियाँ में 28वां सम्मेलन 16 नवंबर 2025 को मनाया गया ।सम्मेलन में श्री केव...
16/11/2025

नूरपुर के नागवाड़ी में स्थित नाग मंदिर जठेरे पठानियाँ में 28वां सम्मेलन 16 नवंबर 2025 को मनाया गया ।
सम्मेलन में श्री केवल सिंह पठानियाँ (डिप्टी चीफ व्हिप,हिमाचल प्रदेश सरकार ) और नूरपुर के विधायक श्री रणवीर सिंह निक्का पधारे ।

इस मौके पर मंदिर कमेटी के प्रधान कर्नल रवि पठानियाँ और समस्त कमेटी के सदस्यों ने उनका स्वागत किया ।
केवल सिंह पठानियाँ जी और रणवीर सिंह निक्का जी ने मंदिर में नाग देवता और माता जी का आशीर्वाद प्राप्त करके, यज्ञ में आहुतियां डालीं ।

इसके पश्चात कमेटी के प्रधान कर्नल रवि पठानियाँ की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें केवल सिंह पठानियाँ जी, रणवीर सिंह निक्का जी, SDM नूरपुर और सभी कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।

मीटिंग में मंदिर के विकास कार्यों को बढ़ाने की चर्चा की गई ।

मंदिर के सामने वाली खाली जमीन पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्माण हेतु श्री केवल सिंह पठानियाँ जी ने 5 लाख रुपए की दान राशि देने की घोषणा की ।

मंदिर के सामने ओवर / अंडर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी मीटिंग में रखा गया , जिसके लिए केवल सिंह पठानियाँ जी द्वारा नूरपुर के SDM को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए ।

Photos Link : https://jathere.com/gallery/16112025

Jai Dev Ji

सूर्यस्तोत्रम् देवा ऊचुःनमस्ते ऋक्स्वरूपाय सामरूपाय ते नमः ।यजुःस्वरूपरूपाय साम्नान्धामवते नमः ॥ १॥ज्ञानैकधामभूताय निर्ध...
23/03/2025

सूर्यस्तोत्रम्

देवा ऊचुः
नमस्ते ऋक्स्वरूपाय सामरूपाय ते नमः ।
यजुःस्वरूपरूपाय साम्नान्धामवते नमः ॥ १॥

ज्ञानैकधामभूताय निर्धूततमसे नमः ।
शुद्धज्योतिःस्वरूपाय विशुद्धायामलात्मने ॥ २॥

वरिष्ठाय वरेण्याय परस्मै परमात्मने ।
नमोऽखिलजगद्व्यापिस्वरूपायात्ममूर्तये ॥ ३॥

इदं स्तोत्रवरं रम्यं श्रोतव्यं श्रद्धया नरैः ।
शिष्यो भूत्वा समाधिस्थो दत्त्वा देयं गुरोरपि ॥ ४॥

न शून्यभूतैः श्रोतव्यमेतत्तु सफलं भवेत् ।
सर्वकारणभूताय निष्ठायै ज्ञानचेतसाम् ॥ ५॥

नमः सूर्यस्वरूपाय प्रकाशात्मस्वरूपिणे ।
भास्कराय नमस्तुभ्यं तथा दिनकृते नमः ॥ ६॥

शर्वरीहेतवे चैव सन्ध्याज्योत्स्नाकृते नमः ।
त्वं सर्वमेतद्भगवन् जगदुद्भ्रमता त्वया ॥ ७॥

भ्रमत्याविद्धमखिलं ब्रह्माण्डं सचराचरम् ।
त्वदंशुभिरिदं स्पृष्टं सर्वं सञ्जायते शुचि ॥ ८॥

क्रियते त्वत्करैः स्पर्शाज्जलादीनां पवित्रता ।
होमदानादिको धर्मो नोपकाराय जायते ॥ ९॥

तावद्यावन्न संयोगि जगदेतत् त्वदंशुभिः ।
ऋचस्ते सकला ह्येता यजूंष्येतानि चान्यतः ॥ १०॥

सकलानि च सामानि निपतन्ति त्वदड्गतः ।
ऋङ्मयस्त्वं जगन्नाथ ! त्वमेव च यजुर्मयः ॥ ११॥

यतः साममयश्चैव ततो नाथ ! त्रयीमयः ।
त्वमेव ब्रह्मणो रूपं परञ्चापरमेव च ॥ १२॥

मूर्तामूर्तस्तथा सूक्ष्मः स्थूलरूपस्तथा स्थितः ।
निमेषकाष्ठादिमयः कालरूपः क्षयात्मकः ।
प्रसीद स्वेच्छया रूपं स्वतेजः शमनं कुरु ॥ १३॥

