HinduSanskar

HinduSanskar Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from HinduSanskar, Religious organisation, Noida.

हमारे पूर्वजों ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, हमें आने वाली पीढ़ी को इसके महत्व और मूल्यों की शिक्...
27/12/2021

हमारे पूर्वजों ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, हमें आने वाली पीढ़ी को इसके महत्व और मूल्यों की शिक्षा देनी चाहिए!

शिव को 'महायोगी' कहा जाता था क्योंकि उन्होंने ब्रह्मांड की भलाई के लिए घंटों ध्यान लगाया था। उनकी शांत मनःस्थिति चरम कार...
26/12/2021

शिव को 'महायोगी' कहा जाता था क्योंकि उन्होंने ब्रह्मांड की भलाई के लिए घंटों ध्यान लगाया था। उनकी शांत मनःस्थिति चरम कारणों से ही विक्षुब्ध थी, लेकिन अन्यथा वे हमेशा ध्यान की स्थिति में रहते थे।

इस प्रकार इस तथ्य को उजागर करना कि आप तनावपूर्ण स्थिति में शांत रहकर ही आधी लड़ाई जीत सकते हैं। किसी समस्या को सुलझाने के लिए यह वास्तव में सबसे अच्छी रणनीति है।

हर हर महादेव 🙏🙏
#ॐनमःशिवाय

23/12/2021

सनातन धर्म में वसीम रिज़बी का स्वागत है। अब जितेन्द्र सिंह त्यागी के नाम से जाने जाएँगे।
06/12/2021

सनातन धर्म में वसीम रिज़बी का स्वागत है। अब जितेन्द्र सिंह त्यागी के नाम से जाने जाएँगे।

जुग सहस्त्र जोजन पर भानु ।लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥ 🙏
09/11/2021

जुग सहस्त्र जोजन पर भानु ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥

🙏

अवधपुरी प्रभु आवत जानीभई सकल सोभा कै खानी।बहइ सुहावन त्रिबिध समीराभइ सरजू अति निर्मल नीरा॥
02/11/2021

अवधपुरी प्रभु आवत जानी
भई सकल सोभा कै खानी।
बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा
भइ सरजू अति निर्मल नीरा॥

मूलतः कर्म को तीन भागों में विभक्त किया जाता है -१. पाप कर्म,२. पुण्य कर्म,३. पाप-पुण्य मिश्रित कर्म ।पाप कर्म के द्वारा...
31/10/2021

मूलतः कर्म को तीन भागों में विभक्त किया जाता है -

१. पाप कर्म,
२. पुण्य कर्म,
३. पाप-पुण्य मिश्रित कर्म ।

पाप कर्म के द्वारा योनिबद्ध जीव निम्न योनि एवं निम्न लोक प्राप्त करता है।

पुण्य कर्म के द्वारा योनिबद्ध जीव उच्च योनि एवं उच्च लोक प्राप्त करता है।

पाप-पुण्य मिश्रित कर्म के द्वारा योनिबद्ध जीव अन्ततः मनुष्य योनि एवं मनुष्य लोक प्राप्त करता है।

लेकिन इन तीनों में से किसी के भी द्वारा जीवन चक्र के बन्धन से मुक्ति प्राप्त नहीं होती।

शास्त्रों में मोक्ष ( जीवन-मृत्यु चक्र के बन्धन से मुक्ति ) का वर्णन विभिन्न मार्गो के द्वारा बताया गया है।

जैसे : कर्मयोग मार्ग, भक्ति मार्ग, आत्मज्ञान / ब्रह्मज्ञान / तत्त्वज्ञान, अष्टांगयोग मार्ग ( समाधि मार्ग )।

कर्मयोग मार्ग :

अपने सभी कर्मों को परमानन्द अनन्त-अनन्त ब्रह्माण्डों के स्वामी को अर्पण कर दो जिससे न पाप कर्म की वृद्धि होगी, न पुण्य कर्म की और न ही पाप-पुण्य मिश्रित की। जब कोई कर्म ही नहीं होंगे तो कोई लोक एवं योनि भी प्राप्त नहीं होगी जिससे भगवान् प्राप्त हो जायंगे अर्थात् मोक्ष अर्थात् जीवन-मृत्यु चक्र के बन्धन से मुक्ति प्राप्त होगी।

सभी मार्गो के अन्त में एक ही तरह का परम् भाव सभी में प्रकाशित होता है।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।नारद सारद सहित अहीसा।।
25/10/2021

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

23/10/2021
21/10/2021

27-9-2021 Mahakal ke aaj ke darshan 🙏🏼🙏🏼 jai mahakal 🙏🏼🙏🏼
27/09/2021

27-9-2021 Mahakal ke aaj ke darshan 🙏🏼🙏🏼 jai mahakal 🙏🏼🙏🏼

24-9-2021 mahakal ke aaj ke darshan 🙏🏼🙏🏼 jai mahakal 🙏🏼🙏🏼
24/09/2021

24-9-2021 mahakal ke aaj ke darshan 🙏🏼🙏🏼 jai mahakal 🙏🏼🙏🏼

Address

Noida

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when HinduSanskar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share