23/09/2026
राहते-रूहे पैग़म्बर, सरवर-ए-अहले-विलायत,
परतवे सिद्दीक़े अकबर, रौनक़े-बुस्ताने ज़हरा, ज़िल्ले-फ़ारूक़े-जहाँ, दौलते-आग़ोशे-उस्माँ, ज़ीनत-ए-सहन-ए-अली, शम्अ-ए-दीन-ए-मुबीन, रहबर-ए-राह-ए-यक़ीं, सय्यदो सुल्तान-ए-दीं, लम्आ़-ए-नूर-ए-हुदा, जल्वा-ए-सुब्हो-सफ़ा, रहनुमाए औलिया, नाख़ुदाए अस्फ़िया, पीर-ए-पीराँ, शाह-ए-जीलाँ, बादशाह-ए-उ़रफ़ा, क़ासिम-ए-इरफ़ाँ, क़ुत्ब-ए-रब्बानी, शहबाज़-ए-लामकानी, क़िन्दील-ए-नूरानी, ग़ौस-ए-समदानी, महबूब-ए-सुब्हानी, बड़े पीर, रोशन ज़मीर, हम सब के दस्तगीर, सय्यिदुना अबू मुहम्मद, मुहियुद्दीन, शैख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी, हसनी हुसैनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के उश्शाक़ को ग्यारहवीं की ख़ूब-ख़ूब मुबारकबाद।
मुफ़्ती-ए-नानपारा फ़रमाते हैं:
ग्यारहवीं करते हैं, क्या धूम मचाते हैं रजब
अहले-ईमानो, मुहिब्बाने रबीउल आख़िर
✍🏼 फ़क़ीर मुहम्मद ख़ालिद रज़ा क़ादरी
ख़ादिम ख़ानक़ाह-ए-क़ादरिया रजबिया व मदरसा अज़ीज़ुल उलूम, नानपारा