इति श्रीमार्कण्डेयपुराणे सावर्णिके मन्वन्तरे
वैवस्वतोत्पत्तिर्नामाष्टसप्ततितमोऽध्यायान्तर्गता
सूर्यस्तुतिः सम्पूर्णम् ॥

🌼⚜️ भगवान विष्णु के 108 नाम ⚜️🌼ऊँ श्री विष्णवे नम:ऊँ श्री प्रजापतये नम:ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:ऊँ श्री सुरेशाय नम:ऊँ श्र...
19/03/2025

🌼⚜️ भगवान विष्णु के 108 नाम ⚜️🌼
ऊँ श्री विष्णवे नम:
ऊँ श्री प्रजापतये नम:
ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:
ऊँ श्री सुरेशाय नम:
ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नम:
ऊँ श्री सर्वेश्वराय नम:
ऊँ श्री अच्युताय नम:
ऊँ श्री वासुदेवाय नम:
ऊँ श्री पुण्डरीक्षाय नम:
ऊँ श्री नर-नारायणा नम:
ऊँ श्री परमात्मने नम:
ऊँ श्री विराट पुरुषाय नम:
ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नम:
ऊँ श्री केशवाय नम:
ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नम:
ऊँ श्री ईश्वराय नम:
ऊँ श्री हृषीकेशाय नम:
ऊँ श्री पद्मनाभाय नम:
ऊँ श्री विश्वकर्मणे नम:
ऊँ श्री कृष्णाय नम:
ऊँ श्री जनार्दनाय नम:
ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:
ऊँ श्री चतुर्भुजाय नम:
ऊँ श्री धर्माध्यक्षाय नम:
ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:
ऊँ श्री माधवाय नम:
ऊँ श्री महाबलाय नम:
ऊँ श्री गोविन्दाय नम:
ऊँ श्री प्रजापतये नम:
ऊँ श्री विश्वातमने नम:
ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नम:
ऊँ श्री नारायणाय नम:
ऊँ श्री सिद्ध संकल्पयाय नम:
ऊँ श्री महेन्द्राय नम:
ऊँ श्री वामनाय नम:
ऊँ श्री अनन्तजिते नम:
ऊँ श्री महीधराय नम:
ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:
ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नम:
ऊँ श्री दामोदराय नम:
ऊँ श्री कमलापतये नम:
ऊँ श्री परमेश्वराय नम:
ऊँ श्री धनेश्वराय नम:
ऊँ श्री मुकुन्दाय नम:
ऊँ श्री अक्रूराय नम:
ऊँ श्री दु:स्वपननाशनाय नम:
ऊँ श्री भूभवे नम:
ऊँ श्री प्राणदाय नम:
ऊँ श्री देवकी नन्दनाय नम:
ऊँ श्री शंख भृते नम:
ऊँ श्री सुरेशाय नम:
ऊँ श्री कमलनयनाय नम:
ऊँ श्री जगतगुरूवे नम:
ऊँ श्री सनातन नम:
ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नम:
ऊँ श्री द्वारकानाथाय नम:
ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नम:
ऊँ श्री दयानिधि नम:
ऊँ श्री एकातम्ने नम:
ऊँ श्री शत्रुजिते नम:
ऊँ श्री घनश्यामाय नम:
ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:
ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नम:
ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नम:
ऊँ श्री विराटपुरुषाय नम:
ऊँ श्री यशोदानन्दनयाय नम:
ऊँ श्री परमधार्मिकाय नम:
ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:
ऊँ श्री प्रभवे नम:
ऊँ श्री लक्ष्मीकान्ताजाय नम:
ऊँ श्री गगनसदृश्यमाय नम:
ऊँ श्री वामनाय नम:
ऊँ श्री हंसाय नम:
ऊँ श्री वयासाय नम:
ऊँ श्री प्रकटाय नम:
ऊँ श्री आनन्दाय नम:
ऊँ श्री सत्यधर्माय नम:
ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:
ऊँ श्री चक्रगदाधराय नम:
ऊँ श्री भगवते नम
ऊँ श्री शान्तिदाय नम:
ऊँ श्री गोपतये नम:
ऊँ श्री श्रीपतये नम:
ऊँ श्री श्रीहरये नम:
ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:
ऊँ श्री कपिलेश्वराय नम:
ऊँ श्री वाराहय नम:
ऊँ श्री नरसिंहाय नम:
ऊँ श्री रामाय नम:
ऊँ श्री हयग्रीवाय नम:
ऊँ श्री शोकनाशनाय नम:
ऊँ श्री विशुद्धात्मने नम :
ऊँ श्री केश्वाय नम:
ऊँ श्री धनंजाय नम:
ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नम:
ऊँ श्री श्री यदुश्रेष्ठाय नम:
ऊँ श्री लोकनाथाय नम:
ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नम:
ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:
ऊँ श्री एकपदे नम:
ऊँ श्री सुलोचनाय नम:
ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नम:
ऊँ श्री सप्तवाहनाय नम:
ऊँ श्री वंशवर्धनाय नम:
ऊँ श्री योगिनेय नम:
ऊँ श्री धनुर्धराय नम:
ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:
ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम

प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर व दुर्लभ मंत्र संग्रह....  🔹 प्रात: कर-दर्शनम्🔹कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।करमूल...
19/03/2025

प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर व दुर्लभ मंत्र संग्रह....

