05/09/2026
सीता राम! सत्य कथन Anoop Mishra जी! महाराज जी कल्याण करें!
Sita Ram… हनुमान अंश। अद्भुत अनुभव और बेहतरीन अभिनय!
वर्किंग डे होने के बावजूद पूरा हॉल खचाखच भरा था। बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग, तीन पीढ़ियाँ एक साथ फ़िल्म देख रही थीं। कई वर्षों बाद सिनेमाघर में ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहाँ पूरा परिवार एक साथ मनोरंजन का हिस्सा बना हो। वरना आजकल तो कई बार घर में भी तीन पीढ़ियाँ एक साथ बैठकर टीवी नहीं देख पातीं!
फ़िल्ममेकर्स, मार्केटिंग और रिसर्च एजेंसियाँ भी शायद इसी सवाल में उलझी हैं कि आखिर इस देश को कैसा कंटेंट परोसा जाए और इसे किस सेगमेंट में रखा जाए। क्योंकि भारत में कुछ भी पूरी तरह predictable नहीं है।
अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर मैं इतना जरूर कह सकता हूँ कि इस देश और इसके लोग मूलतः बेहद सहज, सरल और भावनात्मक हैं। शायद इसीलिए हमारी जड़ों में सनातन की वह सहजता आज भी जीवित है।
हम जीवन में शांति चाहते हैं, रिश्तों को महत्व देते हैं और अनावश्यक दिखावे की दुनियादारी से दूर रहना पसंद करते हैं।यही हमारा बेसिक डीएनए है!
पिछले कुछ दशकों में आधुनिकता के नाम पर हमे ठगा गया है, या कहें हमारे दिलो दिमाग पर ज़बरदस्ती थोपा गया है। लेकिन शायद हमारी सबसे बड़ी ताकत आज भी वही सरलता, परिवार और सामाजिक समरसता है।
कंटेंट की दुनिया को शायद अब यह समझना होगा कि भारत को सिर्फ ट्रेंड्स और सेगमेंट्स से नहीं समझा जा सकता।
भारत को समझने के लिए भारत के डीएनए को समझना होगा।
और शायद यही इस फिल्म का सबसे खूबसूरत संदेश भी है।