Neeb karoli baba

Neeb karoli baba जय श्री राम 🌺🌼 You will meet God.” The lecturer was puzzled and said, “I will not be able to undertake this difficult task. Do not see anyone’s face.
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A lecturer from Allahabad University asked Baba, “How can I have God’s darshan?” Baba immediately replied, “Go to a forest in search of God on a dark night without a light or weapon. Tell me a simpler method.” Baba said, “Man is very selfish. Live in total solitude and you will have his darshan.” The lecturer said, “I have to live in society. How can I isolate myself? So tell me a method easier th

an this.” Baba said, “Well, while living among people, do not speak to anyone. Observe silence.” The lecturer explained his position saying, “Teaching is my profession, so I cannot observe silence.” Baba then suggested to him that he could speak while teaching and observe silence at all other times. At this he said, “It is not possible, as I have to seek guidance from my seniors at the university.” At last, telling him about the simplest method, Baba said, “Speak to everyone, but do not greet anyone, and if someone greets you, go on your way without looking at him.” The lecturer, explaining his difficulty again said, “It would be bad manners and people would form a bad opinion of me.” At this Baba said, “You concern yourself with the opinion of others and forget about your desire to have God’s darshan.”

07/10/2025

अहिरावण

02/10/2025
Jai bappa ki
22/06/2025

Jai bappa ki

जय हनुमानजय सियाराम 🌼🌺🌻
15/06/2024

जय हनुमान
जय सियाराम 🌼🌺🌻

🙏राम राम🙏आज 11 सितंबर हैं आज के दिन ही 11/09/1973 को पूज्य बाबा नींब करोरी जी इस संसार को त्याग कर ब्रह्मलीन हुये थे 🙏सी...
11/09/2023

🙏राम राम🙏
आज 11 सितंबर हैं आज के दिन ही 11/09/1973 को पूज्य बाबा नींब करोरी जी इस संसार को त्याग कर ब्रह्मलीन हुये थे 🙏
सीताराम

  में दर्शाएं गए संवाद व दृश्य निंदनीय है, यह फ़िल्म समाज को भ्रमित करने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है।जय सियाराम...
17/06/2023

में दर्शाएं गए संवाद व दृश्य निंदनीय है, यह फ़िल्म समाज को भ्रमित करने के उद्देश्य से बनाई गई प्रतीत होती है।
जय सियाराम।। जय हनुमान 🌺🚩

सच्ची घटना करीब 95 साल पहले की बात है। राजस्थान के अलवर इलाके में एक गड़रिया भेड़ चराते हुए जंगल में चला गया। अचानक किसी...
21/04/2023

सच्ची घटना

करीब 95 साल पहले की बात है। राजस्थान के अलवर इलाके में एक गड़रिया भेड़ चराते हुए जंगल में चला गया। अचानक किसी ने उसे कहा कि यहाँ बकरियां चराना मना है। बातों-बातों में पता चला कि वो इलाके का तहसीलदार था। दोनों में बात होने लगी। पता चला कि बहुत कोशिश के बाद भी तहसीदार को बच्चे नहीं होते। गड़रिये ने उनसे कहा कि आप दौसा के बालाजी हनुमानजी के मंदिर जाकर बेटा मांग लो, मिल जायेगा ।

न जाने क्यों तहसीलदार ने उस गड़रिए की बात मान ली। उन्होंने हनुमान जी से कहा कि अगर मेरा बेटा हो जायेगा तो मैं उसे यहीं इसी मंदिर में सेवा के लिए छोड़ जाऊंगा। इस बात का ज़िक्र उन्होंने अपनी पत्नी से भी नहीं किया। मन्नत मांगने के एक साल के अंदर उन्हें बेटा नसीब हो गया, लेकिन बाप का प्यार अब आड़े आ गया। उन्होंने हनुमानजी से कहा कि मैं अपना वचन पूरा नहीं कर सकता। आपका ये ऋण मुझ पर रहेगा ।

वो बेटा बड़ा होने लगा, शिक्षा की उम्र तक आया तो पिताजी ने उसे हरिद्वार के एक बड़े विद्वान प्रभुदत्त ब्रह्मचारी जी के यहाँ पढ़ने भेज दिया। लड़के में अद्धभुत क्षमता थी उसे रामायण कंठस्थ थी। बिना पढ़े वो रामायण का पाठ करने लगा। उसकी ख्याति दूर दूर तक फ़ैल गयी और वो साधु सन्यासियों और बड़े बड़े उद्योगपतियों के घर रामायण पाठ करने लगा। जवान होने पर उसकी शादी भी हो गयी। एक दिन देश के बड़े उद्योगपति जुगल किशोर बिरला ने अखबार में विज्ञापन दिया कि दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर यानी बिरला मंदिर में हनुमान जी को रामायण पढ़कर सुनानी है। उसके लिए उस व्यक्ति का टेस्ट खुद बिरला जी लेंगे। तय तारीख पर नारायण स्वामी अपनी पत्नी के साथ बिरला निवास पहुंच गए ! बहुत से और लोग भी बिरला जी को रामायण पढ़कर सुना रहे थे। जब नारायण बाबा का नंबर आया तो उन्होंने बिना रामायण हाथ में लिए पाठ शुरू दिया। बिरला जी के अनुग्रह पर नारायण ने हारमोनियम पर गाकर भी रामायण सुना दी।

बिरला जी भाव विभोर हो गए। नौकरी पक्की हो गयी। सस्ते ज़माने में 350 रुपए की पगार, रहने के लिए बिरला मंदिर में एक कमरा और इस्तेमाल के लिए एक कार भी नारायण बाबा को दे दी गयी। जीवन बेहद सुकून और आराम का हो गया। रूपया पैसा, शौहरत और देश के सबसे बड़े उद्योगपति से नज़दीकियां।

