JAI SHREE GOUR HARI

JAI SHREE GOUR HARI HARE KRISHNA

सपनों में तुम, अपनों में तुम , देखूँ जिधर तू ही तू हैस्वासों में तू , धड़कन में तू , रग रग में तू है समाया |फेरता नज़र जिध...
22/01/2026

सपनों में तुम, अपनों में तुम , देखूँ जिधर तू ही तू है
स्वासों में तू , धड़कन में तू , रग रग में तू है समाया |

फेरता नज़र जिधर भी , तू ही तू आये नज़र,
छोड़के तुझको साँवरे , बोल जाऊँ मैं किधर,
फूलों में तू, कलियों में तू, चारो तरफ तेरी माया ||

श्याम कहे जब गाऊँ, बाँसुरी बजाता है तू,
प्यारी धुन पे तेरी, सबको नचाता है तूँ ,
देखा मैंने सारा जहाँ, इस दिल को , बस तू ही भाया ||

''जय श्री राधे कृष्णा ''

🛕 श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगाँठ के शुभ एवं पावन अवसर पर समस्त देशवा...
22/01/2026

🛕 श्री राम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगाँठ के शुभ एवं पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

🚩 यह ऐतिहासिक दिवस हमारी सनातन परंपरा, अपार श्रद्धा और सदियों के संघर्ष के बाद प्राप्त उस गौरवपूर्ण क्षण का स्मरण कराता है, जब आस्था ने इतिहास का रूप लिया।

✨ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आदर्श, संस्कार और संदेश हम सभी के जीवन को सदैव प्रेरित करता रहे।

्री_राम 🚩

✨🌼 बृहस्पतिवार व्रत कथा | गुरु कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि 🌼✨गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित...
22/01/2026

✨🌼 बृहस्पतिवार व्रत कथा | गुरु कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि 🌼✨

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन बृहस्पतिवार व्रत कथा का श्रद्धा से पाठ करने से जीवन में धन, वैभव, ज्ञान, सौभाग्य और मानसिक शांति का वास होता है।

📿 मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से गुरुवार का व्रत रखते हैं, पीले वस्त्र धारण करते हैं और गुरु भगवान की पूजा करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर होते हैं और भाग्य प्रबल होता है।

🙏 यदि आप भी गुरुवार व्रत की पूरी कथा, विधि और महत्त्व जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक पर अवश्य पढ़ें:

🌼 गुरु कृपा सभी पर बनी रहे 🌼

#बृहस्पतिवार_व्रत #गुरुवार_व्रत #भगवान_विष्णु धार्मिक_कथा सनातन_धर्म 🙏

"जिसके दिल में महादेव बसते हैं…उसकी किस्मत खुद राह बनाती है 🔱"महादेव मेरे साथ हैं 🙏 शुभ रात्रि 🙏
05/01/2026

"जिसके दिल में महादेव बसते हैं…
उसकी किस्मत खुद राह बनाती है 🔱"

महादेव मेरे साथ हैं 🙏 शुभ रात्रि 🙏

🌹मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया🌹जमुना के तट पे विराजे हैंमोर मुकुट पर कानों में कुंडल🌹कर में मुरलिया साजे है🌹
05/01/2026

🌹मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया🌹
जमुना के तट पे विराजे हैं
मोर मुकुट पर कानों में कुंडल
🌹कर में मुरलिया साजे है🌹

        ji 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
01/01/2026

ji 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

श्री नारायण हरि की कृपा से नव बर्ष 2026 मंगलमय एवं खुशियों से भरा रहे । श्री राधे राधे राधे ।
01/01/2026

श्री नारायण हरि की कृपा से नव बर्ष 2026 मंगलमय एवं खुशियों से भरा रहे । श्री राधे राधे राधे

भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन का चित्रणयह चित्र हिंदू धर्म की पवित्र परंपरा से प्रेरित एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करता है,...
31/12/2025

भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन का चित्रण
यह चित्र हिंदू धर्म की पवित्र परंपरा से प्रेरित एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अपने चार भुजाओं वाले विष्णु रूप में ऋषियों को दर्शन दे रहे हैं। चित्र का मुख्य केंद्र बिंदु भगवान कृष्ण हैं, जो नीले रंग की दिव्य कांति से सुशोभित हैं। उनका शरीर श्यामवर्णीय है, जो आकाश की गहराई और अनंतता का प्रतीक है। सिर पर मोर मुकुट विराजमान है, जिसमें मोर पंख की शोभा अद्भुत लग रही है। मुकुट पर रत्न जड़ित हैं, जो उनकी दिव्यता को और अधिक उजागर करते हैं। उनके हाथों में चार दिव्य आयुध हैं – एक हाथ में शंख (पांचजन्य), दूसरा सुदर्शन चक्र, तीसरा कमल पुष्प और चौथा आशीर्वाद की मुद्रा में उठा हुआ है। पीतांबर धारण किए हुए वे गले में वनमाला और कौस्तुभ मणि पहने हुए हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान है, जो करुणा, प्रेम और शांति का संदेश देती है। उनके चारों ओर सुनहरी आभा है, जो स्वर्गीय प्रकाश की तरह फैली हुई है, मानो पूरा वातावरण उनकी दिव्य ऊर्जा से आप्लावित हो गया हो।
चित्र के ऊपरी भाग में स्वर्ग लोक का दृश्य है, जहां देवता, अप्सराएं और अन्य ऋषि बादलों पर बैठे हुए भगवान की स्तुति कर रहे हैं। वे हाथ जोड़कर प्रणाम कर रहे हैं, और उनके चेहरे पर आश्चर्य तथा भक्ति की भावना झलक रही है। कुछ देवता वीणा बजा रहे हैं, तो कुछ फूल बरसा रहे हैं। यह दृश्य भगवत पुराण और महाभारत की उन कथाओं की याद दिलाता है, जहां भगवान विष्णु या कृष्ण अपने दिव्य रूप में देवताओं और ऋषियों को दर्शन देते हैं।
नीचे की ओर पृथ्वी पर कई ऋषि-मुनि घुटनों के बल बैठे हुए हैं। वे सफेद वस्त्र धारण किए हुए हैं, लंबी दाढ़ी और जटाएं हैं, जो उनकी तपस्या का प्रतीक हैं। उनके हाथ नमस्कार मुद्रा में जुड़े हुए हैं, और वे भगवान की ओर श्रद्धा भरे नेत्रों से देख रहे हैं। उनके चेहरे पर आनंद, विस्मय और भक्ति का मिश्रित भाव है। कुछ ऋषि आंखें बंद करके ध्यान में लीन हैं, तो कुछ मुस्कुराते हुए भगवान का गुणगान कर रहे हैं। पृष्ठभूमि में हरी-भरी वनस्पति, नदी का प्रवाह और फूलों से सजा हुआ परिदृश्य है, जो बद्रीनाथ या किसी पवित्र तीर्थ स्थल की याद दिलाता है। पूरा वातावरण शांत और दिव्य है, जहां पृथ्वी और स्वर्ग का मिलन हो रहा है।
यह चित्र भगवान कृष्ण की लीला और उनके अवतार के महत्व को दर्शाता है। श्रीकृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार हैं, जो धर्म की स्थापना के लिए धरती पर अवतरित हुए। उनका चार भुजाओं वाला रूप सृष्टि के पालनहार विष्णु का प्रतीक है। शंख धर्म की घोषणा करता है, चक्र अज्ञान का नाश, कमल सौंदर्य और पवित्रता, तथा आशीर्वाद मुद्रा भक्तों पर कृपा। ऋषियों को दर्शन देना यह संदेश देता है कि सच्ची तपस्या और भक्ति से भगवान स्वयं दर्शन देते हैं। जैसे भागवत पुराण में वर्णित है कि कृष्ण ने कई ऋषियों को अपना दिव्य रूप दिखाया, उसी प्रकार यह चित्र भक्ति की शक्ति को उजागर करता है।
इस दृश्य में भगवान की कृपा से ऋषियों के हृदय में ज्ञान का प्रकाश फैल रहा है। वे समझ रहे हैं कि कृष्ण ही परम ब्रह्म हैं, जो सृष्टि के रचयिता, पालक और संहारक हैं। चित्र देखने वाले को भी यही अनुभूति होती है कि भगवान सर्वव्यापी हैं। उनकी मुस्कान भक्तों को आश्वासन देती है कि वे हमेशा हमारे साथ हैं। यह चित्र न केवल धार्मिक है, बल्कि कलात्मक रूप से भी उत्कृष्ट है। रंगों का संयोजन – नीला, पीला, सुनहरा और हरा – आंखों को सुकून देता है। प्रकाश और छाया का खेल दिव्यता को जीवंत बनाता है।
अंत में, यह चित्र हमें सिखाता है कि जीवन में भक्ति, श्रद्धा और तपस्या से हम भगवान के दिव्य दर्शन प्राप्त कर सकते हैं। जय श्रीकृष्ण! हरि ॐ तत्सत्। यह दृश्य देखकर मन शांत हो जाता है और हृदय भक्ति से भर जाता है। भगवान कृष्ण की यह लीला हमें याद दिलाती है कि वे न केवल युद्धक्षेत्र में गीता का उपदेश देने वाले हैं, बल्कि तपस्वियों के हृदय में भी निवास करने वाले हैं।

🌼 জয় শ্রী গৌরাঙ্গ মহাপ্রভু • জয় নিত্যানন্দ প্রভু 🌼হৃদয় ভরে উঠছে অপরিসীম আনন্দে—এই অপূর্ব দর্শনে শ্রীশ্রী গৌর-নিতাইয়ের...
31/12/2025

