Shri Shani temple Noida

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श्री शनि जयंती के उपलक्ष्य में बाबा का भजन
29/05/2022

श्री शनि जयंती के उपलक्ष्य में बाबा का भजन


शनि प्रकोप से सभी व्यक्ति बचना चाहते हैं। जहां शनि को सबसे क्रूर माना जाता है, वहीं इन्हें न्याय के देवता के रूप में जान...
30/10/2021

शनि प्रकोप से सभी व्यक्ति बचना चाहते हैं। जहां शनि को सबसे क्रूर माना जाता है, वहीं इन्हें न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। शनि देव को यह उपाधि देवों के देव महादेव ने दी है। शनि देव व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल देते हैं। जीवन में सुख, शांति, समृद्धि आदि के लिए शनि देव की कृपा बहुत जरूरी है। जिस भी भक्त को इनका आशीर्वाद मिल जाए, उसके जीवन के दुःख दूर हो जाते हैं। शनि देव किसी के साथ अन्याय नहीं होने देते हैं। बशर्तें आपको छल, कपट, ईर्ष्या, द्वेष आदि बुराइयों से दूर रहना चाहिए। शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए भी शनि देव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कुछ मंत्र हैं, जिनका जाप करना चाहिए।
शनि देव के मंत्र

1. शनि बीज मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। सामान्य मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः।

3. शनि महामंत्र

ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥

4. शनि का पौराणिक मंत्र

ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।

छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

5. शनि का वैदिक मंत्र

ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः....
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ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

6. शनि गायत्री मंत्र

ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्

7. शनि दोष निवारण मंत्र

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम।

उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः।

ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।

आप सभी को बाबा शनिदेव जन्मोत्सव 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं।   नोएडा वाले बाबा की जय!
10/06/2021

आप सभी को बाबा शनिदेव जन्मोत्सव 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं।

नोएडा वाले बाबा की जय!

 #एकादशी माता के दर्शननगरकोट धाम मे विराजमान माता बजरेश्वरी देवी ब्रज की   अधिष्ठात्री देवी है, श्री बांके बिहारी जी मन्...
04/03/2021

#एकादशी माता के दर्शन

नगरकोट धाम मे विराजमान माता बजरेश्वरी देवी ब्रज की अधिष्ठात्री देवी है, श्री बांके बिहारी जी मन्दिर के गोस्वामियों की कुलदेवी भी है , ब्रज के भगत बाबा ध्यानू भगत माता के भगत थे उनके बुलाने पर नगरकोट वाली माता छाता गांव के नरी सेमरी मे आई थी इसलिए एक पीठ नरी सेमरी वाली माता भी नगरकोट का पीठ है तथा जो नगरकोट नहीं जा पाते वे नरी सेमरी वाली माता को धोक देते हैं कुछ गोस्वामियों की कुलदेवी नरी सेमरी वाली भी है , ब्रज में एकादशी व्रत का बहुत महत्त्व है नगरकोट की माता जी की पिंडी के साथ ही एकादशी माता का पिंड और माता भद्रकाली का पिंड है यही भद्रकाली की पिंडी भगवान कृष्ण के कुल बसुदेव देवकी की कुलदेवी हैं यही पर भगवान कृष्ण का मुण्डन हुआ था। बाद में यही भद्रकाली कुरूक्षेत्र मे भगवान कृष्ण के आवाहन पर आई थी , एकादशी माता का पिड्ड उत्पन्ना एकादशी को प्रकट माना जाता है एकादशी पारायण , उध्यापन ब्रत उठाने एवं किसी कारण बीच में छोड़ने के लिए माता एकादशी को चंदन‌ अर्पित कर भगत संकल्प लेते हैं। एकादशी माता का एक मन्दिर श्री जगन्नाथपुरी मन्दिर उड़ीसा में भी है यहां उनकी उल्टी मूर्ती की पूजा होती है भाव यह है कि ठाकुर की सेवा प्रीत में एकादशी पर लगने वाले अन्न दोश को नहीं माना जाता वहीं दूसरी ओर श्री नगरकोट धाम में माता बजरेश्वरी की पूजा वैदिक रिति से होती है यहां श्री शंकराचार्य भगवान द्वारा प्रतिपादित आग्या ही सर्वोपरी है ये माता तीन रूप में माता बजरेश्वरी माता एकादशी और माता भद्रकाली के पिंड साक्षात विराजमान हैं ‌जो ब्रज की अधिष्ठात्री होने के कारण नित्य चंदन धारण कर पीताम्बरी शक्ती है , यहां माता सती का बक्छ स्थल गिरा था इसलिए यह वात्सलय पीठ भी हे माता की पिंडियो को दूध से स्नान करने के बाद नीचे कुण्ड में आने वाला दूध जल माता के स्त्नो का मान भगत ग्रहण करते हैं , जात करने‌ वालों को यह दूध पीना जरूरी होता है और एक चमत्कार भी यह है कि इस दूध जल से शरीर चमणी के रोग दूर हो जाते हैं माता के पास ही बाबा छेतरपाल भैरो विराजमान हैं माना जाता है माता के भक्तों के अन्तिम समय ये ही यम दूतों से छूडाने जाते हैं , बाबा भैरो तारने जाते हैं । गौलोक ही ब्रज है उस। परमधाम गौ लोक का गर्भ वृन्दावन है तो उसी गौलोक कै गर्भग्रह में विराजमान भगवान कृष्ण योगीराज का योगकछ साधना का भवन‌ नगरकोट है जहां प्रभू की प्रिय एकादशी महारानी विराजमान हैं ये एकादशी माता आंवला एकादशी पर आंवले के पेड़ को साध्य कर बृन्दावन जाती है तथा भगवान कृष्ण मकर संक्रान्ति पर कुरूक्षेत्र पधारे थे ऐसा कहा जाता है भीष्म एकादशी पर भगवान कृष्ण नगरकोट धाम में एकादशी पिंड का पूजन‌ किया था अतैव श्री कृष्ण प्रेमियों के लिए ब्रज जैसे ही नगरकोट धाम प्रिय है , जय जय श्री राधे , जयकारा नगरकोट वाली का सच्चे दरबार की जय

Post by Bhagat .
साछ्य प्रमाण , श्री मद्देवीभागवत एवं ब्रज / हिमाचल की लोक कथाओं के आधार पर ।

प्रभु के लिए शुद्ध हृदय से किया गया एक छोटा-सा योगदान भी सभी वस्तुओं से अधिक मूल्यवान है।हम आप सभी रामभक्तों से आग्रह कर...
12/02/2021

प्रभु के लिए शुद्ध हृदय से किया गया एक छोटा-सा योगदान भी सभी वस्तुओं से अधिक मूल्यवान है।

हम आप सभी रामभक्तों से आग्रह करते हैं कि आप अयोध्या में बन रहे हमारे भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा अनुसार दान करें और पुण्य के भागी बनें।

जय श्री राम 🚩

Even a small contribution with pure heart for our Prabhu is unparalleled against all the other treasures.

We urge all the Rambhakts to come forward & contribute some part for the fabrication of our Bhavya Shri Ram Janmbhoomi Mandir in Ayodhya.

Jai Shri Ram 🚩

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