बिरला जी के एक गुरु थे नीम करोली बाबा। बेहद चमत्कारी संत थे वो। जैसे ही वो वृन्दावन से दिल्ली आये तो बिरला जी ने उन्हें प्रसन्न करने के लिए नारायण बाबा का एक रामायण पाठ रख दिया। बिरला जी ने नीम करोली बाबा से कहा कि एक लड़का है जो रामायण गाकर सुनाता है। नीम करोली बाबा ने कहा कि मुझे भी उस लड़के से मिलना है ! जैसे ही नारायण बाबा कमरे में गये तो नीम करोली बाबा ने कहा कि तेरे बा'प ने हनुमान जी से धोखा किया है। नारायण बाबा अपने पिता की खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे, लेकिन तय हुआ कि अगर नीम करोली बाबा की बात सच्ची है तो वो उन्हें गुरु रूप में स्वीकार कर लेंगे। तभी के तभी नारायण बाबा अलवर रवाना हो गए और अपने पिता से कहा कि एक संत आपको हनुमान जी का ऋणी बता रहा है और आपको धोखेबा'ज भी । नारायण बाबा के पिता ने कहा की वो संत हनुमान जी ही हो सकते हैं क्योंकि ये बात सिर्फ उन्हें ही पता है। पिता की बात सुनकर नारायण बाबा वापस चले आये और नीम करोली बाबा को अपना गुरु स्वीकार कर लिया ।

नीम करोली बाबा ने आदेश दिया कि नारायण तेरा जनम हनुमान जी की सेवा के लिए हुआ है इसीलिए छोड़ लाला की नौकरी। गुरु आदेश मिलते ही नारायण बाबा ने नौकरी छोड़ दी और दिल्ली के मेहरौली इलाके में एक जंगल में एक गुप्त मंदिर में आश्रय लिया। बिरला मंदिर से निकल कर सांप, भूतों और एक अनजाने जंगल में हनुमान जी की सेवा शुरू कर दी। नीम करोली बाबा ने आदेश दिया कि किसी से एक रूपया भी नहीं लेना है और हर साल नवरात्रे में लोगों का भंडारा करना है ।

बड़ी अजीबोगरीब बात है कि एक पैसा भी किसी से नहीं लेना और हर साल हज़ारों लोगों को खाना भी खिलाना है लेकिन गुरु ने जो कह दिया वो पत्थर पर लकीर है। बिना सोच के उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया ! नीम करोली बाबा ने बिरला से कहकर नारायण बाबा की पत्नी को घर चलाने के पैसे हर महीने दिलवा दिए लेकिन नारायण बाबा को पैसे से दूर रखा। 1969 से आज तक इस मंदिर से हर साल दो बार नवरात्रे में हज़ारों लोग भंडारा खाकर जाते हैं। किसी को आज तक इस मंदिर में पैसे चढ़ाते नहीं देखा गया लेकिन हाँ प्रसाद पाते सबको देखा है J.J

जय श्री राम, जय हनुमान 🚩

*गाड़ी में पेट्राेल नहीं है तो टंकी में पानी डाल दो*......कैंची धाम में उस रात बाबा नीमकरोरी की गाड़ी में पेट्रोल कम था ...
09/12/2022

*गाड़ी में पेट्राेल नहीं है तो टंकी में पानी डाल दो*......कैंची धाम में उस रात बाबा नीमकरोरी की गाड़ी में पेट्रोल कम था चालक ने पेट्रोल भरवा लाने को कहा तो बाबाजी ने मना कर दिया |कुछ देर बाद अचानक बोल पड़े कि हबीबुल्ला गाड़ी निकालो अल्मोड़ा चलना है हाड़ कंपाती ठंड में चालक हबीबुल्ला बाबाजी को लेकर दुखी मन से अल्मोड़ा की आेर चल पड़ा |वह मन ही मन सोच रहा था कि अब वह बाबाजी की नौकरी छोड़ देगा |तभी 5 किलोमीटर चलने के बाद रानीघाट के ढ़ाल के पास पहुंचकर गाड़ी खड़ी हो गयी अब चालक जंगल में रात बिताने की बात सोचकर घबराने लगा |तभी बाबाजी ने पास ही स्थित जलश्रोत से तीन कैन पानी भरकर टंकी में डालने को कहा चालक ने यह सोचते हुये कि सुबह तो उसे नौकरी छोड़कर जाना ही है खीजते हुये पानी टंकी में डाल दिया तथा कंबल लेकर दूर जाकर बैठ गया |वह सोचने लगा कि अब तो यह निश्चित है कि रात भर जंगल में ठिठुरना पड़ेगा तभी बाबाजी ने कड़क आबाज में उसे आदेश दिया कि कंबल गाड़ी में रख तथा तेज गति से अल्मोड़ा के लिये चल | देर बहुत हो गयी है ........और यह क्या गाड़ी तत्काल स्टार्ट हो गयी.....बाबाजी पूरी रात न जाने कहां कहां घूमकर सुबह कैंची धाम वापस आ गये चालक हबीबुल्ला ने भी नौकरी छोड़कर जाने का इरादा पूरी तरह त्याग दिया..
बाबा नीबकरौली महाराज जी की सदा ही जय,,,, जय श्री सीताराम🙏 जय श्री महावीर हनुमान जी की जय

🌼 जय सिया राम,जय हनुमान 🌺🌻
27/11/2022

🌼 जय सिया राम,जय हनुमान 🌺🌻

12/06/2022

15 hune 2022
kainchi dhham chalo
🍎🙏

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