Shri Bala Ji Sewa Samiti

Shri Bala Ji Sewa Samiti Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Shri Bala Ji Sewa Samiti, Religious organisation, D-336, Ground Floor , Sec/10, Noida.

25/04/2022

"प्रिय भक्तों"
जय श्री राम🙏🙏

*श्री बालाजी सेवा समिति*नोएडा द्वारा खांटू श्याम एवं सालासर यात्रा 29 April 2022,रात्रि 9:00 बजे को कराई जा रही🕉🕉🙏🙏

🎪*यात्रा के प्रमुख स्थल -🎪

1- खांटू श्याम यात्रा🌺🌺🌺
2 - सालासर धाम 🛕🛕

जिसका किराया मात्र रु 1150/ दो वक्त का भोजन चाय और ठहरने का उत्तम व्यवस्था भी है...!!!!!
जो भी भक्त खांटू श्याम जी की एवं सलासर महाराज जी के दर्शन हेतु जाना चाहे कृपया जल्द से जल्द अपनी आसन सुनिश्चित करवाएं💺💺💺💺💺💺💺🙏🙏

कृपया नीचे दिए हुए फोन नंबर से आप सभी दर्शन हेतु वार्तालाप करें धन्यवाद 🙏🙏
(संस्थापक :- माननीय ऋषिपाल शर्मा जी) - सेक्टर 22 नोएडा
फोन नंबर - 9891306140,

बाकी बालाजी सेवा समिति के कार्यकर्ता एवं सदस्य के नंबर नीचे दिए जा रहे हैं जिससे कोई भी भक्त वार्तालाप करके अपने आसन सुनिश्चित करवा सकते हैं धन्यवाद🙏

रामकिशन जी< सेक्टर 11, फोन नंबर - 96500 22574

सुभाष जी > सेक्टर 53, फोन नंबर-9999509328

नरेंद्र जी > सेक्टर 51, फोन नंबर- 9971884042

सचिन जी , सेक्टर 22 फोन नंबर - 8010045630

श्याम सुंदर जी, सेक्टर 22 फोन नंबर -7838607815

Deepakji ,सरफाबाद फोन नंबर - 7011243048

वर्मा जी , सेक्टर 15 फोन नंबर - 7065828459

नीरज जी , होशियारपुर फोन नंबर - 9810760916

Ramu जी, नोएडा एक्सटेंशन फोन नंबर - 9718704101

प्रकाश जी, सेक्टर 122 फोन नंबर- 9891358750

अजय जी , नोएडा एक्सटेंशन फोन नंबर - 9811610173

कौशिक जी, गाजियाबाद फोन नंबर - 9560445271

किरण पाल जी, indrapuram फोन नंबर - 9818090230

और आवश्यकता होने पर मेरे नंबर पर वार्तालाप कर सकते हैं फोन नंबर - ( 9818786799 )मैं आप सबकी बड़ी छोटी बहन अगर लिखने में कोई गलती हो जाती है तो कृपया माफ करें धन्यवाद. 🙏🙏🙏🙏😔😔

तुम जो कहते हो ना,ख़ुश रहा करो😊तो फिर सुन लो मेरे सांवरे,हमेशा हमारे  पास रहा करो👏     👏जय श्री श्याम👏
09/01/2020

तुम जो कहते हो ना,
ख़ुश रहा करो😊

तो फिर सुन लो मेरे सांवरे,
हमेशा हमारे पास रहा करो👏

👏जय श्री श्याम👏

एक लड़की थी जो कृष्ण जी की अनन्य भक्त थी बचपन से ही कृष्ण भगवान का भजन करती थी। भक्ति करती थी भक्ति करते-करते बड़ी हो गई...
08/01/2020

एक लड़की थी जो कृष्ण जी की अनन्य भक्त थी बचपन से ही कृष्ण भगवान का भजन करती थी। भक्ति करती थी भक्ति करते-करते बड़ी हो गई भगवान की कृपा से उसका विवाह श्री धाम वृंदावन में किसी अच्छे घर में हो गया विवाह हो कर पहली बार वृंदावन(vrindavan) आयी पर नई दुल्हन होने की वजह से वह कहीं जा न सकी और मायके चली गई और वह दिन भी आया जब उसका पति उसे लेने उसके मायके आया अपने पति के साथ फिर वृंदावन पहुंच गई।