🔹 प्रात: कर-दर्शनम्🔹

कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥

🔸पृथ्वी क्षमा प्रार्थना🔸

समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते।
विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥

🔺त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण🔺

ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥

♥ स्नान मन्त्र ♥

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु॥

🌞 सूर्यनमस्कार🌞

ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च
आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने।
दीर्घमायुर्बलं वीर्यं व्याधि शोक विनाशनम्
सूर्य पादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम्॥

ॐ मित्राय नम:
ॐ रवये नम:
ॐ सूर्याय नम:
ॐ भानवे नम:
ॐ खगाय नम:
ॐ पूष्णे नम:
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
ॐ मरीचये नम:
ॐ आदित्याय नम:
ॐ सवित्रे नम:
ॐ अर्काय नम:
ॐ भास्कराय नम:
ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥

।। भोजन मन्त्र ।।

ओम् अन्नपतेऽन्नस्य नो देह्यनमीवस्य शुष्मिणः ।
प्रप्र दातारं तारिष ऊर्जं नो धेहि द्विपदे चतुष्पदे ।।

🔥दीप दर्शन🔥

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते॥

दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते॥

🌷 गणपति स्तोत्र 🌷

गणपति: विघ्नराजो लम्बतुन्ड़ो गजानन:।
द्वै मातुरश्च हेरम्ब एकदंतो गणाधिप:॥
विनायक: चारूकर्ण: पशुपालो भवात्मज:।
द्वादश एतानि नामानि प्रात: उत्थाय य: पठेत्॥
विश्वम तस्य भवेद् वश्यम् न च विघ्नम् भवेत् क्वचित्।

विघ्नेश्वराय वरदाय शुभप्रियाय।
लम्बोदराय विकटाय गजाननाय॥
नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजं।
प्रसन्नवदनं ध्यायेतसर्वविघ्नोपशान्तये॥

⚡आदिशक्ति वंदना ⚡

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

🔴 शिव स्तुति 🔴

कर्पूर गौरम करुणावतारं,
संसार सारं भुजगेन्द्र हारं।
सदा वसंतं हृदयार विन्दे,
भवं भवानी सहितं नमामि॥

🔵 विष्णु स्तुति 🔵

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

⚫ श्री कृष्ण स्तुति ⚫

कस्तुरी तिलकम ललाटपटले, वक्षस्थले कौस्तुभम।
नासाग्रे वरमौक्तिकम करतले, वेणु करे कंकणम॥
सर्वांगे हरिचन्दनम सुललितम, कंठे च मुक्तावलि।
गोपस्त्री परिवेश्तिथो विजयते, गोपाल चूडामणी॥

मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम्‌।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्‌॥

⚪ श्रीराम वंदना ⚪

लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥

♦श्रीरामाष्टक♦

हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा।
गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा॥
हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते।
बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्॥

🔱 एक श्लोकी रामायण 🔱

आदौ रामतपोवनादि गमनं हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीवसम्भाषणम्॥
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद्रावण कुम्भकर्णहननं एतद्घि श्री रामायणम्॥

🍁सरस्वती वंदना🍁

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वींणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपदमासना॥
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम पातु सरस्वती भगवती
निःशेषजाड्याऽपहा॥

🔔हनुमान वंदना🔔

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्‌।
दनुजवनकृषानुम् ज्ञानिनांग्रगणयम्‌।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्‌।
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥

मनोजवं मारुततुल्यवेगम जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणम् प्रपद्ये॥

🌹 स्वस्ति-वाचन 🌹

ॐ स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्ट्टनेमिः
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥

❄ शांति पाठ ❄

ऊँ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्‌ पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥

ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष (गुँ) शान्ति:,
पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।
वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,
सर्व (गुँ) शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥

॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥

बहुत सुंदर मंत्र संग्रह है...
इसे हर हिन्दू को अपने फोन में डाले या प्रिंट आउट ले । ऐसा संग्रह सरलता से नही मिलता ।
एक प्रति परिवार के बच्चों को भी दें....

16/05/2024
🏹🚩  #राम_का_भव्य_धाम
22/01/2024

🏹🚩

#राम_का_भव्य_धाम

24/11/2023

24वें सम्मेलन की कुछ झलकियां
जय देव !
Highlights of 24th Pathania Parivaar Sammelan
19 Nov 2023






24/11/2023

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Nurpur
176201

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