🌼 জয় শ্রী গৌরাঙ্গ মহাপ্রভু • জয় নিত্যানন্দ প্রভু 🌼
হৃদয় ভরে উঠছে অপরিসীম আনন্দে—
এই অপূর্ব দর্শনে শ্রীশ্রী গৌর-নিতাইয়ের করুণাময় যুগল রূপ যেন আমাদের অন্তরে নামিয়ে আনছে বৈকুণ্ঠের শান্তি ও প্রেম। উভয় করযুগল উর্ধ্বে উত্তোলিত—এই ভঙ্গিই সাক্ষ্য দিচ্ছে মহাপ্রভুর মহাদান, হরিনাম সংকীর্তনের অমৃতধারা।
✨ গৌরাঙ্গ মহাপ্রভু—রাধাভাব ও কান্তিতে বিভূষিত শ্রীকৃষ্ণ স্বয়ং, যিনি পতিত-উদ্ধারক রূপে এই কলিযুগে অবতীর্ণ হয়ে বিনামূল্যে দান করেছেন কৃষ্ণপ্রেম।
✨ নিত্যানন্দ প্রভু—অপরিমেয় দয়া ও করুণার আধার, যাঁর কৃপা ছাড়া গৌরকৃপা লাভ অসম্ভব। তিনি গৃহে গৃহে গিয়ে নাম বিতরণ করেছেন, অপরাধকেও করেছেন ক্ষমা।
🌼 গলায় শ্বেত পুষ্পমালা, দেহে কান্তিময় পীতাম্বর, অলংকারে শোভিত এই যুগল মূর্তি যেন ঘোষণা করছেন—
“নাম লও, প্রেম পাও—ভয় করো না।”
📿 তাঁদের চরণে আশ্রয় নিলে অহংকার গলে যায়, হৃদয় হয় কোমল, আর জীবন ভরে ওঠে সেবার আনন্দে। এই যুগল দর্শন আমাদের স্মরণ করিয়ে দেয়—
ভক্তির পথই সর্বশ্রেষ্ঠ, নামই একমাত্র অবলম্বন।
🙏 আসুন, আমরা সকলে মিলিত হয়ে প্রার্থনা করি—
হে গৌর-নিতাই!
আমাদের অন্তরে দৃঢ় বিশ্বাস দাও,
নিরপরাধ নামজপের শক্তি দাও,
এবং শ্রীশ্রী রাধাকৃষ্ণের চরণে অচঞ্চল ভক্তি দান করো।
🌺 নিত্যানন্দ! গৌরাঙ্গ! হরিবোল! 🌺
🌼 জয় শচীনন্দন • জয় গৌরাঙ্গ মহাপ্রভু🌼
🕉️🕉️🕉️🕉️হরে কৃষ্ণ 🕉️🕉️🕉️🕉️

31/12/2025

🙏🙏

.      रात्रि विश्राम से पहले एक प्यारी सी       हाजिरी श्री जी के चरणों में हो जाए 🙏      ༺꧁!! श्री Զเधॆ Զเधॆ !!꧂༻
30/12/2025

. रात्रि विश्राम से पहले एक प्यारी सी
हाजिरी श्री जी के चरणों में हो जाए 🙏
༺꧁!! श्री Զเधॆ Զเधॆ !!꧂༻

।।🌹💦🌞 #शुभ रात्रि 🌞💦🌹।।💢☘️👏 #जय जय श्री राम जी 👏☘️💢⛳️🙏 #जय वीर हनुमान जी 🙏⛳️🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉*हनुमान के चेहरे से एक नूर टपकता ...
30/12/2025

।।🌹💦🌞 #शुभ रात्रि 🌞💦🌹।।
💢☘️👏 #जय जय श्री राम जी 👏☘️💢
⛳️🙏 #जय वीर हनुमान जी 🙏⛳️
🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉
*हनुमान के चेहरे से एक नूर टपकता है।*
*मुखङे पे सदा इसके,एक तेज चमकता है।।*
👏🪷
श्री राम की सेवा का,
परिणाम है बजरंगी
अनहोनी कर देता,
वो नाम है बजरंगी
*दुष्टों की खातिर ये,शोले सा दहकता है।।*
👏🪷
श्री राम से भक्ति मिली,
सीता से शक्ति मिली
भक्तों की श्रेणी में,
इसे पहली पंक्ति मिली
*भक्ति रस से इसका,हर रोम छलकता है।। #
👏🪷
जिसपे खुश हो जाता,
श्री राम से मिलवाता
उसकी रक्षा खातिर, #
ये काल से भिङ जाता
*हर पल का रखवाला,ये कभी ना थकता है।।*
👏🪷
इस भक्त शिरोमणि को,
मैं शीश नवाता हूँ
दिल की एक छोटी सी,
फरियाद सुनाता हूँ
*श्री राम के दरस करा, दिल ये तरसता है।
🙏जय श्री राम जी 🙏जय वीर हनुमान जी 🙏

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