पहुंचते-पहुंचते उसे शाम हो गई पति वृंदावन में यमुना किनारे रुक कर कहने लगा देखो शाम का समय है मैं यमुना जी में स्नान करके अभी आता हूं तुम इस पेड़ के नीचे बैठ जाओ और सामान की देखरेख करना मैं थोड़े ही समय में आ जाऊंगा। यहीं सामने ही हूं कुछ लगे तो मुझे आवाज दे देना इतना कहकर पति गया और वह लड़की बैठ गई।
अब एक हाथ लंबा घूंघट निकाल रखा है क्योंकि गांव है ससुराल है और वहीं बैठ कर मन ही मन विचार करने लगी कि देखो बांके बिहारी जी की कितनी कृपा है। उन्हें मैंने बचपन से भजा और उनकी कृपा से मेरा विवाह भी श्रीधाम वृंदावन में हो गया। मैं इतने वर्षों से ठाकुर जी को मानती हूं परंतु अब तक उनसे कोई रिश्ता नहीं जोड़ा फिर सोचती है ठाकुर जी की उम्र क्या होगी ? लगभग 16 वर्ष के होंगे मेरे पति 20 वर्ष के हैं उनसे थोड़े से छोटे हैं इसलिए मेरे पति के छोटे भाई की तरह हो और मेरे देवर की तरह तो आज से ठाकुर जी मेरे देवर हो हुए। अब तो ठाकुर जी से नया संबंध जोड़कर प्रसन्न हुई और मन ही मन ठाकुर जी से कहने लगी देखो ठाकुर जी आज से मैं तुम्हारी भाभी और तुम मेरे देवर हो गए। अब वह समय कब आएगा जब तुम मुझे भाभी भाभी कह कर पुकारोगे।

इतना सोच रही थी तभी एक 10 से 15 वर्ष का बालक आया और उस लड़की से बोला भाभी-भाभी लड़की अचानक अपने भाव से बाहर आई और सोचने लगी कि वृंदावन में मैं तो नयी आयी हूं यह भाभी कह कर कौन बुला रहा है। नयी थी इसलिए घुंघट उठाकर नहीं देखा कि गांव के किसी बड़े बूढ़े ने देख लिया तो बड़ी बदनामी होगी।
अब बालक बार-बार कहता पर वो उत्तर नहीं देती। बालक पास आया और बोला ” नेक अपना चेहरा तो दिखाये दे ” ये सुन कर वो और कसकर घूंघट पकड़ कर बैठ गयी। फिर उस बालक ने जबरदस्ती घूंघट उठा कर देख लिया। थोड़ी देर में उसका पति आ गया उसने सारी बात अपने पति से कहीं पति ने कहा तुमने मुझे आवाज क्यों नहीं वो बोली वह तो इतने में भाग ही गया था बस मैंने उसका चेहरा देखा।

पति बोला चिंता मत कर वृंदावन बहुत बड़ा थोड़े ही है कभी किसी गली में लड़का मिल गया तो हड्डी पसली एक कर दूंगा। फिर कभी ऐसा नहीं कर सकेगा तुम्हें कहीं दिखे तो मुझे जरूर बताना। फिर कुछ दिन बाद उसकी सांस ने अपने बेटे से कहा बेटा देख तेरा विवाह हो गया है बहु मायके से भी आ गई है तुम दोनों बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए अभी तक नहीं गए हो। कल जाकर बहू को दर्शन करा कर ले आना।

अगले दिन दोनों पति पत्नी ठाकुर जी के दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं मंदिर में बहुत भीड़ थी। लड़का कहने लगा तुम स्त्रियों के साथ आगे जाकर दर्शन करो मैं अभी आता हूं अब वह आगे गई पर घुंघट नहीं उठाती उसे डर लगता कोई बड़ा बूढ़ा देखेगा तो कहेगा नई बहू घूंघट के बिना घूम रही है

बहुत देर हो गई पीछे से पति ने आकर कहा:-” अरे बावली बिहारी जी सामने है घूंघट काहे ना खोलें घूंघट नहीं खोलेगी तो दर्शन कैसे करेगी” अब उसने अपना घूंघट उठाया और जो बांके बिहारी जी को देखा तो बांके बिहारी जी की जगह वही बालक मुस्कुराता हुआ दिखा तो एकदम से चिल्लाने लगी। जल्दी आओ जल्दी आओ पति पीछे से भागा भागा आया क्या हुआ? उस दिन जो मुझे भाभी-भाभी कह कर भागा था वह मिल गया कहां कहां है अभी उसे देखता हूं ठाकुर जी को इशारा करके बोली यह रहा आपके सामने ही तो है उसके पति ने जो देखा वह अवाक रह गया और वहीं मंदिर में अपनी पत्नी के चरणों गिर गया और बोला तुम धन्य हो वास्तव में तुम्हारे ह्रदय में सच्चा(true) ठाकुर जी के प्रति प्रेम है मैं इतने वर्षों से वृंदावन में हूं मुझे आज तक उनके दर्शन नहीं हुए और तेरा भाव इतना है कि बिहारी जी ने तुझे दर्शन दे दिया।
बोल बाके बिहारी लाल की जय ...

