Kainchi Dham Aasram

Kainchi Dham Aasram Miracle of love
Baba Neem krori Maharaj �

Jai guru dev 🙏
15/09/2025

Jai guru dev 🙏

10/01/2025

🌸 राम - राम 🌸 जय गुरु देव ❤️🙏

🕉️ Ram -Ram 🕉️ -Shri Neem karoli Baba 🚩🙏
18/12/2023

🕉️ Ram -Ram 🕉️ -Shri Neem karoli Baba 🚩🙏

🌺🌺🌺🌺🌺🙏🙏🙏🙏🙏*जय सियाराम**जय बजरंग बलि हनुमान**जय नीब करौरी महाराज**जय सिद्धि माँ*🙏🙏🙏🙏🙏🌺🌺🌺🌺🌺
27/11/2023

🌺🌺🌺🌺🌺
🙏🙏🙏🙏🙏
*जय सियाराम*
*जय बजरंग बलि हनुमान*
*जय नीब करौरी महाराज*
*जय सिद्धि माँ*
🙏🙏🙏🙏🙏
🌺🌺🌺🌺🌺

*जय करूणानिधान बाबा🪷😇..**पराठे, सब्जी, खीर🍱..*एक बार बाबा के एक भक्त कैंची में मंगलवार का व्रत रखे थे। मंगलवार को हनुमान...
28/08/2023

*जय करूणानिधान बाबा🪷😇..*
*पराठे, सब्जी, खीर🍱..*

एक बार बाबा के एक भक्त कैंची में मंगलवार का व्रत रखे थे। मंगलवार को हनुमान जी के भंडारे की सेवा के कारण वो भोजन फलाहार ले नहीं पाए। वो भण्डारी भी जिसको इनको भोजन प्रसाद देना था वो भी उन्हें दूध - खीर देना भूल गया। रात पड़ गयी, लेकिन बाबा से भला क्या छिप सकता था। रात को भक्त को बाबा ने अपनी कूटी में बूला लिया और पूछा, "तूने खाना खाया।" वे झूठ बोला, "हाँ महाराज खा लिया।" तभी बाबा जी ने भण्डारी बुलावा भेजा और उसको नींद से जगाकर पूछा "तूने इन्हें भोजन दिया।" वे बोला मैं भूल गया बाबा। बाबा ने उसे डाँटकर भगा दिया। और तुरंत अपने कम्बल से पाँच पराँठे और दो सब्ज़ियाँ निकाल कर उसे खाने को दी और बोले, "आधी रात से उपर समय हो गया है, अब नया दिन आ गया अब तू प्रसाद पा ले बेटा।" उसने वहीं भोजन किया, फिर बाबा जी ने उसे कम्बल से खीर भी निकाल कर खिलाई, फिर अपने पात्र में पानी भी पिलाया और उससे बोले किसी से न बताना।" भक्त बाबा की कृपा पा कर अपने को भाग्यशाली मानने लगा।

जय गुरूदेव भगवान🪷..
रहस्यदर्शी श्री नीब करौरी बाबा🪷🙇‍♂️..

*जय हनुमान जी🙇‍♂️.**(निर्मल मन जन सो मोही पावा)...*कानपुर के एक बड़े उद्योगपति की माता जी के बहुत आग्रह करने पर एक दिन ब...
22/08/2023

*जय हनुमान जी🙇‍♂️.*
*(निर्मल मन जन सो मोही पावा)...*

कानपुर के एक बड़े उद्योगपति की माता जी के बहुत आग्रह करने पर एक दिन बाबा जी ड्राईवर बृजलाल के साथ माता जी की कोठी महल पर पहूँच गये। मारवाड़ी उद्योगपति के घर सोने - चाँदी के पात्रों में तरह तरह के व्यंजन देख कर बाबा जी का विरागी मन विचलित हो गया और गृहस्वामिनी के मन में ऐसे पात्रों में भोजन परोसते शायद कुछ दूसरा भाव आ गया था *(अंहकार का)* बस फिर क्या था कुछ ही देर में बाबा जी ने एक पात्र लेकर उसमें ज़रा ज़रा सा सब व्यंजनों को मिलाना शुरू कर दिया, *माता जी कहते रह गयी "अरे महाराजजी, ये तो खट्टा है, ये तो मीठा है, ये नमकीन है"* पर महाराज जी ने सभी व्यंजनों को घोल मोल बना दिया, सबको एक में मिलाकर दिया और ज़रा सा चखा जबकि ड्राईवर ने सब कुछ अलग - अलग स्वाद ले के खाया। माता जी अपने व्यंजनों की ये हालत देखकर बहुत परेशान हो गई। फिर कुछ देर बाद बाबा जी वापिस चल पड़े और कुछ दूर जाकर ड्राईवर से बोले, *"बृजलाल, हम तो यार भूखे रह गये। चल तेरे घर चलते है।"* ड्राईवर हैरान कि इतना बढ़िया खाना न खाकर बाबा मेरे घर का साधारण रूखा सूखा खाना खायेंगे। पर वे बेचारा क्या समझता कि बाबा क्यूँ भूखे रह गए? ड्राईवर के घर पहँच कर *बाबा जी ने प्रेम से दी हुई सुखी रोटी खाकर अपनी तृप्ति की।* *(निर्मल मन जन सो मोही पावा)...*

जय गुरूदेव
अनंत कथामृत🪷

*जय बाबा महाराज🪷**वह स्पर्श🫷✨⚡*एक बार *रामदास (Richard Alpert)* बाबा महाराज के सामने बैठे थे। रामदास बताते हैं कि "बाबा ...
19/08/2023

*जय बाबा महाराज🪷*
*वह स्पर्श🫷✨⚡*

एक बार *रामदास (Richard Alpert)* बाबा महाराज के सामने बैठे थे। रामदास बताते हैं कि "बाबा जी ने मूझसे कूछ प्रश्न पूछे, फिर एकाएक बाबा मुस्कुराए😊, थोड़ा आगे की ओर झुके, और मेरे माथे पर ०३ बार थपथपाया✋। बस इतना मात्र ही।" इस प्रकार इन थपकियो से बाबा महाराज ने रामदास जी के कई जन्मों के मन के बन्द परदे खोल दिये जिससे कि वे आध्यात्म की सुक्ष्म तंरगो💫 को पा सकें और *पश्चिम जगत (western countries🌎)* के सांस्कृतिक सामाजिक आध्यात्मिक उत्थान के लिये उनको समझा भी सकें। बस वो स्पर्श🫷 और रामदास का पूरा जीवन बदल गया।

जय गुरूदेव🪷
*सोई जानइ जेहि देहू जनाई...*

Address

Kainchi Dham
Nainital

Telephone

+919105987275

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Kainchi Dham Aasram posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Kainchi Dham Aasram:

Share