Guntligdh Jagir of G N Gusai

Guntligdh Jagir of G N Gusai OLD >>>HISTRYCL TEMPLE IN KUTCH>>

09/07/2022

ગુંતલી ગઢ

14/11/2020

सुख समृधि आपको मिले इस दीवाली पर,
दुख से मुक्ति मिले इस दीवाली पर,
माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद हो आपके साथ
और लाखों खुशिया मिले इस दीवाली पर.
! शुभ दीवाली !

Devi maa
23/10/2020

Devi maa

Aaj ke darshan 🙏
22/10/2020

Aaj ke darshan 🙏

उचिया पहड़ा लहर माता, हम पे तेरी दयातेरे नैनों मैं है ज्वाला, और चारो मुझे गंगा बहे  और  चरणो मे गंगा बहेबोल साचे दरबार ...
21/10/2020

उचिया पहड़ा लहर माता, हम पे तेरी दया

तेरे नैनों मैं है ज्वाला, और चारो मुझे गंगा बहे
और चरणो मे गंगा बहे

बोल साचे दरबार की जय

🙏🙏🙏🙏🙏

Navratrii
20/10/2020

Navratrii

Jay parshuram
25/04/2020

Jay parshuram

Jay bhole ...🙏
20/08/2015

Jay bhole ...🙏

Jay mAtaJi....
16/05/2015

Jay mAtaJi....

Jay mAhAkAl ...hv a G00!) s(_)|\||}Y....
19/04/2015

Jay mAhAkAl ...hv a G00!) s(_)|\||}Y....

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर |जय कपीस तिहुं उजागर ||राम दूत अतुलित बल धामा |अंजनी पुत्र पवन सुत नामा ||महाबीर बिक्रम बजरंगी|...
04/04/2015

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर |
जय कपीस तिहुं उजागर ||
राम दूत अतुलित बल धामा |
अंजनी पुत्र पवन सुत नामा ||

महाबीर बिक्रम बजरंगी|
कुमति निवार सुमति के संगी ||
कंचन बरन बिराज सुबेसा |
कानन कुण्डल कुंचित केसा ||

हाथ वज्र औ ध्वजा विराजे|
काँधे मूंज जनेऊ साजे||
संकर सुवन केसरी नंदन |
तेज प्रताप महा जग बंदन||

विद्यावान गुनी अति चातुर |
राम काज करिबे को आतुर ||
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया |
राम लखन सीता मन बसिया ||

सुकसम रूप धरी सियहि दिखावा |
बिकट रूप धरी लंक जरावा ||
भीम रूप धरी असुर संहारे |
रामचंद्र के काज संवारे ||

लाय संजीवनी लखन जियाये |
श्रीरघुवीर हरषि उर लाये ||
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई |
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ||

सहस बदन तुम्हरो जस गावे |
अस कही श्रीपति कंठ लगावे ||
सनकादिक ब्रह्मादी मुनीसा|
नारद सारद सहित अहीसा ||

जम कुबेर दिगपाल जहा ते|
कबि कोबिद कही सके कहा ते||
तुम उपकार सुग्रीवहीं कीन्हा |
राम मिलाय राज पद दीन्हा ||

तुम्हरो मंत्र विभिषण माना |
लंकेश्वर भए सब जग जाना ||
जुग सहस्र योजन पर भानू |
लील्यो ताहि मधुर फल जाणू ||

प्रभु मुद्रिका मेली मुख माहीं|
जलधि लांघी गए अचरज नाहीं||
दुर्गम काज जगत के जेते |
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ||

राम दुआरे तुम रखवारे |
होत न आग्यां बिनु पैसारे ||
सब सुख लहै तुम्हारी सरना |
तुम रक्षक काहू को डरना ||

आपन तेज सम्हारो आपे |
तीनों लोक हांक ते काँपे ||
भुत पिशाच निकट नहिं आवे |
महावीर जब नाम सुनावे ||

नासै रोग हरे सब पीरा |
जपत निरंतर हनुमत बीरा ||
संकट से हनुमान छुडावे |
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै||

सब पर राम तपस्वी राजा |
तिन के काज सकल तुम साजा ||
और मनोरथ जो कोई लावे |
सोई अमित जीवन फल पावे ||

चारों जुग प्रताप तुम्हारा |
है प्रसिद्ध जगत उजियारा ||
साधु संत के तुम रखवारे |
असुर निकंदन राम दुलारे ||

अष्ट सिद्धि नौनिधि के दाता |
अस बर दीन जानकी माता ||
राम रसायन तुम्हरे पासा |
सदा रहो रघुपति के दासा ||

तुम्हरे भजन राम को पावे |
जनम जनम के दुःख बिस्रावे ||
अंत काल रघुबर पुर जाई |
जहा जनम हरी भक्त कहाई ||

और देवता चित्त न धरई |
हनुमत सेई सर्व सुख करई||
संकट कटे मिटे सब पीरा |
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ||

जय जय जय हनुमान गोसाई |
कृपा करहु गुरु देव के नाइ ||
जो सत बार पाठ कर कोई |
छूटही बंदी महा सुख होई ||

जो यहे पढे हनुमान चालीसा |
होय सिद्धि साखी गौरीसा ||
तुलसीदास सदा हरी चेरा |
कीजै नाथ हृदये मह डेरा ||

दोहा

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूर्ति रूप |
राम लखन सीता सहित , ह्रुदय बसहु सुर भूप ||

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DESHALPAR GUNTLI
Nakhtrana
370605

Telephone

9974946202

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