🌷राधे राधे 🌷🌷है मेरे बाँकेबिहारीजीक्या मांगू अब जिंदगी से तुझे पाने के बादखुशी ही खुशी मिली जिंदगी मॆं, तेरे आने के बाद🌷...
03/01/2020

🌷राधे राधे 🌷
🌷है मेरे बाँकेबिहारीजी
क्या मांगू अब जिंदगी से तुझे पाने के बाद
खुशी ही खुशी मिली जिंदगी मॆं, तेरे आने के बाद🌷
बरसो से अँखियों को आस रही तेरी🌷
अब किसी का नहीं रहा इंतजार🌷
तेरे आने के बाद🌷
रंग मे तेरे रंग गए सांवरे,
कोई रंग अब ना चढ़े,
तेरे रंग के बाद.🦚
🌹राधेकृष्ण 🌹

महावीर नाम की चाबी ऐसी जो हर ताले को खोले…काम बनेंगें उसके सारे जो “जय हनुमान” बोले…!! #जय श्री राम जय हनुमान
30/12/2019

महावीर नाम की चाबी ऐसी जो हर ताले को खोले…
काम बनेंगें उसके सारे जो “जय हनुमान” बोले…!!
#जय श्री राम जय हनुमान

एक बार तुलसीदास जी से किसी ने पूछा :-कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता फिर भी नाम जपने के लिये बैठ जाते हैं, क्या उसका ...
29/12/2019

एक बार तुलसीदास जी से किसी ने पूछा :-

कभी-कभी भक्ति करने को मन नहीं करता फिर भी नाम जपने के लिये बैठ जाते हैं, क्या उसका भी कोई फल मिलता है ?

तुलसी दास जी ने मुस्करा कर कहा-

तुलसी मेरे राम को
रीझ भजो या खीज।
भौम पड़ा जामे सभी
उल्टा सीधा बीज॥

अर्थात् :

भूमि में जब बीज बोये जाते हैं, तो यह नहीं देखा जाता कि बीज उल्टे पड़े हैं या सीधे, पर फिर भी कालांतर में फसल बन जाती है, इसी प्रकार नाम सुमिरन कैसे भी किया जाये उसके सुमिरन का फल अवश्य ही मिलता है।

मेरे राम, हम सब पर ऐसी कृपा बनाये रखना, जो राह सही हो उस पर चलाये रखना।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Jai shree ram
28/12/2019

Jai shree ram

27/12/2019

मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे ,
भक्तो की भक्ति मे संतो की शक्ति मे..

पीताम्बर भी बिक गया, कम्बली भी बिक गई ,
बिक गया मुकुट भी साथ भक्तो के भक्ति मे ।
मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे,

कुंडल भी बिक गये , कंगन भी बिक गया ,
बिक गई पायल भी साथ भक्तो के भक्ति मे ।
मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे,

बंसी भी बिक गई , माखन भी बिक गया ,
बिक गई तेड़ी -मेढी चाल भक्तो के भक्ति मे।
मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे

गईया भी बिक गई ग्वाले भी बिक गये
बिक गई "राधा" जी महान भक्तो के भक्ति मेरे ।
मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे,

नंदलाल" का सब कुछ बिक गया, *
अरे ! भक्त तो हो गये मालामाल इनकी भक्ति से

मेरे बिक गये "मदन गोपाल" भक्तो के भक्ति मे ,
भक्तो के भक्ति मे संतो के शक्ति मे~
🌿🌿🌿🌿

27/12/2019

भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया। परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. परन्तु जब पत्नी उर्मिला के कक्ष की ओर बढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि माँ ने तो आज्ञा दे दी, परन्तु उर्मिला को कैसे समझाऊंगा!! क्या कहूंगा!! यदि बिना बताए जाऊंगा तो रो रोके जान दे देगी और यदि बताया तो साथ जाने की ज़िद्द करने लगेगी और कहेगी कि यदि सीता जी अपने पति के साथ जा सकती हैं तो मैं क्यों नहीं!!

यहीं सोच विचार करके लक्ष्मण जी जैसे ही अपने कक्ष में पहुंचे तो देखा कि उर्मिला जी आरती का थाल लेके खड़ी थीं और बोलीं- "आप मेरी चिंता छोड़ प्रभु की सेवा में वन को जाओ। मैं आपको नहीं रोकुंगीं। मेरे कारण आपकी सेवा में कोई बाधा न आये, इसलिये साथ जाने की जिद्द भी नहीं करूंगी।"

लक्ष्मण जी को कहने में संकोच हो रहा था। परन्तु उनके कुछ कहने से पहले ही उर्मिला जी ने उन्हें संकोच से बाहर निकाल दिया। *वास्तव में यहीं पत्नी का धर्म है। पति संकोच में पड़े, उससे पहले ही पत्नी उसके मन की बात जानकर उसे संकोच से बाहर कर दे!! पत्नी का इतना त्याग और प्रेम देखकर लक्ष्मण जी भी रो पड़े* उर्मिला जी ने एक दीपक जलाया और विनती की कि मेरी इस आस को कभी बुझने नहीं देना।

लक्ष्मण जी तो चले गये परन्तु 14 वर्ष तक उर्मिला ने एक तपस्विनी की भांति कठोर तप किया। वन में भैया-भाभी की सेवा में लक्ष्मण जी कभी सोये नहीं परन्तु उर्मिला ने भी अपने महलों के द्वार कभी बंद नहीं किये और सारी रात जाग जागकर उस दीपक की लौ को बुझने नहीं दिया।

मेघनाथ से युद्ध करते हुए जब लक्ष्मण को शक्ति लग जाती है और हनुमान जी उनके लिये संजीवनी का पहाड़ लेके लौट रहे होते हैं, तो बीच में अयोध्या में भरत जी उन्हें राक्षस समझकर बाण मारते हैं और हनुमान जी गिर जाते हैं। तब हनुमान जी सारा वृत्तांत सुनाते हैं कि सीता जी को रावण ले गया, लक्ष्मण जी मूर्छित हैं।

यह सुनते ही कौशल्या जी कहती हैं कि राम को कहना कि लक्ष्मण के बिना अयोध्या में पैर भी मत रखना। राम वन में ही रहे। माता सुमित्रा कहती हैं कि राम से कहना कि कोई बात नहीं। अभी शत्रुघ्न है। मैं उसे भेज दूंगी। मेरे दोनों पुत्र राम सेवा के लिये ही तो जन्मे हैं। माताओं का प्रेम देखकर हनुमान जी की आँखों से अश्रुधारा बह रही थी। परन्तु जब उन्होंने उर्मिला जी को देखा तो सोचने लगे कि यह क्यों एकदम शांत और प्रसन्न खड़ी हैं? क्या इन्हें अपनी पति के प्राणों की कोई चिंता नहीं??

हनुमान जी पूछते हैं- देवी! आपकी प्रसन्नता का कारण क्या है? आपके पति के प्राण संकट में हैं। सूर्य उदित होते ही सूर्य कुल का दीपक बुझ जायेगा। *उर्मिला जी का उत्तर सुनकर तीनों लोकों का कोई भी प्राणि उनकी वंदना किये बिना नहीं रह पाएगा। वे बोलीं- "*
मेरा दीपक संकट में नहीं है, वो बुझ ही नहीं सकता। रही सूर्योदय की बात तो आप चाहें तो कुछ दिन अयोध्या में विश्राम कर लीजिये, क्योंकि आपके वहां पहुंचे बिना सूर्य उदित हो ही नहीं सकता। आपने कहा कि प्रभु श्रीराम मेरे पति को अपनी गोद में लेकर बैठे हैं। *जो योगेश्वर राम की गोदी में लेटा हो, काल उसे छू भी नहीं सकता* यह तो वो दोनों लीला कर रहे हैं। मेरे पति जब से वन गये हैं, तबसे सोये नहीं हैं। उन्होंने न सोने का प्रण लिया था। इसलिए वे थोड़ी देर विश्राम कर रहे हैं। और जब भगवान् की गोद मिल गयी तो थोड़ा विश्राम ज्यादा हो गया। वे उठ जायेंगे। *और शक्ति मेरे पति को लगी ही नहीं शक्ति तो राम जी को लगी है। मेरे पति की हर श्वास में राम हैं, हर धड़कन में राम, उनके रोम रोम में राम हैं, उनके खून की बूंद बूंद में राम हैं, और जब उनके शरीर और आत्मा में सिर्फ राम, तो शक्ति राम जी को ही लगी, दर्द राम जी को ही हो रहा* इसलिये हनुमान जी आप निश्चिन्त होके जाएँ। सूर्य उदित नहीं होगा।"

वास्तव में सूर्य में भी इतनी ताकत नहीं थी कि लक्ष्मण जी के जागने से पहले वो उदित हो जाते! एक पतिव्रता तपस्विनी का तप उनके सामने खड़ा था। और मेघनाथ को भी लक्ष्मण जी ने नहीं, अयोध्या में बैठी एक तपस्विनी उर्मिला ने मारा।

*राम राज्य की नींव जनक की बेटियां ही थीं... कभी सीता तो कभी उर्मिला। भगवान् राम ने तो केवल राम राज्य का कलश स्थापित किया परन्तु वास्तव में राम राज्य इन सबके प्रेम, त्याग, समपर्ण, बलिदान से ही आया*
*🙏🏻🕉🚩 जय श्री राम 🚩🕉🙏🏻*

जय सियाराम जय जय सियाराम
27/12/2019

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